राजस्थान में रेलवे ट्रैक पर जोरदार धमाका (तस्वीर क्रेडिट@rajasthanone11)

राजस्थान में रेलवे ट्रैक पर जोरदार धमाका, 45 मिनट पहले गुजरी थी पैसेंजर ट्रेन; चार ट्रेनें रद्द, सुरक्षा एजेंसियाँ जाँच में जुटीं

अनूपगढ़ (श्रीगंगानगर),4 नवंबर (युआईटीवी)- राजस्थान के सीमावर्ती जिले श्रीगंगानगर में रेलवे ट्रैक पर हुए जोरदार धमाके ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। अनूपगढ़-सूरतगढ़ रेलवे लाइन पर मंगलवार रात करीब 9:45 बजे हुए विस्फोट से पटरी को भारी नुकसान पहुँचा। धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि रेलवे ट्रैक के नीचे लगे दो सीमेंटेड स्लीपर ब्लॉक पूरी तरह टूट गए। पटरियों को आपस में जोड़ने वाले लॉक भी उखड़ गए और ट्रैक के बीच करीब दो फीट गहरा गड्ढा बन गया। राहत की बात यह रही कि विस्फोट से लगभग 45 मिनट पहले ही इसी रास्ते से एक पैसेंजर ट्रेन गुजर चुकी थी। यदि ट्रेन के गुजरने के दौरान यह धमाका होता,तो बड़ा रेल हादसा हो सकता था।

घटना के बाद स्थानीय पुलिस,रेलवे प्रशासन और केंद्रीय व राज्य स्तरीय सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं। एहतियात के तौर पर बुधवार सुबह नौ बजे तक इस मार्ग पर रेल यातायात बंद रखा गया। सुरक्षा और ट्रैक की मरम्मत से जुड़ी परिस्थितियों के कारण चार ट्रेनों को रद्द करना पड़ा। फिलहाल जाँच एजेंसियाँ यह पता लगाने में जुटी हैं कि रेलवे लाइन पर विस्फोट किस तरह किया गया और इसके पीछे किन लोगों का हाथ हो सकता है।

जानकारी के अनुसार,मंगलवार रात करीब 9:45 बजे अनूपगढ़-सूरतगढ़ रेलवे लाइन पर तेज धमाके की आवाज सुनाई दी। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि इसकी गूँज घटनास्थल से करीब 200 मीटर दूर तक सुनाई दी। आसपास के ग्रामीणों ने जब आवाज सुनी तो वे मौके की ओर पहुँचे। वहाँ रेलवे ट्रैक की हालत देखकर उन्हें किसी बड़ी घटना की आशंका हुई। ग्रामीणों ने बिना देर किए पुलिस को सूचना दी।

धमाके के कारण पटरी के नीचे लगाए गए दो सीमेंटेड स्लीपर ब्लॉक टूट गए। इसके अलावा रेल पटरियों को जोड़ने वाले लॉक भी अपनी जगह से उखड़ गए। ट्रैक के बीच लगभग दो फीट गहरा गड्ढा बन गया था। इस तरह की क्षति से स्पष्ट है कि विस्फोट की तीव्रता काफी अधिक थी। रेलवे लाइन पर हुए नुकसान को देखते हुए तत्काल रेल परिचालन रोकने का फैसला लिया गया,ताकि किसी ट्रेन को क्षतिग्रस्त हिस्से से गुजरने के दौरान खतरा न हो।

इस घटना में सबसे बड़ी राहत की बात यह रही कि धमाके से कुछ समय पहले ही इस ट्रैक से एक पैसेंजर ट्रेन गुजर चुकी थी। रामसिंहपुर के सर्किल इंस्पेक्टर राम प्रताप के मुताबिक,मंगलवार रात करीब 8:30 बजे अनूपगढ़ जंक्शन से सूरतगढ़ की ओर पैसेंजर ट्रेन रवाना हुई थी। यह ट्रेन रात करीब नौ बजे 50 जीबी गाँव के नजदीक से गुजरी थी। इसके लगभग 45 मिनट बाद रेलवे ट्रैक पर विस्फोट हुआ।

यदि धमाका ट्रेन के गुजरने के समय होता या विस्फोट से पहले पटरी को नुकसान पहुंच जाता,तो यात्रियों की जान खतरे में पड़ सकती थी। ट्रेन के सुरक्षित गुजर जाने के कारण एक संभावित बड़ी दुर्घटना टल गई। ग्रामीणों की सतर्कता भी इस मामले में महत्वपूर्ण रही। धमाके की आवाज सुनकर आसपास की ढाणियों में रहने वाले लोग घटनास्थल पर पहुँचे और ट्रैक की क्षतिग्रस्त स्थिति देखकर पुलिस को सूचना दी।

सूचना मिलने के बाद रात करीब 11 बजे पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुँची। घटनास्थल की घेराबंदी कर दी गई और आसपास के क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी गई। इसके बाद रेलवे अधिकारियों को भी मामले की जानकारी दी गई।

