नई दिल्ली,4 नवंबर (युआईटीवी)- असम के गुवाहाटी में एक होटल के अंदर हुई भीषण गोलीबारी के मामले में पुलिस को बड़ी कार्रवाई करनी पड़ी है। इस हत्याकांड के मुख्य आरोपी घनकांत गोगोई की बुधवार को शिवसागर जिले में पुलिस मुठभेड़ के दौरान मौत हो गई। आरोप है कि पुलिस उसे एक मामले की जांच के सिलसिले में लेकर जा रही थी,तभी उसने एक पुलिस अधिकारी की सर्विस पिस्तौल छीनने की कोशिश की। इसी दौरान पुलिस टीम के साथ उसकी हाथापाई हुई और गोलियाँ चल गईं। गोली लगने से गंभीर रूप से घायल गोगोई को अस्पताल ले जाया जा रहा था,लेकिन रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। इस घटना में एक पुलिस अधिकारी भी घायल हुआ है,जिसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
शिवसागर जिले की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पापोरी चेतिया ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि घनकांत गोगोई को गोली लगने के बाद गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया था। हालाँकि,उपचार के लिए पहुँचने से पहले ही उसकी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, गोगोई को वर्ष 2024 में दर्ज बैंक धोखाधड़ी के एक मामले के सिलसिले में गुवाहाटी सेंट्रल जेल से शिवसागर लाया जा रहा था। इसी दौरान रास्ते में यह घटना हुई।
पुलिस अधिकारियों के मुताबिक,जब टीम फुलपानीचिगा के पास पहुँची,तो गोगोई ने शौचालय जाने की बात कही। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने वाहन रोका और उसे नीचे उतरने दिया। आरोप है कि वाहन से बाहर निकलते ही उसने अचानक सब-इंस्पेक्टर देबाशीष शर्मा की सर्विस पिस्तौल छीनने की कोशिश की। शर्मा बैंक धोखाधड़ी के मामले में जांच अधिकारी भी हैं। पुलिस का दावा है कि गोगोई प्रशिक्षित पेशेवर निशानेबाज था और उसने अचानक अधिकारी पर हमला कर हथियार कब्जे में लेने का प्रयास किया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक पापोरी चेतिया के अनुसार,पिस्तौल छीनने की कोशिश के बाद गोगोई और पुलिस अधिकारी के बीच हाथापाई शुरू हो गई। इस दौरान दो से तीन राउंड गोलियाँ चलीं। इनमें से दो गोलियाँ पुलिस वाहन में लगीं,जबकि एक गोली सब-इंस्पेक्टर देबाशीष शर्मा के दाहिने पैर में जा लगी। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस टीम के एक अन्य सदस्य ने जवाबी फायरिंग की। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई घायल अधिकारी और टीम के बाकी सदस्यों को संभावित खतरे से बचाने के लिए की गई।
गोलीबारी में घनकांत गोगोई भी गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिसकर्मी उसे तत्काल अस्पताल ले जाने के लिए रवाना हुए,लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। वहीं,घायल सब-इंस्पेक्टर देबाशीष शर्मा को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि उनके दाहिने पैर में गोली लगी है,लेकिन उनकी हालत स्थिर है और फिलहाल खतरे से बाहर बताई जा रही है।
घटना के बाद पुलिस ने फुलपानीचिगा के आसपास के इलाके को घेर लिया और मौके पर जाँच शुरू कर दी। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पूरे मामले की निगरानी कर रहे हैं। घटनास्थल पर फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया है,जो गोलीबारी से जुड़े साक्ष्य जुटा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटनाक्रम किस तरह आगे बढ़ा और फायरिंग के दौरान कितनी गोलियाँ चलाई गईं। इसके अलावा पुलिस वाहन और अधिकारी को लगी गोलियों से जुड़े सबूतों की भी जाँच की जा रही है।
