वाशिंगटन,27 अक्टूबर (युआईटीवी)- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन चीन के नागरिकों के लिए वीजा संबंधी नियमों को और सख्त करने की दिशा में बड़ा कदम उठा रहा है। प्रशासन ने उस विशेष कार्यक्रम को निलंबित करने का फैसला किया है, जिसके तहत पहले से जांचे गए चीनी नागरिकों को बिना नियमित वीजा के उत्तरी मारियाना द्वीप समूह में प्रवेश की अनुमति मिलती थी। अमेरिकी अधिकारियों ने इस फैसले के पीछे सैन्य ठिकानों के आसपास जासूसी की आशंका, अवैध तरीके से गुआम पहुँचने की घटनाओं और बच्चों को जन्म देने के उद्देश्य से यात्रा करने यानी बर्थ टूरिज्म जैसी चिंताओं का हवाला दिया है।
अमेरिका के गृह सुरक्षा विभाग की ओर से जारी नोटिस के अनुसार,राष्ट्रमंडल उत्तरी मारियाना द्वीप समूह के आर्थिक विकास और सुरक्षा यात्रा प्राधिकरण कार्यक्रम को 30 अक्टूबर को दोपहर दो बजे से निलंबित कर दिया गया। इस फैसले पर गृह सुरक्षा सचिव मार्कवेन मुलिन ने हस्ताक्षर किए हैं। रोक का असर नए आवेदकों के साथ-साथ उन यात्रियों पर भी पड़ेगा,जिन्हें पहले ही इस कार्यक्रम के तहत यात्रा की अनुमति मिल चुकी है।
यह फैसला ऐसे समय में लिया गया है,जब अमेरिकी प्रशासन चीन से जुड़े सुरक्षा जोखिमों को लेकर अपनी नीतियों की समीक्षा कर रहा है। प्रशासन का तर्क है कि बिना नियमित वीजा के प्रवेश की सुविधा का इस्तेमाल ऐसे उद्देश्यों के लिए हो सकता है,जो अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा और सीमा प्रबंधन के लिए चुनौती बन सकते हैं। हालाँकि,इस फैसले से उत्तरी मारियाना द्वीप समूह के पर्यटन और स्थानीय कारोबार पर भी असर पड़ने की आशंका है।
गृह सुरक्षा विभाग के नोटिस के मुताबिक, आर्थिक विकास और सुरक्षा यात्रा प्राधिकरण कार्यक्रम के तहत चीन के नागरिकों को सीमित अवधि के लिए उत्तरी मारियाना द्वीप समूह की यात्रा करने की अनुमति दी जाती थी। इस सुविधा का उद्देश्य क्षेत्र में पर्यटन और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देना था। हालाँकि,अब अमेरिकी प्रशासन ने सुरक्षा संबंधी चिंताओं को देखते हुए इसे रोकने का फैसला किया है।
इस निलंबन का मतलब है कि नए यात्रियों को इस कार्यक्रम के तहत यात्रा की अनुमति नहीं मिलेगी। जिन लोगों के पास पहले से स्वीकृत यात्रा प्राधिकरण है,वे भी भविष्य की यात्रा के लिए इस सुविधा का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। हालाँकि,जो चीनी नागरिक पहले से उत्तरी मारियाना द्वीप समूह में मौजूद हैं, उन्हें अपनी स्वीकृत अवधि तक वहां रहने की अनुमति दी जाएगी।
आगे यात्रा करने के इच्छुक चीनी नागरिकों को नियमित अमेरिकी वीजा के लिए आवेदन करना होगा। इस तरह प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि विशेष यात्रा कार्यक्रम के बंद होने के बाद भी सामान्य वीजा प्रक्रिया उपलब्ध रहेगी,लेकिन बिना वीजा प्रवेश का विकल्प समाप्त हो जाएगा।
अमेरिकी प्रशासन ने अपने फैसले के समर्थन में यात्रियों की संख्या और उनकी जाँच प्रक्रिया का उल्लेख किया है। नोटिस के अनुसार,वित्तीय वर्ष 2025 के दौरान चीन के 3,000 से अधिक नागरिकों ने इस कार्यक्रम के जरिए उत्तरी मारियाना द्वीप समूह में प्रवेश किया था। इन यात्रियों की जाँच अमेरिकी सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा एजेंसी ने की थी, न कि विदेश विभाग के कांसुलर अधिकारियों ने।
