नई दिल्ली,28 अक्टूबर (युआईटीवी)- भारत के दिग्गज पैरा एथलीट और तीन बार के एशियन पैरा गेम्स में जैवलिन थ्रो चैंपियन रहे नीरज यादव का निधन हो गया है। मंगलवार को वह अपने फ्लैट पर मृत पाए गए। राष्ट्रीय पैरा एथलेटिक्स के मुख्य कोच एस. सत्यनारायण ने बुधवार को इस घटना की पुष्टि की। उन्होंने इस खबर को बेहद दुखद और दुर्भाग्यपूर्ण बताया। शुरुआती जानकारी के अनुसार, नीरज ने आत्महत्या की है, हालाँकि,इस कदम के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है। उनके निधन से भारतीय पैरा खेल जगत में शोक का माहौल है।
उत्तर प्रदेश के रहने वाले नीरज यादव भारत के प्रमुख पैरा एथलीटों में गिने जाते थे। उन्होंने अपनी मेहनत, लगन और खेल के प्रति समर्पण के दम पर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई थी। बचपन में पोलियो से प्रभावित होने के बावजूद उन्होंने खेल को अपना करियर बनाया और कई बड़ी प्रतियोगिताओं में देश के लिए पदक जीते। उनकी उपलब्धियाँ उन खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा रही हैं,जो शारीरिक चुनौतियों के बीच खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने का सपना देखते हैं।
नीरज यादव को सात वर्ष की उम्र में पोलियो होने का पता चला था। इसके बाद उन्हें व्हीलचेयर का सहारा लेना पड़ा,लेकिन उन्होंने अपनी शारीरिक स्थिति को खेल के रास्ते में बाधा नहीं बनने दिया। उन्होंने करीब सात साल तक व्हीलचेयर टेनिस खेला। इसके बाद वर्ष 2015 में उन्होंने एथलेटिक्स की दुनिया में कदम रखा और जल्द ही अपनी प्रतिभा के दम पर भारतीय टीम में जगह बना ली।
एथलेटिक्स में आने के बाद नीरज ने शॉट पुट, डिस्कस थ्रो और जैवलिन थ्रो जैसी स्पर्धाओं में अपनी क्षमता दिखाई। वर्ष 2015 में दिल्ली में आयोजित राज्य स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता उनके करियर के शुरुआती महत्वपूर्ण पड़ावों में शामिल रही। इस प्रतियोगिता में उन्होंने शॉट पुट,जैवलिन थ्रो और डिस्कस थ्रो में स्वर्ण पदक जीते। इन सफलताओं ने उनके भीतर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने का आत्मविश्वास बढ़ाया।
नीरज यादव ने वर्ष 2016 में फाजा ग्रैंड प्रिक्स में हिस्सा लिया था। इस प्रतियोगिता में उन्होंने पुरुषों की एफ55 श्रेणी के शॉट पुट और डिस्कस थ्रो में रजत पदक हासिल किए। अंतर्राष्ट्रीय मंच पर मिले इन पदकों ने उनके करियर को नई दिशा दी। इसके बाद उन्होंने लगातार अपने प्रदर्शन में सुधार किया और बड़ी प्रतियोगिताओं में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए उल्लेखनीय उपलब्धियाँ हासिल कीं।
वर्ष 2018 में इंडोनेशिया में आयोजित एशियन पैरा गेम्स उनके करियर का एक अहम मोड़ साबित हुए। नीरज ने जैवलिन थ्रो की एफ55 श्रेणी में 29.84 मीटर की दूरी के साथ स्वर्ण पदक जीता। इस प्रदर्शन के दौरान उन्होंने एशियाई रिकॉर्ड भी बनाया। उनकी इस उपलब्धि ने उन्हें देश के प्रमुख पैरा खिलाड़ियों में स्थापित कर दिया।
नीरज यादव ने अक्टूबर 2023 में चीन के हांगझोऊ में आयोजित एशियन पैरा गेम्स में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रतियोगिता में दो स्वर्ण पदक अपने नाम किए। डिस्कस थ्रो की एफ54, एफ55 और एफ56 संयुक्त श्रेणी में उन्होंने पहला स्थान हासिल किया। इसके अलावा पुरुषों की एफ55 श्रेणी के जैवलिन थ्रो में भी स्वर्ण पदक जीतकर भारत का गौरव बढ़ाया।
इन उपलब्धियों ने अंतर्राष्ट्रीय पैरा एथलेटिक्स में उनकी पहचान को और मजबूत किया। इससे पहले वर्ष 2022 में मोरक्को के माराकेच में आयोजित पैरा एथलेटिक्स ग्रैंड प्रिक्स में भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन किया था। वहाँ उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक जीता था। लगातार प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन करना उनकी मेहनत और खेल के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
नीरज का सफर केवल पदकों और रिकॉर्ड तक सीमित नहीं था। सात वर्ष की उम्र में पोलियो का पता चलने के बाद व्हीलचेयर के सहारे जीवन बिताने से लेकर अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में देश के लिए स्वर्ण पदक जीतने तक उन्होंने लंबा सफर तय किया। खेल के प्रति उनके समर्पण ने उन्हें भारतीय पैरा खेल जगत में विशिष्ट स्थान दिलाया।
राष्ट्रीय पैरा एथलेटिक्स के मुख्य कोच एस. सत्यनारायण ने नीरज यादव के निधन पर दुख जताते हुए कहा कि यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। उन्होंने बताया कि फिलहाल उनके इस कदम के पीछे का कारण स्पष्ट नहीं है। घटना से जुड़ी परिस्थितियों के बारे में अधिक जानकारी सामने आने का इंतजार है।
नीरज यादव के निधन से भारतीय पैरा एथलेटिक्स ने एक ऐसे खिलाड़ी को खो दिया है, जिसने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बनाई। उनके नाम दर्ज पदक,रिकॉर्ड और उपलब्धियाँ भारतीय खेल इतिहास में याद रखी जाएंगी। उनके निधन की खबर ने खेल जगत में उनके साथियों,प्रशंसकों और पैरा खेलों से जुड़े लोगों को गहरा दुख पहुँचाया है।
