हरमनप्रीत कौर

कप्तानी का दबाव खत्म,अब सिर्फ बल्लेबाजी का आनंद लेना चाहती हैं हरमनप्रीत कौर,जिम्बाब्वे के खिलाफ खेली नाबाद 91 रन की तूफानी पारी

रायपुर,21 अक्टूबर (युआईटीवी)- भारतीय महिला क्रिकेट टीम की पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर इन दिनों अपने खेल का भरपूर आनंद लेना चाहती हैं। कप्तानी की जिम्मेदारी से मुक्त होने के बाद वह अब बिना किसी अतिरिक्त दबाव के मैदान पर उतरना और अपनी बल्लेबाजी पर ध्यान देना चाहती हैं। मंगलवार को जिम्बाब्वे के खिलाफ तीसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में उन्होंने जिस अंदाज में बल्लेबाजी की, उससे उनकी यह सोच साफ नजर आई। हरमनप्रीत ने महज 41 गेंदों पर नाबाद 91 रन की शानदार पारी खेलकर भारतीय टीम की बड़ी जीत में अहम भूमिका निभाई। उनकी इस विस्फोटक बल्लेबाजी की बदौलत भारत ने मुकाबला 92 रन से जीतकर तीन मैचों की टी20 सीरीज में 3-0 से क्लीन स्वीप किया। हरमनप्रीत को उनके शानदार प्रदर्शन के लिए प्लेयर ऑफ द मैच चुना गया,जबकि शेफाली वर्मा प्लेयर ऑफ द सीरीज रहीं।

जिम्बाब्वे के खिलाफ मुकाबले के बाद पुरस्कार वितरण समारोह में हरमनप्रीत कौर ने अपने खेल और मौजूदा मानसिकता को लेकर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि अब उन्हें किसी तरह का दबाव महसूस नहीं होता और वह मैदान पर अपने खेल का आनंद लेना चाहती हैं। उनके मुताबिक,इस समय उनका मुख्य लक्ष्य अच्छी बल्लेबाजी करना, रन बनाना और क्रिकेट का भरपूर आनंद लेना है।

हरमनप्रीत ने कहा कि वह अपनी बल्लेबाजी से खुश हैं और आगे भी इसी तरह खेलना चाहती हैं। उनके बयान से यह संकेत मिलता है कि कप्तानी की जिम्मेदारी से अलग होने के बाद वह अपने व्यक्तिगत प्रदर्शन और खेल की बारीकियों पर अधिक ध्यान दे पा रही हैं।

भारतीय महिला क्रिकेट में हरमनप्रीत कौर का नाम लंबे समय से आक्रामक बल्लेबाजी और मुश्किल परिस्थितियों में बड़े शॉट खेलने की क्षमता के लिए जाना जाता है। कप्तान के रूप में उन्हें टीम के प्रदर्शन,रणनीति और मैदान पर लिए जाने वाले फैसलों की जिम्मेदारी भी सँभालनी पड़ती थी। अब वह इन अतिरिक्त जिम्मेदारियों से दूर होकर अपने खेल पर ध्यान केंद्रित करना चाहती हैं।

हरमनप्रीत ने अपनी शानदार पारी के बारे में बताते हुए कहा कि शुरुआत में ही पहली बाउंड्री लगाने के बाद उन्हें पिच की स्थिति का अंदाजा हो गया था। उन्हें महसूस हुआ कि पिच बल्लेबाजी के लिए अच्छी है और गेंद बल्ले पर आसानी से आ रही है। इसके बाद उन्होंने बिना ज्यादा सोच-विचार किए अपनी स्वाभाविक शैली में बल्लेबाजी जारी रखने का फैसला किया।

उनकी पारी में आक्रामकता के साथ आत्मविश्वास भी दिखाई दिया। हरमनप्रीत ने जिम्बाब्वे के गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा और भारतीय टीम को बड़े स्कोर तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनकी बल्लेबाजी ने मध्यक्रम को मजबूती दी और टीम की रन गति को लगातार तेज बनाए रखा।

