नई दिल्ली,21 अक्टूबर (युआईटीवी)- पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशभर के पुलिसकर्मियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कर्तव्य निभाने के दौरान अपने प्राण न्योछावर करने वाले वीर जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रधानमंत्री ने कहा कि पुलिसकर्मी कठिन परिस्थितियों में भी पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारियां निभाते हैं। कानून-व्यवस्था बनाए रखने से लेकर अपराधों पर नियंत्रण करने, आपातकालीन परिस्थितियों में नागरिकों की सहायता करने और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तक पुलिस बलों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि शहीद पुलिसकर्मियों का साहस, अटूट समर्पण और सर्वोच्च बलिदान देश की स्मृतियों में हमेशा अंकित रहेगा। इस अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला और केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी वीर शहीदों को नमन करते हुए देश की सुरक्षा में पुलिसकर्मियों के योगदान को याद किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुलिस स्मृति दिवस पर सोशल मीडिया मंच एक्स के माध्यम से अपना संदेश साझा किया। उन्होंने कहा कि यह दिन उन पुलिसकर्मियों के प्रति गहरा आभार व्यक्त करने का अवसर है, जो बेहद कठिन परिस्थितियों में भी पूरी निष्ठा के साथ अपनी सेवाएं देते हैं। उनके अनुसार,पुलिसकर्मियों का योगदान केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने तक सीमित नहीं है,बल्कि वे अपराधों से मुकाबला करने,आपातकालीन स्थितियों में लोगों की सहायता करने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
प्रधानमंत्री ने अपने संदेश में उन बहादुर पुलिसकर्मियों को विशेष रूप से याद किया, जिन्होंने अपने कर्तव्य का निर्वहन करते हुए देश के लिए सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने कहा कि इन जवानों का साहस और समर्पण हमेशा याद रखा जाएगा। उनका बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बना रहेगा।
पुलिसकर्मी देश के विभिन्न हिस्सों में अनेक चुनौतियों का सामना करते हुए अपनी जिम्मेदारियाँ निभाते हैं। अपराध नियंत्रण,आतंकवाद और अन्य सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के साथ-साथ प्राकृतिक आपदाओं तथा दुर्घटनाओं के समय राहत और बचाव कार्यों में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। ऐसे में पुलिस स्मृति दिवस उनके योगदान को याद करने और उनके प्रति सम्मान व्यक्त करने का अवसर प्रदान करता है।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी पुलिस स्मृति दिवस पर देश की सुरक्षा के लिए अपने प्राणों की आहुति देने वाले पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि पुलिस बलों के जवानों ने मातृभूमि की आन-बान और नागरिकों की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर देशभक्ति का सर्वोच्च उदाहरण प्रस्तुत किया है।
अमित शाह ने अपने संदेश में राष्ट्र की ओर से शहीद पुलिसकर्मियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उनका संदेश इस बात को रेखांकित करता है कि देश की आंतरिक सुरक्षा बनाए रखने में पुलिस बलों का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है। पुलिसकर्मी अपने परिवारों से दूर रहकर और कई बार जान जोखिम में डालकर नागरिकों की सुरक्षा के लिए काम करते हैं।
गृह मंत्री ने जिन बलिदानों को याद किया,वे देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाए रखने में पुलिसकर्मियों की भूमिका का प्रमाण हैं। कर्तव्य के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और विपरीत परिस्थितियों में भी डटे रहने का जज्बा समाज के लिए प्रेरणादायक है।
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर शहीद पुलिसकर्मियों को विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की सुरक्षा,संप्रभुता और एकता की रक्षा के लिए अपने प्राणों का उत्सर्ग करने वाले वीर पुलिसकर्मियों का त्याग,साहस और कर्तव्यनिष्ठा हमेशा देश की स्मृतियों में अमिट रहेंगे।
ओम बिरला ने देशभर में निष्ठापूर्वक अपनी सेवाएँ दे रहे पुलिसकर्मियों के प्रति भी आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपने संदेश में शहीद जवानों के बलिदान को याद करने के साथ-साथ उन सभी पुलिसकर्मियों के योगदान को सम्मान दिया,जो प्रतिदिन नागरिकों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए काम करते हैं।
पुलिस बल की जिम्मेदारियां कई बार ऐसी परिस्थितियों में सामने आती हैं,जहाँ तत्काल निर्णय लेना और जोखिम उठाना आवश्यक होता है। ऐसे समय में पुलिसकर्मियों की सतर्कता,अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा लोगों की सुरक्षा के लिए बेहद अहम साबित होती है।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भी पुलिस स्मृति दिवस पर शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धासुमन अर्पित किए। उन्होंने कहा कि सेवा,समर्पण और साहस जैसे मूल्यों को अपनाकर मातृभूमि की रक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों का योगदान सदैव सम्मान के योग्य है।
शिवराज सिंह चौहान ने अपने संदेश में कहा कि पुलिसकर्मियों के वीरतापूर्ण व्यक्तित्व और उनके बलिदान ने देश की अखंडता को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने विश्वास जताया कि प्रत्येक भारतीय को इन बहादुर जवानों पर हमेशा गर्व रहेगा।
उनका संदेश उन पुलिसकर्मियों के प्रति सम्मान व्यक्त करता है,जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी अपने कर्तव्य से पीछे हटने के बजाय देश और नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी। पुलिसकर्मियों का साहस और समर्पण समाज में सुरक्षा तथा विश्वास की भावना मजबूत करने में भी अहम भूमिका निभाता है।
पुलिस स्मृति दिवस हर वर्ष 21 अक्टूबर को मनाया जाता है। यह दिन पुलिस बलों के उन जवानों की याद में समर्पित है,जिन्होंने कर्तव्य निभाते हुए अपने प्राणों का बलिदान दिया। इस तारीख का ऐतिहासिक संबंध वर्ष 1959 में लद्दाख के हॉट स्प्रिंग्स क्षेत्र में चीनी सैनिकों के हमले में शहीद हुए पुलिसकर्मियों से है। उस घटना में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल के जवानों ने कठिन परिस्थितियों में बहादुरी से मुकाबला किया था।
तब से 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस के रूप में मनाकर शहीद पुलिसकर्मियों के साहस और बलिदान को याद किया जाता है। इस अवसर पर देशभर में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं और शहीद जवानों को श्रद्धांजलि दी जाती है।
पुलिस स्मृति दिवस केवल शहीदों को याद करने का दिन नहीं है,बल्कि यह देश की सुरक्षा में जुटे पुलिसकर्मियों के प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर भी है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई वरिष्ठ नेताओं के संदेशों में यही भावना प्रमुखता से दिखाई दी। सभी ने एक स्वर में पुलिसकर्मियों की निष्ठा,साहस और सेवा भावना को सराहा।
देश की सुरक्षा और नागरिकों के विश्वास को बनाए रखने में पुलिस बलों की भूमिका महत्वपूर्ण है। पुलिस स्मृति दिवस पर शहीद जवानों को याद करना उनके बलिदान के प्रति सम्मान व्यक्त करने के साथ-साथ यह संकल्प दोहराने का अवसर भी है कि राष्ट्र उनकी वीरता और समर्पण को कभी नहीं भूलेगा।
