नई दिल्ली,5 नवंबर (युआईटीवी)- निर्माता नमित मल्होत्रा और निर्देशक नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायण’ को लेकर दर्शकों के बीच उत्साह लगातार बढ़ रहा है। फिल्म के टीजर और ट्रेलर से जुड़ी चर्चाओं के बीच अब मनोरंजन जगत की कई बड़ी हस्तियाँ भी इस महत्वाकांक्षी परियोजना के समर्थन में सामने आ रही हैं। इसी कड़ी में सुपरस्टार ऋषभ शेट्टी ने फिल्म की पूरी टीम को शुभकामनाएँ देते हुए इसकी भव्यता और भारतीय संस्कृति से जुड़ाव की सराहना की है। उन्होंने कहा कि भारतीय परंपराओं और कालजयी कहानियों को इतने बड़े स्तर पर पर्दे पर जीवंत होते देखना गर्व की बात है। ऋषभ के इस संदेश के बाद फिल्म को लेकर चल रही चर्चाओं में एक बार फिर तेजी आ गई है।
‘रामायण’ को साल 2026 की सबसे चर्चित और बहुप्रतीक्षित फिल्मों में गिना जा रहा है। इस फिल्म को बड़े पैमाने पर तैयार किया जा रहा है और इसमें भारतीय सिनेमा के कई चर्चित कलाकार नजर आने वाले हैं। फिल्म की स्टारकास्ट, भव्य दृश्य और तकनीकी स्तर इसे खास बना रहे हैं। हालाँकि,इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता केवल इसका बजट या कलाकारों की लंबी सूची नहीं है, बल्कि वह भावनात्मक और सांस्कृतिक जुड़ाव भी है, जिसे फिल्म की टीम इस महागाथा के साथ जोड़कर देख रही है।
फिल्म की रिलीज से पहले ऋषभ शेट्टी ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट के एक्स स्टोरी सेक्शन में एक विशेष संदेश साझा किया। उन्होंने फिल्म से जुड़े कलाकारों, निर्माताओं और पूरी टीम को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि हमारी कालजयी कहानियों और संस्कृति को इतने भव्य स्तर पर जीवंत होते देखना वास्तव में बेहद खास अनुभव है। उन्होंने इस परियोजना को भारतीय सिनेमा के लिए गर्व का क्षण बताया।
ऋषभ ने अपने संदेश में फिल्म के प्रमुख कलाकारों और इससे जुड़े रचनात्मक लोगों का नाम लेकर उनका उत्साह बढ़ाया। उन्होंने यश, रणबीर कपूर, नमित मल्होत्रा, नितेश तिवारी, साई पल्लवी, सनी देओल, ए. आर. रहमान, हंस जिमर, रवि दुबे, रकुल प्रीत, विवेक ओबेरॉय, अनुपम खेर और काजल अग्रवाल सहित पूरी कास्ट और क्रू को दिल से शुभकामनाएँ दीं।
उन्होंने यह भी कहा कि वह बड़े पर्दे पर इस भव्य सिनेमाई अनुभव को देखने के लिए उत्सुक हैं। ऋषभ ने उम्मीद जताई कि ‘रामायण’ इतिहास रचेगी और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेगी। उनके इस संदेश को फिल्म के प्रति फिल्म जगत में बढ़ते समर्थन के रूप में देखा जा रहा है।
‘रामायण’ केवल एक पौराणिक कथा पर आधारित फिल्म नहीं है,बल्कि भारतीय समाज की सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत से जुड़ी एक ऐसी कहानी है, जिसका प्रभाव पीढ़ियों से लोगों के जीवन में रहा है। भगवान राम, माता सीता, लक्ष्मण और रावण से जुड़ी यह महागाथा देश के अलग-अलग हिस्सों में विभिन्न रूपों में सुनाई और प्रस्तुत की जाती रही है। ऐसे में इसे आधुनिक तकनीक और भव्य सिनेमाई अंदाज में प्रस्तुत करना फिल्म निर्माताओं के लिए बड़ी जिम्मेदारी माना जा रहा है।
फिल्म की टीम शुरुआत से ही इस बात पर जोर देती रही है कि इस कहानी को केवल मनोरंजन की दृष्टि से नहीं देखा जाना चाहिए। इसके पीछे भारतीय संस्कृति,परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों को सम्मान के साथ प्रस्तुत करने की सोच है। यही वजह है कि फिल्म से जुड़ी चर्चाओं में इसके भावनात्मक पक्ष को भी लगातार महत्व मिल रहा है।
आजकल फिल्मों का प्रचार अक्सर पोस्टर, गानों, ट्रेलर और अन्य प्रचार गतिविधियों के इर्द-गिर्द केंद्रित रहता है,लेकिन ‘रामायण’ को लेकर निर्माताओं की कोशिश इसे एक बड़े सांस्कृतिक अनुभव के रूप में दर्शकों के सामने लाने की है। फिल्म की भव्यता के साथ-साथ इसकी कहानी की आत्मा और मूल भावना को बनाए रखना भी एक अहम पहलू है।
नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही इस फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम की भूमिका निभा रहे हैं,जबकि साई पल्लवी माता सीता के किरदार में दिखाई देंगी। यश को रावण की भूमिका में पेश किया जा रहा है। इसके अलावा सनी देओल, रवि दुबे, विवेक ओबेरॉय, अनुपम खेर और काजल अग्रवाल जैसे कलाकार भी इस बड़े प्रोजेक्ट का हिस्सा हैं। इतनी बड़ी स्टारकास्ट के कारण फिल्म को लेकर दर्शकों की दिलचस्पी लगातार बनी हुई है।
फिल्म के संगीत को भी अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर तैयार किया जा रहा है। ए. आर. रहमान और हंस जिमर जैसे दिग्गज संगीतकारों का जुड़ना इसकी खासियतों में शामिल है। भारतीय और अंतर्राष्ट्रीय संगीत प्रतिभाओं का यह संयोजन फिल्म के भावनात्मक और भव्य अनुभव को एक अलग स्तर देने की कोशिश माना जा रहा है।
फिल्म के टीजर और ट्रेलर से जुड़े कंटेंट सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर लगातार चर्चा हो रही है। दर्शक इसके कलाकारों के लुक, दृश्य प्रभावों और कहानी की प्रस्तुति को लेकर उत्सुक हैं। फिल्म जगत की हस्तियों की ओर से मिल रही शुभकामनाएं भी इस चर्चा को और आगे बढ़ा रही हैं।
ऋषभ शेट्टी का समर्थन इसलिए भी खास माना जा रहा है,क्योंकि उन्होंने फिल्म को केवल एक बड़े बजट की परियोजना के रूप में नहीं,बल्कि भारतीय संस्कृति और विरासत को वैश्विक स्तर पर प्रस्तुत करने के अवसर के तौर पर देखा है। उनका संदेश इस बात को रेखांकित करता है कि भारतीय सिनेमा की पारंपरिक कहानियों को आधुनिक तकनीक के साथ नई पीढ़ी तक पहुँचाने की कोशिशों को व्यापक समर्थन मिल रहा है।
अब दर्शकों की नजर इस बात पर है कि बड़े पर्दे पर ‘रामायण’ की यह प्रस्तुति कैसी होगी और फिल्म अपनी भव्यता के साथ कहानी की मूल संवेदना को किस तरह सामने रखेगी। निर्माताओं की उम्मीद है कि यह फिल्म केवल मौजूदा दर्शकों को आकर्षित नहीं करेगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी भारतीय महागाथा को नए अंदाज में प्रस्तुत करने में सफल होगी।