गृह सुरक्षा विभाग का कहना है कि यात्रियों की इतनी बड़ी संख्या और जाँच की मौजूदा व्यवस्था सुरक्षा तथा कानून प्रवर्तन से जुड़ी चिंताएं पैदा करती है। विभाग को आशंका है कि इस सुविधा का दुरुपयोग चीन से जुड़ी खुफिया गतिविधियों के लिए किया जा सकता है। उसके अनुसार,इस क्षेत्र में मौजूद संवेदनशील अमेरिकी रक्षा प्रतिष्ठानों से संबंधित जानकारी जुटाने की कोशिशें राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती हैं।
नोटिस में विशेष रूप से टिनियन एयर बेस का उल्लेख किया गया है। अमेरिकी रक्षा विभाग इस सैन्य अड्डे को फिर से विकसित करने और उसकी क्षमताओं को बढ़ाने की दिशा में काम कर रहा है। इसके अलावा,पास स्थित गुआम में कई महत्वपूर्ण अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठान हैं,जिन्हें अमेरिका की रक्षा व्यवस्था के लिए अहम माना जाता है।
अमेरिकी प्रशासन का तर्क है कि रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इस क्षेत्र में यात्रियों की आवाजाही पर पर्याप्त नियंत्रण रखना आवश्यक है। हालाँकि,कार्यक्रम के निलंबन से जुड़े नोटिस में यह नहीं बताया गया है कि इस सुविधा का इस्तेमाल करके कितने लोगों ने वास्तव में जासूसी की या ऐसी किसी गतिविधि को अंजाम दिया। फैसला मुख्य रूप से विभाग की ओर से जताई गई संभावित सुरक्षा चिंताओं पर आधारित है।
उत्तरी मारियाना द्वीप समूह और गुआम प्रशांत महासागर के उस क्षेत्र में स्थित हैं, जहां अमेरिका की महत्वपूर्ण सैन्य मौजूदगी है। हालाँकि,संबंधित यात्रा कार्यक्रम के तहत चीनी नागरिकों को उत्तरी मारियाना द्वीप समूह से आगे जाने की अनुमति नहीं थी,लेकिन अमेरिकी अधिकारियों ने समुद्री मार्ग से गुआम पहुँचने की आशंका भी जताई है।
गृह सुरक्षा विभाग के नोटिस में मार्च 2024 और फरवरी 2025 के दो मामलों का उल्लेख किया गया है। इन मामलों में चीनी नागरिकों को उत्तरी मारियाना द्वीप समूह से गुआम तक अन्य चीनी नागरिकों को अवैध रूप से पहुँचाने के लिए दोषी ठहराया गया था। नोटिस के अनुसार, एक मामले में नौ और दूसरे में सात चीनी नागरिकों को समुद्री मार्ग से ले जाने की घटनाएँ सामने आई थीं।
विभाग ने यह भी दावा किया कि इन घटनाओं से जुड़े कई लोग बाद में संवेदनशील अमेरिकी सैन्य प्रतिष्ठानों के भीतर या उनके आसपास पाए गए। प्रशासन के मुताबिक,ऐसी घटनाएँ इस बात को लेकर चिंता बढ़ाती हैं कि सीमित क्षेत्र के लिए जारी यात्रा अनुमति का इस्तेमाल दूसरे स्थानों तक अवैध पहुँच बनाने में किया जा सकता है।
इन मामलों को आधार बनाते हुए अमेरिकी अधिकारियों ने कहा है कि यात्रा कार्यक्रम को जारी रखने से सीमा सुरक्षा और कानून प्रवर्तन के सामने अतिरिक्त चुनौतियाँ पैदा हो सकती हैं। इसी कारण प्रशासन ने इस सुविधा को निलंबित करने का निर्णय लिया है।
अमेरिकी प्रशासन ने इस फैसले के पीछे बर्थ टूरिज्म को भी एक कारण बताया है। बर्थ टूरिज्म का अर्थ ऐसी यात्रा से है,जिसमें कोई विदेशी नागरिक दूसरे देश में बच्चे को जन्म देने के उद्देश्य से वहाँ जाता है। अमेरिका में जन्म लेने वाले बच्चों को सामान्य परिस्थितियों में नागरिकता मिलने की व्यवस्था को देखते हुए यह मुद्दा लंबे समय से राजनीतिक और नीतिगत बहस का हिस्सा रहा है।
गृह सुरक्षा विभाग के अनुसार,उत्तरी मारियाना द्वीप समूह में बर्थ टूरिज्म पहले से चिंता का विषय रहा है। विभाग का मानना है कि बिना वीजा यात्रा की सुविधा और अपेक्षाकृत लचीली जाँच प्रक्रिया इस प्रवृत्ति को बढ़ावा दे सकती है। नोटिस में यह आशंका भी जताई गई है कि ऐसी यात्राओं का इस्तेमाल लंबे समय तक चलने वाली खुफिया गतिविधियों या जासूसी के लिए किया जा सकता है।
