फुटबॉल मैच के दौरान गोलकीपर से टकराए 30 वर्षीय स्ट्राइकर जीसस डी मिगुएल की मौत (तस्वीर क्रेडिट@Vfynn_)

फुटबॉल मैच के दौरान गोलकीपर से टकराए 30 वर्षीय स्ट्राइकर जीसस डी मिगुएल की मौत,स्पेनिश पुलिस ने गैर इरादतन हत्या के एंगल से शुरू की जाँच

नई दिल्ली,4 नवंबर (युआईटीवी)- स्पेन के फुटबॉल जगत से बेहद दुखद खबर सामने आई है। स्पेन की सेकेंड डिवीजन फुटबॉल लीग में खेलने वाले क्लब सीडी टेनेरिफ के स्ट्राइकर जीसस डी मिगुएल का 30 साल की उम्र में निधन हो गया। सोमवार को टेनेरिफ और एंडोरा के बीच खेले जा रहे मुकाबले के दौरान उनकी गोलकीपर से जोरदार टक्कर हो गई थी। इस हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। मैदान पर ही बेहोश होने के बाद उन्हें तत्काल अस्पताल पहुँचाया गया,जहाँ डॉक्टरों ने उनकी जान बचाने की कोशिश की। शुरुआती उपचार के दौरान उनकी धड़कन दोबारा शुरू हो गई थी और उनकी हालत स्थिर लेकिन गंभीर बताई गई थी। हालाँकि,मंगलवार सुबह उनकी न्यूरोलॉजिकल स्थिति बिगड़ गई और इलाज के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली।

इस घटना ने स्पेनिश फुटबॉल जगत को झकझोर कर रख दिया है। एक तरफ जहाँ खिलाड़ी के निधन से उनके क्लब,परिवार और प्रशंसकों में शोक है,वहीं दूसरी ओर स्पेन की राष्ट्रीय पुलिस ने भी मामले की जाँच शुरू कर दी है। पुलिस इस घटना को संभावित गैर इरादतन हत्या के पहलू से देख रही है। जाँच में अभियोजन पक्ष भी शामिल होगा। हालाँकि, अभी यह स्पष्ट नहीं हुआ है कि इस हादसे में किसी व्यक्ति की कानूनी जिम्मेदारी बनती है या नहीं।

यह दुखद हादसा सोमवार को स्पेन के एस्टाडियो हेलियोडोरो रोड्रिगेज लोपेज स्टेडियम में हुआ। यहाँ सीडी टेनेरिफ और एंडोरा के बीच मुकाबला खेला जा रहा था। मैच के आखिरी मिनटों में जीसस डी मिगुएल मिडफील्ड के पास गेंद पर कब्जा हासिल करने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान एंडोरा के गोलकीपर जीसस ओवोनो से उनकी जोरदार टक्कर हो गई।

टक्कर इतनी गंभीर थी कि डी मिगुएल मैदान पर ही गिर पड़े और बेहोश हो गए। वह काफी देर तक कोई हरकत नहीं कर सके। मैदान पर मौजूद खिलाड़ियों और अधिकारियों को तुरंत स्थिति की गंभीरता का एहसास हुआ। इसके बाद मेडिकल टीम को तत्काल बुलाया गया। चिकित्साकर्मियों ने मैदान पर ही कई मिनट तक उनका उपचार किया। उनकी हालत को देखते हुए उन्हें स्ट्रेचर पर अस्पताल ले जाने का फैसला किया गया।

मैदान पर प्राथमिक उपचार के दौरान डी मिगुएल को कार्डियक अरेस्ट भी आया था। हालाँकि,मेडिकल टीम ने तुरंत सीपीआर और अन्य जरूरी चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई, जिसके बाद उनकी धड़कन दोबारा शुरू हो गई। इसके बावजूद उनकी स्थिति बेहद नाजुक बनी हुई थी। हादसे के बाद मैच रेफरी ने एंडोरा के गोलकीपर जीसस ओवोनो को सीधे रेड कार्ड दिखाया। घटना की गंभीरता को देखते हुए मुकाबले को बीच में ही रद्द कर दिया गया।

मैदान से अस्पताल पहुँचाए जाने के बाद जीसस डी मिगुएल को यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल ऑफ नुएस्ट्रा सेनोरा डे कैंडेलारिया के गहन चिकित्सा कक्ष यानी आईसीयू में भर्ती कराया गया। उन्हें गंभीर चोटें आई थीं और डॉक्टर लगातार उनकी निगरानी कर रहे थे।

