मोहाली,4 नवंबर (युआईटीवी)- भारतीय पुरुष हॉकी टीम एशियन चैंपियंस ट्रॉफी के दूसरे सेमीफाइनल में बुधवार को दक्षिण कोरिया के खिलाफ मैदान पर उतरेगी। मोहाली के ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर हॉकी स्टेडियम में होने वाला यह मुकाबला भारतीय टीम के लिए बेहद अहम है। टीम इंडिया की नजरें जीत दर्ज कर रिकॉर्ड सातवीं बार टूर्नामेंट के फाइनल में जगह बनाने पर होंगी। लीग चरण में शानदार प्रदर्शन करने के बाद भारतीय खिलाड़ी पूरे आत्मविश्वास के साथ इस नॉकआउट मुकाबले में उतरेंगे। भारत और कोरिया के बीच यह मैच शाम सात बजे से खेला जाएगा।
इस मुकाबले की एक खास बात यह भी है कि ओलंपियन बलबीर सिंह सीनियर हॉकी स्टेडियम पहली बार किसी अंतर्राष्ट्रीय हॉकी मैच की मेजबानी करेगा। ऐसे में मोहाली के दर्शकों को पहली बार अपने शहर में अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भारतीय पुरुष हॉकी टीम को खेलते देखने का अवसर मिलेगा। घरेलू मैदान पर दर्शकों का समर्थन खिलाड़ियों के उत्साह को और बढ़ा सकता है।
भारतीय टीम ने टूर्नामेंट के लीग चरण में अपना दबदबा कायम रखा है। टीम ने राउंड-रॉबिन चरण के सभी पाँच मुकाबलों में जीत हासिल की और अंक तालिका में शीर्ष स्थान पर रहते हुए सेमीफाइनल में प्रवेश किया। इस दौरान भारतीय खिलाड़ियों ने आक्रामक हॉकी का प्रदर्शन किया और विरोधी टीमों के खिलाफ लगातार गोल किए। खास तौर पर बांग्लादेश के खिलाफ 13-0 की बड़ी जीत ने भारत की आक्रामक क्षमता का परिचय दिया।
लीग चरण के नतीजों को देखते हुए भारतीय टीम को खिताब का मजबूत दावेदार माना जा रहा है। हालांकि, सेमीफाइनल का मुकाबला लीग मैचों से अलग होगा। नॉकआउट चरण में एक छोटी गलती भी टीम की फाइनल तक पहुँचने की उम्मीदों को नुकसान पहुँचा सकती है। इसलिए भारतीय खिलाड़ियों को पूरे मुकाबले में एकाग्रता बनाए रखने की जरूरत होगी।
कोरिया के खिलाफ भारत का हालिया रिकॉर्ड भी टीम के पक्ष में दिखाई देता है। भारतीय टीम ने जालंधर में खेले गए पिछले मुकाबले में कोरिया को 8-0 से करारी शिकस्त दी थी। इससे पहले एशियन गेम्स में भी भारत ने कोरियाई टीम को 8-2 से हराया था। इन नतीजों से भारतीय खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ा हुआ है। टीम के पास एक बार फिर एशियाई प्रतिद्वंद्वी के खिलाफ अपना दबदबा साबित करने का मौका होगा।
भारत ने भले ही लीग चरण में सभी मुकाबले जीते हों,लेकिन टीम के प्रदर्शन में एक कमजोरी भी सामने आई है। बांग्लादेश के खिलाफ 13-0 की जीत के बाद खेले गए चार मुकाबलों में भारतीय टीम दूसरे क्वार्टर के दौरान कई बार अपनी लय खोती नजर आई। इस दौरान विरोधी टीमों को वापसी करने के मौके मिले और भारत को दबाव का सामना करना पड़ा।
जालंधर में कोरिया के खिलाफ पिछले मुकाबले में भी भारतीय टीम ने छह पेनल्टी कॉर्नर दिए थे। यह आँकड़ा बताता है कि रक्षापंक्ति को सेमीफाइनल में अधिक सतर्क रहने की जरूरत होगी। चीन,मलेशिया और जापान के खिलाफ भी दूसरे क्वार्टर में भारतीय टीम को मुश्किलों का सामना करना पड़ा था। इन मुकाबलों में विरोधी टीमों ने बराबरी के गोल किए, लेकिन भारत ने आखिरी दो क्वार्टर में बेहतर खेल दिखाते हुए मैच अपने नाम कर लिया।
नॉकआउट मुकाबले में ऐसी गलतियों की गुंजाइश कम होती है। यदि भारतीय टीम दूसरे क्वार्टर में भी अपनी पकड़ बनाए रखती है,तो कोरिया के लिए मुकाबले में वापसी करना मुश्किल हो सकता है। इसके लिए खिलाड़ियों को पेनल्टी कॉर्नर का बचाव करने के साथ-साथ गेंद पर नियंत्रण और आपसी तालमेल पर भी ध्यान देना होगा।
भारतीय टीम के मुख्य कोच क्रेग फुल्टन ने कोरिया के खिलाफ पिछले मुकाबले में जीत के बाद टीम की स्थिति पर संतोष जताया था। हालाँकि,उन्होंने यह भी स्पष्ट किया था कि नॉकआउट मुकाबलों का दबाव लीग चरण से अलग होता है। ऐसे मैचों में शुरुआत से ही बेहतर प्रदर्शन करना बेहद जरूरी होता है।
कोच के मुताबिक,भारतीय टीम अच्छी स्थिति में है,लेकिन सेमीफाइनल में खिलाड़ियों को मजबूत शुरुआत करनी होगी। शुरुआती मिनटों में टीम की लय और रणनीति मुकाबले की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है। भारत के लिए आक्रामक खेल के साथ रक्षात्मक संतुलन बनाए रखना भी जरूरी होगा।
पिछले एक दशक में दक्षिण कोरिया के लिए भारतीय टीम को हराना लगातार कठिन हुआ है। दोनों देशों के बीच अब तक खेले गए 26 मुकाबलों में भारत ने 16 में जीत दर्ज की है, जबकि सात मैच ड्रॉ रहे हैं। यह रिकॉर्ड भारतीय टीम के दबदबे को दर्शाता है। इसके बावजूद सेमीफाइनल में कोरिया को हल्के में लेना भारत के लिए जोखिम भरा हो सकता है।
कोरिया की टीम फाइनल में पहुँचने के लिए अपनी पूरी ताकत लगाएगी। ऐसे में भारतीय खिलाड़ियों को शुरुआत से ही आक्रामक और अनुशासित खेल दिखाना होगा। भारत की नजरें न केवल जीत पर होंगी,बल्कि अपने प्रदर्शन में मौजूद कमजोरियों को दूर करके फाइनल से पहले टीम की तैयारियों को मजबूत करने पर भी रहेंगी।
अब सभी की निगाहें बुधवार शाम मोहाली में होने वाले इस मुकाबले पर टिकी हैं। भारतीय टीम के पास जीत के साथ फाइनल में पहुँचने और खिताब की ओर एक और कदम बढ़ाने का सुनहरा अवसर है।
