महादेव बेटिंग ऐप मामले में बड़ी कार्रवाई, प्रमोटर सौरभ चंद्राकर ओमान से गिरफ्तार (तस्वीर क्रेडिट@Chhotukingoffi1)

महादेव बेटिंग ऐप मामले में बड़ी कार्रवाई, प्रमोटर सौरभ चंद्राकर ओमान से गिरफ्तार; 200 करोड़ की शाही शादी फिर चर्चा में

मुंबई,2 नवंबर (युआईटीवी)- महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप से जुड़े कथित करोड़ों रुपये के घोटाले में जांच एजेंसियों को बड़ी कामयाबी मिली है। ऐप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को ओमान की राजधानी मस्कट से गिरफ्तार कर भारत लाया गया है। भारत पहुँचने के बाद उसे दिल्ली की राउज एवेन्यू अदालत में विशेष न्यायाधीश के सामने पेश किया गया। केंद्रीय जांच ब्यूरो ने अदालत से उसकी ट्रांजिट रिमांड माँगी है,ताकि उसे छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर स्थित विशेष अदालत में ले जाया जा सके। इस मामले में लंबे समय से प्रवर्तन निदेशालय और केंद्रीय जाँच ब्यूरो जाँच कर रहे हैं। सौरभ की गिरफ्तारी को इस कथित घोटाले की जाँच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप का मामला केवल अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी तक सीमित नहीं है। जाँच एजेंसियाँ इससे जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग,हवाला के जरिए पैसों के लेन-देन और प्रभावशाली लोगों तक रकम पहुँचाने के आरोपों की भी पड़ताल कर रही हैं। इस मामले में सौरभ चंद्राकर का नाम प्रमुखता से सामने आया है। एजेंसियों को उम्मीद है कि उसकी गिरफ्तारी के बाद कथित वित्तीय नेटवर्क,पैसों के स्रोत और इस पूरे कारोबार से जुड़े लोगों के बारे में पूछताछ की जा सकेगी।

इस मामले की चर्चा देशभर में उस समय तेज हुई थी,जब सौरभ चंद्राकर की वर्ष 2023 में संयुक्त अरब अमीरात में हुई आलीशान शादी से जुड़े खर्च और फिल्मी सितारों की मौजूदगी की जानकारी सामने आई थी। फरवरी 2023 में सौरभ ने संयुक्त अरब अमीरात के रास अल-खैमाह स्थित वॉल्डोर्फ एस्टोरिया रिसॉर्ट में भव्य समारोह आयोजित किया था। इस शादी पर कथित तौर पर करीब 200 करोड़ रुपये खर्च किए गए थे। समारोह में बॉलीवुड के कई चर्चित कलाकारों, गायकों और मनोरंजन जगत से जुड़ी हस्तियों को आमंत्रित किया गया था। शादी के आयोजन में जिस तरह से बड़ी रकम खर्च की गई, उसने जाँच एजेंसियों का ध्यान भी आकर्षित किया।

बताया जाता है कि इस शादी के लिए मुंबई से बड़ी संख्या में इवेंट मैनेजर, डांसर, सजावट करने वाले कारीगर और अन्य पेशेवरों को संयुक्त अरब अमीरात बुलाया गया था। समारोह में मनोरंजन जगत की कई हस्तियों ने मेहमानों के सामने प्रस्तुति दी थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, इस आयोजन में टाइगर श्रॉफ, सनी लियोनी, नेहा कक्कड़, विशाल ददलानी, आतिफ असलम, राहत फतेह अली खान, अली असगर, एली अवराम, भारती सिंह, भाग्यश्री, कृति खरबंदा, नुसरत भरूचा और कृष्णा अभिषेक सहित कई कलाकारों के शामिल होने या प्रस्तुति देने की बात सामने आई थी। लोकप्रिय गायिका नेहा कक्कड़ सहित कुछ गायकों के कार्यक्रम में प्रदर्शन करने की भी खबरें आई थीं।