सोमवार को अस्पताल की ओर से उनकी स्थिति स्थिर,लेकिन गंभीर बताई गई थी। शुरुआती उपचार के बाद कुछ उम्मीद जरूर जगी थी,क्योंकि कार्डियक अरेस्ट के बाद उनकी धड़कन वापस आ गई थी। हालाँकि, सिर और शरीर पर लगी गंभीर चोटों का असर लगातार बना हुआ था। मंगलवार सुबह उनकी न्यूरोलॉजिकल स्थिति में गिरावट आने लगी। डॉक्टरों की तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी हालत में सुधार नहीं हुआ।

स्थानीय समयानुसार मंगलवार सुबह करीब 8 बजे 30 वर्षीय फुटबॉलर ने अंतिम सांस ली। उनके निधन की खबर सामने आते ही फुटबॉल प्रशंसकों और खेल जगत से जुड़े लोगों में शोक की लहर दौड़ गई। जिस खिलाड़ी को एक दिन पहले तक मैदान पर अपनी टीम के लिए खेलते देखा गया था,उसके अचानक दुनिया से चले जाने की खबर ने सभी को स्तब्ध कर दिया।

जीसस डी मिगुएल के निधन की पुष्टि उनके क्लब सीडी टेनेरिफ ने सोशल मीडिया के माध्यम से की। क्लब ने एक भावुक संदेश साझा करते हुए इस खबर पर गहरा दुख व्यक्त किया। क्लब ने लिखा कि उनका दिल टूट गया है और उन्हें यकीन नहीं हो रहा कि यह सब सच है। सीडी टेनेरिफ ने अपने संदेश में कहा कि वह बेहद दुख के साथ जीसस डी मिगुएल अलामेडा के निधन की घोषणा कर रहा है। उनका निधन मंगलवार सुबह 8 बजे हुआ।

क्लब ने आगे कहा कि इस अपार दुख को कम करने के लिए कोई भी शब्द पर्याप्त नहीं हैं। इस मुश्किल समय में क्लब उनके परिवार,प्रियजनों और टेनेरिफ के सभी लोगों के साथ खड़ा है। क्लब की ओर से यह भी बताया गया कि खिलाड़ी का परिवार इस कठिन घड़ी में मिल रहे समर्थन और संवेदनाओं के लिए आभारी है। साथ ही परिवार ने लोगों से उनकी निजता का सम्मान करने की अपील की है।

सीडी टेनेरिफ के लिए जीसस डी मिगुएल का निधन केवल एक खिलाड़ी को खोने की घटना नहीं है,बल्कि क्लब और उससे जुड़े लोगों के लिए व्यक्तिगत क्षति भी है। मैदान पर अपने प्रदर्शन से टीम का हिस्सा बने इस खिलाड़ी की अचानक मौत ने उनके साथियों और प्रशंसकों को गहरे सदमे में डाल दिया है।

जीसस डी मिगुएल के निधन पर रॉयल स्पेनिश फुटबॉल फेडरेशन ने भी शोक व्यक्त किया। महासंघ ने खिलाड़ी के परिवार,दोस्तों, सीडी टेनेरिफ और क्लब के प्रशंसकों के प्रति अपनी गहरी संवेदनाएँ जाहिर कीं। महासंघ की ओर से कहा गया कि इस दुखद घटना से फुटबॉल जगत को गहरा आघात पहुँचा है।

वहीं,जिस एंडोरा क्लब के गोलकीपर से टक्कर के बाद यह हादसा हुआ,उसने भी खिलाड़ी के निधन पर दुख जताया। क्लब ने अपने संदेश में कहा कि इस घटना से उसका दिल टूट गया है। एंडोरा ने जीसस डी मिगुएल के परिवार,उनके दोस्तों,टीम के साथियों और सीडी टेनेरिफ के प्रति संवेदना व्यक्त की।

इस घटना में गोलकीपर जीसस ओवोनो की भूमिका भी चर्चा में है,क्योंकि टक्कर उन्हीं से हुई थी। मैच के दौरान रेफरी ने उन्हें रेड कार्ड दिखाया था। हालाँकि,किसी खिलाड़ी को मैदान पर टक्कर लगना अपने आप में आपराधिक जिम्मेदारी तय नहीं करता। इसी कारण अब पुलिस की जाँच में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और क्या इसमें किसी तरह की कानूनी लापरवाही या जिम्मेदारी का मामला बनता है।

जीसस डी मिगुएल की मौत के बाद स्पेन की राष्ट्रीय पुलिस ने इस मामले में कानूनी जाँच शुरू कर दी है। पुलिस ने मंगलवार को पुष्टि की कि घटना को लेकर आवश्यक कार्यवाही की जा रही है। जाँच का एक प्रमुख पहलू संभावित गैर इरादतन हत्या है। इस मामले में अभियोजन पक्ष भी शामिल होगा।

