अमृतसर के श्री दरबार साहिब पहुँचे आयुष्मान खुराना और सारा अली खान (तस्वीर क्रेडिट@KesariPunjab)

अमृतसर के श्री दरबार साहिब पहुँचे आयुष्मान खुराना और सारा अली खान,‘उड़ता तीर’ की सफलता के लिए की अरदास,जानें कैसी है फिल्म की कहानी

अमृतसर,21 अक्टूबर (युआईटीवी)- बॉलीवुड अभिनेता आयुष्मान खुराना और अभिनेत्री सारा अली खान अपनी आगामी फिल्म ‘उड़ता तीर’ को लेकर चर्चा में हैं। फिल्म के प्रचार और उससे जुड़ी गतिविधियों के बीच दोनों कलाकार अमृतसर पहुँचे,जहाँ उन्होंने श्री दरबार साहिब में माथा टेककर सरबत के भले की अरदास की। इस दौरान दोनों ने अपनी फिल्म की सफलता के लिए भी प्रार्थना की। स्वर्ण मंदिर के नाम से प्रसिद्ध श्री दरबार साहिब में दर्शन के दौरान आयुष्मान खुराना ने इस पवित्र स्थल से अपने जुड़ाव के बारे में भी बात की। उन्होंने बताया कि वह पहले भी दो बार यहाँ आ चुके हैं और हर बार उन्हें इस स्थान पर आकर सुकून और सकारात्मकता का अनुभव होता है। दोनों कलाकारों की इस यात्रा ने उनकी आगामी फिल्म ‘उड़ता तीर’ को लेकर दर्शकों की दिलचस्पी और बढ़ा दी है।

आयुष्मान खुराना और सारा अली खान की अमृतसर यात्रा धार्मिक आस्था और फिल्म की सफलता की कामना से जुड़ी रही। दोनों कलाकारों ने श्री दरबार साहिब में माथा टेका और सरबत के भले की अरदास की। सिख धर्म में सरबत के भले का अर्थ केवल अपने लिए सुख-समृद्धि माँगना नहीं,बल्कि समस्त मानवता के कल्याण,शांति और खुशहाली की कामना करना है। यह भावना सिख परंपरा के प्रमुख मूल्यों में शामिल है।

दर्शन के दौरान आयुष्मान खुराना ने बताया कि श्री दरबार साहिब से उनका विशेष जुड़ाव है। वह इससे पहले भी दो बार यहाँ आ चुके हैं। उनके मुताबिक,इस पवित्र स्थल पर पहुँचकर उन्हें हर बार अच्छा महसूस होता है और मन को शांति मिलती है। इस बार वह अपनी फिल्म ‘उड़ता तीर’ की सफलता की कामना के साथ यहाँ पहुँचे। सारा अली खान ने भी उनके साथ माथा टेककर अरदास की।

फिल्मी सितारों का धार्मिक स्थलों पर पहुँचना अक्सर प्रशंसकों के बीच चर्चा का विषय बन जाता है। आयुष्मान और सारा की यह यात्रा भी इसी वजह से सुर्खियों में है। दोनों कलाकारों की आगामी फिल्म एक अलग तरह की कहानी पर आधारित है,जिसमें जासूसी, एक्शन, हास्य और रोमांस का मेल देखने को मिलेगा।

‘उड़ता तीर’ को एक जासूसी कॉमेडी फिल्म के रूप में तैयार किया गया है। इसकी कहानी बिलाल अहमद नाम के एक पाकिस्तानी जासूस के इर्द-गिर्द घूमती है,जिसे एक गुप्त मिशन के तहत भारत भेजा जाता है। शुरुआत में बिलाल का उद्देश्य अपने मिशन को पूरा करना होता है,लेकिन परिस्थितियाँ उस समय पूरी तरह बदल जाती हैं,जब एक हादसे के कारण उसकी याददाश्त चली जाती है।

याददाश्त खोने के बाद बिलाल अपनी असली पहचान भूल जाता है। उसे यह तक याद नहीं रहता कि वह पाकिस्तान से आया हुआ जासूस है। इसके बजाय वह खुद को भारतीय समझने लगता है और भारत के प्रति अपनी निष्ठा जताने लगता है। यहीं से फिल्म की कहानी में हास्य और उलझनों का सिलसिला शुरू होता है।

बिलाल जिस मिशन को पूरा करने के लिए भारत आया था,वही मिशन उसकी नई पहचान के कारण मुश्किल हो जाता है। एक तरफ उसके पुराने उद्देश्य और उसकी असली पहचान का रहस्य है,तो दूसरी तरफ उसकी बदली हुई सोच और व्यवहार कहानी को दिलचस्प बनाते हैं। फिल्म में इसी विरोधाभास के जरिए कॉमेडी पैदा करने की कोशिश की गई है।