हालाँकि, शादी में किसी कलाकार की मौजूदगी या प्रस्तुति अपने आप में किसी अपराध में शामिल होने का प्रमाण नहीं है। जाँच का मुख्य केंद्र इस आयोजन पर खर्च की गई कथित रकम का स्रोत और उसका भुगतान करने का तरीका है। प्रवर्तन निदेशालय इस बात की जाँच कर रहा है कि क्या शादी पर खर्च किया गया पैसा महादेव ऐप से जुड़े कथित अवैध कारोबार से हासिल किया गया था और क्या भुगतान के लिए हवाला नेटवर्क का इस्तेमाल हुआ था।

प्रवर्तन निदेशालय ने 15 सितंबर 2023 को जारी अपनी प्रेस विज्ञप्ति में जाँच के दौरान मिले डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर कई महत्वपूर्ण दावे किए थे। एजेंसी के मुताबिक, कथित तौर पर हवाला के जरिए करीब 112 करोड़ रुपये मुंबई की एक इवेंट मैनेजमेंट कंपनी आर-1 इवेंट्स प्राइवेट लिमिटेड तक पहुँचाए गए थे। जाँच में इस रकम और सौरभ चंद्राकर की शादी के आयोजन के बीच संबंधों की पड़ताल की गई। एजेंसी को आशंका थी कि आयोजन के नाम पर बड़े पैमाने पर नकदी का इस्तेमाल किया गया और भुगतान की व्यवस्था में हवाला नेटवर्क की भूमिका रही।

अब सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी के बाद जाँच एजेंसियाँ उससे शादी के आयोजन,कथित हवाला भुगतान, बेटिंग ऐप के संचालन और उससे जुड़े वित्तीय लेन-देन को लेकर सवाल कर सकती हैं। केंद्रीय जाँच ब्यूरो ने दिल्ली की अदालत से ट्रांजिट रिमांड की माँग की है, जिससे उसे रायपुर ले जाकर संबंधित मामले में पूछताछ की जा सके। रायपुर में इस प्रकरण से जुड़े मुख्य मामलों की सुनवाई के लिए विशेष अदालत है। अदालत की अनुमति के बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी।

महादेव बेटिंग ऐप से जुड़े इस मामले को छह हजार करोड़ रुपये से अधिक के कथित घोटाले के रूप में देखा जा रहा है। जाँच एजेंसियाँ लंबे समय से इस नेटवर्क से जुड़े लोगों, वित्तीय लेन-देन और कथित संरक्षण देने वालों की भूमिका की पड़ताल कर रही हैं। मामले में नेताओं, नौकरशाहों और मनोरंजन जगत से जुड़े कुछ लोगों के नामों को लेकर भी चर्चाएं होती रही हैं। हालाँकि, किसी व्यक्ति का नाम सामने आने या किसी समारोह में शामिल होने मात्र से उसकी आपराधिक संलिप्तता साबित नहीं होती। इसके लिए जाँच में मिले साक्ष्य और कानूनी प्रक्रिया अहम होंगे।

सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी के बाद अब जाँच का अगला चरण उसके बयान और उससे मिलने वाली जानकारी पर निर्भर करेगा। एजेंसियाँ यह पता लगाने की कोशिश कर सकती हैं कि कथित बेटिंग कारोबार से हासिल रकम कहाँ-कहाँ भेजी गई,हवाला के जरिए किन लोगों या कंपनियों तक पैसा पहुँचा और दुबई में आयोजित बड़े कार्यक्रमों के भुगतान की व्यवस्था किसने की थी। साथ ही,ऐप के संचालन से जुड़े अन्य लोगों और कथित वित्तीय नेटवर्क की भूमिका भी जाँच के दायरे में रह सकती है।

फिलहाल इस मामले में सबसे अधिक ध्यान सौरभ चंद्राकर की ट्रांजिट रिमांड और आगे होने वाली पूछताछ पर है। उसकी गिरफ्तारी से महादेव बेटिंग ऐप के कथित घोटाले की जांच को नया मोड़ मिल सकता है। वर्ष 2023 की शाही शादी,उस पर हुए भारी खर्च और हवाला के जरिए भुगतान के आरोप एक बार फिर चर्चा में हैं। अब जाँच एजेंसियों की पड़ताल से यह स्पष्ट हो सकेगा कि इस आयोजन के पीछे धन का वास्तविक स्रोत क्या था और कथित अवैध कारोबार का नेटवर्क किन-किन लोगों तक फैला हुआ था।