नई दिल्ली, 25 अप्रैल (युआईटीवी/आईएएनएस)- राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने सोमवार को जम्मू-कश्मीर में हिज्बुल मुजाहिदीन के प्रमुख सैयद सलाहुद्दीन के बेटों की दो संपत्ति कुर्क की, जो यूनाइटेड जिहाद काउंसिल के अध्यक्ष भी हैं। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी। एक बयान में कहा गया, जम्मू और कश्मीर के बडगाम जिले में सोइबुग तहसील में शाहिद यूसुफ और सैयद अहमद शकील की अचल संपत्तियां यूए (पी) अधिनियम की धारा 33 (1) के तहत कुर्क किया गया है।
शाहिद यूसुफ और सैयद अहमद शकील दोनों गिरफ्तारी के बाद से दिल्ली की तिहाड़ जेल में बंद हैं।
उनके खिलाफ क्रमश: 20 अप्रैल, 2018 और 20 नवंबर, 2018 को चार्जशीट भी दायर की गई थी।
दोनों को अपने पिता के सहयोगियों और हिज्बुल मुजाहिद्दीन के ओवरग्राउंड वर्कर्स से विदेश से फंड मिलता रहा था।
सलाहुद्दीन, जो 1993 में पाकिस्तान भाग गया था, अक्टूबर 2020 में भारत द्वारा एक आतंकवादी के रूप में नामित किया गया था।
अधिकारियों ने कहा कि वह पाकिस्तान से काम करना जारी रखता है, जहां से वह हिजबुल कैडरों के साथ-साथ यूजेसी के कार्यकर्ताओं को मार्गदर्शन और निर्देश देता है, जिसे मुत्ताहिदा जिहाद काउंसिल के रूप में भी जाना जाता है, जो लगभग 13 पाकिस्तान स्थित कश्मीर केंद्रित आतंकी संगठनों का समूह है।
भारत में मुख्य रूप से कश्मीर घाटी में उग्रवादी गतिविधियों को उकसाने और संचालित करने के अलावा, सलाहुद्दीन हिज्बुल कैडर की आतंकवादी गतिविधियों को आगे बढ़ाने के लिए व्यापार मार्गो, हवाला चैनलों और अंतर्राष्ट्रीय धन हस्तांतरण चैनलों के माध्यम से भारत में धन जुटा रहा है और वित्त पोषण कर रहा है।
दिल्ली पुलिस के विशेष प्रकोष्ठ ने शुरू में जनवरी 2011 में एक मामला दर्ज किया था और बाद में इस मामले को एनआईए ने अपने हाथ में ले लिया था।