पुलिस यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि टक्कर किन परिस्थितियों में हुई थी और क्या यह फुटबॉल मैच के दौरान होने वाला सामान्य खेल हादसा था या इसमें किसी तरह की लापरवाही की भूमिका थी। इसके लिए घटना से जुड़े तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों की जाँच की जाएगी। हालाँकि,फिलहाल किसी व्यक्ति को दोषी नहीं ठहराया गया है और न ही यह स्पष्ट किया गया है कि गोलकीपर या किसी अन्य व्यक्ति के खिलाफ आपराधिक कार्रवाई की जाएगी या नहीं।

कानूनी रूप से किसी भी खेल मुकाबले के दौरान होने वाली दुर्घटना और आपराधिक लापरवाही के बीच अंतर करना जरूरी होता है। फुटबॉल में खिलाड़ी गेंद हासिल करने, गोल बचाने और विपक्षी टीम के हमले को रोकने के लिए तेजी से आगे बढ़ते हैं। इस दौरान खिलाड़ियों के बीच शारीरिक टक्कर होना असामान्य नहीं है,लेकिन जब ऐसी घटना में किसी खिलाड़ी की जान चली जाती है,तो उसके सभी पहलुओं की जाँच करना आवश्यक हो जाता है।

फुटबॉल के मैदान पर खिलाड़ियों के बीच टक्कर के कारण जानलेवा चोट लगने की घटनाएँ बेहद दुर्लभ हैं।हालाँकि,इतिहास में कुछ ऐसे मामले सामने आए हैं,जिन्होंने खेल जगत को गहरे सदमे में डाल दिया था।

स्पेन में पिछले साल भी इसी तरह की एक घटना सामने आई थी। पाँचवें डिवीजन के एक मुकाबले के दौरान 19 वर्षीय गोलकीपर राउल रामिरेज को टक्कर लगने के बाद सिर में गंभीर चोट आई थी। घटना के बाद वह मैदान पर गिर पड़े थे। उन्हें मैदान और एंबुलेंस में कार्डियोरेस्पिरेटरी अरेस्ट का सामना करना पड़ा था। चिकित्सकों ने उन्हें बचाने की कोशिश की,लेकिन दो दिन बाद उन्हें ब्रेन डेड घोषित कर दिया गया था। इस घटना ने भी स्पेन के फुटबॉल जगत को झकझोर दिया था।

इसके अलावा वर्ष 2001 में यूक्रेन के गोलकीपर सर्गेई पेरखुन की भी मैच के दौरान टक्कर के बाद मौत हो गई थी। वह उस समय रूस के क्लब सीएसकेए मॉस्को के लिए खेल रहे थे। मुकाबले के दौरान विपक्षी खिलाड़ी से टक्कर में उनके सिर पर गंभीर चोट लगी थी। इसके बाद उनकी स्थिति बिगड़ती चली गई और अंततः उनका निधन हो गया।

इन घटनाओं से पता चलता है कि फुटबॉल में खिलाड़ियों की सुरक्षा कितनी महत्वपूर्ण है। हालाँकि,आधुनिक फुटबॉल में मेडिकल टीम, आपातकालीन उपचार और मैदान पर चिकित्सा सुविधाओं को पहले की तुलना में अधिक बेहतर बनाया गया है,फिर भी कुछ दुर्घटनाएँ इतनी गंभीर होती हैं कि खिलाड़ियों की जान बचाना मुश्किल हो जाता है।

जीसस डी मिगुएल का निधन उनके परिवार, क्लब और प्रशंसकों के लिए अपूरणीय क्षति है। महज 30 साल की उम्र में उनका इस तरह दुनिया से चले जाना खेल जगत के लिए भी बड़ा झटका है। सोमवार को जिस मुकाबले में वह अपनी टीम के लिए खेल रहे थे,उसी दौरान हुई एक अप्रत्याशित टक्कर ने उनकी जिंदगी खत्म कर दी।

फिलहाल उनके निधन के बाद पुलिस जाँच जारी है और इस बात का इंतजार किया जा रहा है कि जाँच में क्या तथ्य सामने आते हैं। दूसरी ओर,सीडी टेनेरिफ,स्पेनिश फुटबॉल महासंघ और एंडोरा क्लब ने शोक व्यक्त कर दिवंगत खिलाड़ी के परिवार के प्रति संवेदना जताई है। इस दुखद घटना ने एक बार फिर फुटबॉल में खिलाड़ियों की सुरक्षा और मैदान पर आपातकालीन चिकित्सा व्यवस्था के महत्व को सामने ला दिया है।