कहानी का यह पहलू फिल्म को सामान्य जासूसी फिल्मों से अलग बनाता है। आमतौर पर स्पाई फिल्मों में गुप्त मिशन, खुफिया जानकारी, पीछा करने और दुश्मनों से मुकाबले जैसे दृश्य प्रमुख होते हैं,लेकिन ‘उड़ता तीर’ में इन्हीं परिस्थितियों को हास्य के साथ पेश किया गया है। दर्शकों को एक ओर जासूसी की दुनिया देखने को मिलेगी,वहीं दूसरी ओर एक ऐसे किरदार की कहानी भी सामने आएगी,जो अपनी ही पहचान को लेकर भ्रम में है।

फिल्म के ट्रेलर में आयुष्मान खुराना का किरदार एक खास अंदाज में दिखाई देता है। याददाश्त खोने के बाद बिलाल खुद को भारतीय मानने लगता है। ट्रेलर में उसे हाथ में तिरंगा लेकर ‘भारत माता की जय’ के नारे लगाते हुए भी दिखाया गया है। एक पाकिस्तानी जासूस का अपनी पहचान भूलकर भारतीय होने पर गर्व करना कहानी का सबसे दिलचस्प पहलू बनकर सामने आता है।

यही स्थिति फिल्म में हास्य के साथ कई अप्रत्याशित मोड़ पैदा कर सकती है। बिलाल की असली पहचान और उसके मौजूदा विश्वास के बीच का अंतर कहानी को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। दर्शकों के लिए यह देखना दिलचस्प होगा कि जब उसे अपनी वास्तविक पहचान का पता चलेगा,तब वह किस तरह प्रतिक्रिया देगा और उसका गुप्त मिशन किस दिशा में आगे बढ़ेगा।

आयुष्मान खुराना अपनी फिल्मों में अलग-अलग तरह के किरदार निभाने के लिए जाने जाते हैं। ऐसे में जासूसी और कॉमेडी के मेल वाली इस कहानी में उनका किरदार फिल्म के प्रमुख आकर्षणों में शामिल हो सकता है। हालाँकि,फिल्म को लेकर दर्शकों की वास्तविक प्रतिक्रिया रिलीज के बाद ही सामने आएगी।

फिल्म में सारा अली खान भी महत्वपूर्ण भूमिका में नजर आएँगी। ट्रेलर में उनका किरदार देश की सुरक्षा से जुड़े मिशन पर काम करता दिखाई देता है। वह जासूसों को पकड़ने की कोशिश करती हैं और इसी दौरान कहानी में बिलाल के साथ उनका संबंध भी नया मोड़ लेता है।

सारा के किरदार और बिलाल की परिस्थितियों के बीच किस तरह का तालमेल बनता है, यह फिल्म की कहानी का एक अहम हिस्सा होगा। जासूसी मिशन,पहचान को लेकर भ्रम और दोनों मुख्य किरदारों के बीच विकसित होने वाला रिश्ता फिल्म में रोमांस और हास्य के लिए भी जगह बनाता है।

फिल्म में राम कपूर और गुलशन ग्रोवर भी दिखाई देंगे। दोनों कलाकार पाकिस्तानी अधिकारियों की भूमिका निभा रहे हैं। इनके अलावा राहुल बोस, सुहेल नय्यर, रघुबीर यादव, बृजेंद्र काला, संदीप आनंद, सुप्रिया पिलगांवकर और स्मिता तांबे भी फिल्म का हिस्सा हैं। दिवंगत अभिनेता मुकुल देव भी इस फिल्म में नजर आएँगे। इतनी बड़ी कलाकारों की टीम फिल्म की कहानी को अलग-अलग किरदारों के माध्यम से विस्तार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।

‘उड़ता तीर’ के जरिए आकाश ए. कौशिक बतौर निर्देशक अपनी शुरुआत कर रहे हैं। फिल्म का निर्माण धर्मा प्रोडक्शंस और सिख्या एंटरटेनमेंट के बैनर तले किया गया है। इसके निर्माता करण जौहर, अदार पूनावाला,अपूर्व मेहता, गुनीत मोंगा कपूर और अचिन जैन हैं।

फिल्म की कहानी में जासूसी, एक्शन, कॉमेडी और रोमांस को एक साथ शामिल किया गया है। ऐसे में निर्देशक के सामने इन सभी तत्वों के बीच संतुलन बनाए रखने की चुनौती होगी। फिल्म की सफलता इस बात पर भी निर्भर करेगी कि कहानी दर्शकों को कितनी सहजता से जोड़ पाती है और हास्य के साथ जासूसी वाले हिस्सों को कितनी प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया जाता है।

फिलहाल आयुष्मान खुराना और सारा अली खान की अमृतसर यात्रा के साथ ‘उड़ता तीर’ एक बार फिर चर्चा में आ गई है। श्री दरबार साहिब में दोनों कलाकारों ने फिल्म की सफलता के लिए अरदास की है। अब दर्शकों की नजर फिल्म की रिलीज और उसके प्रदर्शन पर टिकी है। बिलाल अहमद की अनोखी कहानी,आयुष्मान का बदली हुई पहचान वाला किरदार और सारा अली खान की जासूसी भूमिका फिल्म को कितना आकर्षक बनाती है,इसका फैसला दर्शक ही करेंगे।