रेलवे ट्रैक पर विस्फोट की सूचना मिलते ही विभिन्न जाँच और सुरक्षा एजेंसियाँ सक्रिय हो गईं। देर रात करीब दो बजे इंटेलिजेंस ब्यूरो और सीआईडी की टीमें घटनास्थल पर पहुँची। इसके कुछ समय बाद,करीब सवा दो बजे आतंकवाद निरोधक दस्ते के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र कुमार भी जांच दल के साथ मौके पर पहुँचे। सभी एजेंसियाँ विस्फोट की प्रकृति,इस्तेमाल की गई सामग्री और घटना के संभावित उद्देश्य का पता लगाने में जुटी हैं।

श्रीगंगानगर के पुलिस अधीक्षक हरिशंकर ने बताया कि विस्फोट की तीव्रता और इसके पीछे जिम्मेदार तत्वों की गहनता से जाँच की जा रही है। फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी की टीम को भी घटनास्थल पर बुलाया गया है। टीम विस्फोट से जुड़े अवशेष और संदिग्ध सामग्री के नमूने एकत्र कर रही है,ताकि वैज्ञानिक जाँच के जरिए विस्फोट में इस्तेमाल किए गए पदार्थ की पहचान की जा सके।

रेलवे के तकनीकी अधिकारियों और ट्रैक मेंटेनेंस टीम ने भी रात करीब दो बजे से ही क्षतिग्रस्त हिस्से का निरीक्षण शुरू कर दिया था। अधिकारियों ने पटरी,स्लीपर और जोड़ने वाले उपकरणों को हुए नुकसान का आकलन किया। इसके साथ ही आसपास के गांवों के लोगों से पूछताछ कर घटना से जुड़ी जानकारी जुटाई जा रही है। जाँच एजेंसियाँ यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि धमाके से पहले इलाके में कोई संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि तो नहीं देखी गई थी।

श्रीगंगानगर पाकिस्तान सीमा के नजदीक स्थित जिला है। इस वजह से रेलवे ट्रैक पर हुए विस्फोट को सुरक्षा एजेंसियाँ गंभीरता से ले रही हैं। जाँच के दौरान सीमा पार से प्रायोजित साजिश की आशंका को भी ध्यान में रखा जा रहा है। हालाँकि,अभी तक धमाके के पीछे किसी संगठन या व्यक्ति की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जाँच एजेंसियाँ सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर साक्ष्य जुटा रही हैं।

इससे पहले अक्टूबर में श्रीगंगानगर के रावला मंडी क्षेत्र में पाकिस्तान की ओर से ड्रोन के जरिए गिराई गई हथियारों और विस्फोटक सामग्री की खेप पकड़ी गई थी। इस बरामदगी में 7.750 किलोग्राम आरडीएक्स के साथ तुर्की में निर्मित जिगाना पिस्टल,कारतूस, रिमोट और बैटरियाँ मिली थीं। इस घटना के बाद सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पहले से ही सतर्कता बरती जा रही थी। अब रेलवे ट्रैक पर हुए विस्फोट ने सुरक्षा एजेंसियों के सामने एक नई चुनौती खड़ी कर दी है।

राजस्थान में इससे पहले भी रेलवे ट्रैक पर बाधाएँ रखकर ट्रेनों को नुकसान पहुँचाने या उन्हें पटरी से उतारने की कोशिशों के मामले सामने आ चुके हैं। 19 जनवरी 2026 को जयपुर में पर्यटकों से भरी महाराजा एक्सप्रेस के रास्ते में लोहे के एंगल रखे गए थे। लोको पायलट की सतर्कता के कारण संभावित हादसा टल गया था।

इसके बाद सात अप्रैल 2026 को चित्तौड़गढ़ में ओराई नदी की पुलिया पर करीब 17 फीट लंबी पटरी रखकर मालगाड़ी को दुर्घटनाग्रस्त करने की कोशिश की गई थी। वहीं, 23 अगस्त को पाली में अहमदाबाद-जोधपुर वंदे भारत एक्सप्रेस के ट्रैक पर सीमेंट का ब्लॉक रखे जाने की घटना सामने आई थी। इन घटनाओं ने रेल पटरियों की सुरक्षा और निगरानी को लेकर सवाल खड़े किए थे।

श्रीगंगानगर में हुआ ताजा विस्फोट इन घटनाओं से अलग है,क्योंकि यहाँ ट्रैक पर केवल कोई वस्तु रखे जाने के बजाय जोरदार धमाके से रेलवे ढाँचे को नुकसान पहुँचा है। ऐसे में जाँच एजेंसियाँ यह पता लगाने में जुटी हैं कि विस्फोट दुर्घटनावश हुआ या इसके पीछे किसी सुनियोजित साजिश का हाथ है।

फिलहाल रेलवे ट्रैक की सुरक्षा, विस्फोटक सामग्री की पहचान और संदिग्धों की तलाश जाँच का मुख्य केंद्र है। चार ट्रेनों के रद्द होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा है,लेकिन सबसे बड़ी राहत यही है कि धमाके से कुछ समय पहले पैसेंजर ट्रेन सुरक्षित गुजर गई थी। अब जाँच के नतीजों से ही स्पष्ट हो सकेगा कि इस घटना के पीछे क्या उद्देश्य था और इसमें कौन-कौन शामिल हो सकता है।