पूर्व कप्तान ने अपनी सफलता का श्रेय नेट्स में की गई मेहनत को भी दिया। उन्होंने बताया कि बल्लेबाजी कोच हिमांशु उनकी तकनीक और खेल पर काफी काम कर रहे हैं। अभ्यास सत्र के दौरान उन्हें उसी तरह का दबाव महसूस कराने की कोशिश की जाती है, जैसा किसी वास्तविक मुकाबले में होता है। इससे मैच के दौरान अतिरिक्त दबाव कम करने और परिस्थितियों के अनुसार सहज होकर खेलने में मदद मिलती है।

हरमनप्रीत के अनुसार,बल्लेबाजी कोच की रणनीति और विचार उनके खेल में सकारात्मक बदलाव लाने में मदद कर रहे हैं। अभ्यास के दौरान दबाव वाली परिस्थितियों का सामना करने से मैच में बेहतर निर्णय लेने और अपनी क्षमता के अनुसार प्रदर्शन करने का आत्मविश्वास मिलता है।

मुकाबले की बात करें तो भारतीय टीम ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला किया। टीम की शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाने की कोशिश सफल रही। सलामी बल्लेबाज शेफाली वर्मा ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 37 गेंदों पर 69 रन बनाए। उनकी पारी में छह चौके और पाँच छक्के शामिल रहे। शेफाली ने शुरुआत से ही जिम्बाब्वे के गेंदबाजों पर दबाव बनाया और भारतीय टीम को मजबूत स्थिति में पहुँचाया।

इसके बाद हरमनप्रीत कौर ने अपनी विस्फोटक बल्लेबाजी से दर्शकों का मनोरंजन किया। उन्होंने 41 गेंदों का सामना करते हुए नाबाद 91 रन बनाए। उनकी पारी में 10 चौके और पाँच छक्के शामिल रहे। हरमनप्रीत ने मैदान के अलग-अलग हिस्सों में शॉट लगाते हुए जिम्बाब्वे के गेंदबाजों को लगातार मुश्किल में रखा।

शेफाली और हरमनप्रीत की शानदार पारियों के दम पर भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवर में सात विकेट के नुकसान पर 216 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। इस लक्ष्य ने जिम्बाब्वे के सामने जीत के लिए कठिन चुनौती पेश की। भारतीय बल्लेबाजों ने आक्रामक खेल के साथ टीम को मजबूत स्थिति में पहुँचाया और मुकाबले पर अपनी पकड़ बना ली।

217 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने संघर्ष करती नजर आई। टीम निर्धारित 20 ओवर में सात विकेट खोकर केवल 124 रन ही बना सकी। इस तरह भारत ने मुकाबला 92 रन के बड़े अंतर से अपने नाम कर लिया।

इस जीत के साथ भारतीय महिला टीम ने तीन मैचों की टी20 अंतर्राष्ट्रीय सीरीज में जिम्बाब्वे का 3-0 से सफाया कर दिया। पूरी सीरीज में भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया। बल्लेबाजी में शेफाली वर्मा और हरमनप्रीत कौर ने अपनी छाप छोड़ी, जबकि टीम के सामूहिक प्रदर्शन ने भारत को निर्णायक बढ़त दिलाने में मदद की।

हरमनप्रीत को तीसरे मुकाबले में उनकी नाबाद 91 रन की पारी के लिए प्लेयर ऑफ द मैच का पुरस्कार मिला। वहीं,शेफाली वर्मा को पूरी सीरीज में शानदार प्रदर्शन करने के लिए प्लेयर ऑफ द सीरीज चुना गया।

हरमनप्रीत की यह पारी उनके आत्मविश्वास और अनुभव का बेहतरीन उदाहरण रही। कप्तानी के दबाव से अलग होकर अपने खेल पर ध्यान देने की उनकी सोच मैदान पर भी दिखाई दी। अब उनके लिए सबसे महत्वपूर्ण अपनी बल्लेबाजी की लय बनाए रखना और टीम की जीत में योगदान देना है। जिम्बाब्वे के खिलाफ इस शानदार प्रदर्शन ने भारतीय टीम को सीरीज में क्लीन स्वीप दिलाया,वहीं हरमनप्रीत ने भी साबित किया कि वह अपने आक्रामक अंदाज से किसी भी मुकाबले का रुख बदलने की क्षमता रखती हैं।