दरअसल,घनकांत गोगोई का नाम गुवाहाटी के बोरा सर्विस इलाके में स्थित होटल बिलास इन में 26 अक्टूबर को हुई सामूहिक गोलीबारी के बाद सामने आया था। इस घटना में पाँच लोगों की मौत हो गई थी,जबकि एक अन्य व्यक्ति घायल हुआ था। पुलिस के मुताबिक, गोलीबारी रात करीब नौ बजे हुई थी। इस वारदात ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी। घटना के कुछ समय बाद ही पुलिस ने गोगोई को गिरफ्तार कर लिया था और उससे पूछताछ शुरू की थी।
पुलिस की शुरुआती जाँच में सामने आया था कि होटल के मालिकों और घनकांत गोगोई के बीच संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा था। जानकारी के मुताबिक,भराली परिवार ने 10 सितंबर 2025 को गोगोई के साथ पाँच साल का लीज समझौता किया था। इस समझौते के तहत होटल की संपत्ति का मासिक किराया करीब 1.8 लाख रुपये तय किया गया था। शुरुआत में यह व्यवस्था सामान्य रूप से चल रही थी,लेकिन बाद में संपत्ति के इस्तेमाल और वहां उपलब्ध सुविधाओं को लेकर दोनों पक्षों के बीच मतभेद बढ़ने लगे।
बताया जाता है कि गोगोई ने संपत्ति का नवीनीकरण कराने पर खर्च किया था। इसके बाद होटल की जगह के इस्तेमाल और कुछ सुविधाओं को लेकर विवाद गहरा गया। दोनों पक्षों के बीच पैदा हुए मतभेदों को दूर करने के लिए 26 अक्टूबर को होटल में एक बैठक रखी गई थी। इस बैठक का मकसद विवाद को बातचीत के जरिए सुलझाना था। हालाँकि, पुलिस के मुताबिक बैठक शुरू होने से पहले ही दोनों पक्षों के बीच बहस तेज हो गई और मामला हाथापाई तक पहुँच गया।
आरोप है कि इसी दौरान घनकांत गोगोई ने वहाँ मौजूद छह लोगों पर गोली चला दी। अचानक हुई फायरिंग से होटल में अफरा-तफरी मच गई। गोलीबारी में भुदेव भराली (65), हेलेना भराली (58), देबर्षि कश्यप (39), रिनिका कश्यप (30) और नारायण दास (48) की जान चली गई। एक अन्य व्यक्ति भी इस हमले में घायल हुआ था। घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुँचकर जाँच शुरू की और आरोपियों की भूमिका तथा गोलीबारी के पीछे की वजहों का पता लगाने का प्रयास किया।
होटल में हुई इस वारदात के बाद घनकांत गोगोई को मुख्य आरोपी के तौर पर गिरफ्तार किया गया था। अब शिवसागर जिले में पुलिस कार्रवाई के दौरान उसकी मौत हो गई है। हालाँकि,इस मुठभेड़ की परिस्थितियों को लेकर पुलिस ने जाँच शुरू कर दी है। फोरेंसिक साक्ष्य और घटनास्थल से जुटाई गई जानकारी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले में अब दो अलग-अलग घटनाक्रम जाँच के दायरे में हैं। पहला,होटल बिलास इन में पाँच लोगों की हत्या के पीछे की वजह और संपत्ति विवाद की पूरी कहानी। दूसरा, पुलिस हिरासत में गोगोई की मौत और उस दौरान हुई गोलीबारी की परिस्थितियाँ। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक,दोनों पहलुओं से जुड़े तथ्यों की जाँच की जा रही है। होटल गोलीकांड में जान गंवाने वाले लोगों के परिवारों के लिए यह घटना बड़ा सदमा थी। अब मुख्य आरोपी की मौत के बाद मामले की जाँच किस दिशा में आगे बढ़ती है,इस पर सभी की नजर बनी हुई है।