हालाँकि,विभाग ने इस कार्यक्रम के तहत बर्थ टूरिज्म से जुड़े जन्मों की कोई विशिष्ट संख्या उपलब्ध नहीं कराई है। इसलिए इस आधार पर समस्या के वास्तविक पैमाने का आकलन करना मुश्किल है। इसके बावजूद प्रशासन ने इसे व्यापक सुरक्षा चिंताओं के साथ जोड़ते हुए यात्रा सुविधा समाप्त करने के पक्ष में तर्क दिया है।
यह विशेष यात्रा कार्यक्रम पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के प्रशासन के दौरान वर्ष 2024 में बनाए गए नियम के आधार पर शुरू किया गया था। इसे 20 फरवरी 2025 से लागू किया गया। इसके तहत पात्र चीनी नागरिकों को उत्तरी मारियाना द्वीप समूह में अधिकतम 14 दिनों तक रहने की अनुमति दी जाती थी। यात्रा प्राधिकरण की वैधता एक वर्ष तक होती थी,लेकिन प्रत्येक यात्रा के दौरान ठहरने की अवधि निर्धारित सीमा के भीतर रहनी आवश्यक थी।
इससे पहले वर्ष 2009 से चीन को गुआम और उत्तरी मारियाना द्वीप समूह से जुड़े वीजा छूट कार्यक्रम से बाहर रखा गया था। उस समय भी राजनीतिक और सुरक्षा संबंधी चिंताओं को इसका प्रमुख कारण बताया गया था। बाद में शुरू की गई विशेष व्यवस्था ने सीमित शर्तों के साथ चीनी नागरिकों को उत्तरी मारियाना द्वीप समूह की यात्रा का विकल्प दिया था।
अब ट्रंप प्रशासन ने इस व्यवस्था को भी निलंबित कर दिया है। विभाग ने स्वीकार किया है कि इस फैसले से चीनी पर्यटकों पर निर्भर स्थानीय व्यवसायों और वहाँ यात्रा की योजना बना रहे लोगों को नुकसान हो सकता है। फिर भी प्रशासन का कहना है कि संभावित सुरक्षा जोखिम आर्थिक लाभ से अधिक महत्वपूर्ण हैं। रोक के बाद पहले लागू रही पुरानी विशेष पैरोल नीति भी अपने आप बहाल नहीं होगी।
इस कदम का कुछ रिपब्लिकन सांसदों ने स्वागत किया है। रिपब्लिकन सीनेटर माइक ली ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर टिप्पणी करते हुए कहा कि अमेरिका को चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के लिए नागरिकता हासिल करने का आसान रास्ता नहीं बनना चाहिए। उनके बयान से स्पष्ट है कि इस मुद्दे को केवल पर्यटन या वीजा प्रबंधन के बजाय नागरिकता और राष्ट्रीय सुरक्षा की व्यापक बहस से भी जोड़कर देखा जा रहा है।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार,माइक ली के साथ सीनेटर रिक स्कॉट, जॉन कॉर्निन और बिल कैसिडी ने अप्रैल में ही गृह सुरक्षा सचिव से इस कार्यक्रम को समाप्त करने की माँग की थी। ऐसे में मौजूदा फैसला उन सांसदों की माँग के अनुरूप माना जा रहा है,जो चीन से जुड़े संभावित सुरक्षा जोखिमों के मद्देनजर यात्रा नियमों को सख्त करने की वकालत कर रहे थे।
उत्तरी मारियाना द्वीप समूह के लिए विशेष यात्रा सुविधा को निलंबित करने का फैसला ट्रंप प्रशासन की व्यापक आव्रजन और सीमा सुरक्षा नीति से भी जुड़ा है। प्रशासन वीजा जांच को कड़ा करने और बर्थ टूरिज्म पर रोक लगाने की दिशा में कदम उठा रहा है। इस नीति के तहत यात्रा की अनुमति देने से पहले सुरक्षा संबंधी पहलुओं पर अधिक ध्यान देने की कोशिश की जा रही है।
हालाँकि,इस फैसले का प्रभाव केवल सुरक्षा व्यवस्था तक सीमित नहीं रहेगा। उत्तरी मारियाना द्वीप समूह में पर्यटन से जुड़े कारोबार को चीनी यात्रियों की संख्या में कमी का सामना करना पड़ सकता है। वहीं,चीन के उन नागरिकों को भी नियमित अमेरिकी वीजा प्रक्रिया से गुजरना होगा,जो इस क्षेत्र की यात्रा करना चाहते हैं।
फिलहाल अमेरिकी प्रशासन ने सुरक्षा चिंताओं को प्राथमिकता देते हुए कार्यक्रम को निलंबित करने का निर्णय लिया है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि इस कदम का क्षेत्रीय पर्यटन,स्थानीय अर्थव्यवस्था और अमेरिका-चीन संबंधों पर क्या असर पड़ता है।
