श्रेया कालरा (तस्वीर क्रेडिट@rashtra_press)

‘लॉकअप-2’ के फिनाले की दौड़ हुई रोमांचक,श्रेया कालरा बनीं दूसरी फाइनलिस्ट,रणनीति पर दिया बड़ा बयान

मुंबई, 5 अगस्त (युआईटीवी)- रियलिटी शो ‘लॉकअप-2’ अपने अंतिम चरण में पहुँच चुका है और अब प्रतियोगिता पहले से कहीं अधिक रोमांचक हो गई है। जैसे-जैसे फिनाले की घड़ी नजदीक आ रही है, वैसे-वैसे प्रतियोगियों के बीच मुकाबला भी तेज होता जा रहा है। हाल ही में प्रसारित एपिसोड में कंटेंट क्रिएटर श्रेया कालरा ने शो की दूसरी फाइनलिस्ट बनने का गौरव हासिल किया। इससे पहले अभिनेत्री शिवांगी जोशी ने फिनाले में अपनी जगह पक्की की थी। श्रेया की इस उपलब्धि ने दर्शकों के बीच नई चर्चा छेड़ दी है,क्योंकि पूरे सीजन के दौरान उन्हें कई बार अन्य प्रतियोगियों के विरोध और रणनीतिक घेराबंदी का सामना करना पड़ा था।

शो के नवीनतम एपिसोड में जोखिम वाले प्रतियोगियों आकांक्षा चमोला, शिल्पा शिंदे और राम कपूर को दूसरे फाइनलिस्ट का चयन करने की जिम्मेदारी दी गई। चर्चा और विचार-विमर्श के बाद इन तीनों ने श्रेया कालरा को फिनाले के लिए चुना। इस फैसले के साथ ही श्रेया ने प्रतियोगिता के अंतिम चरण में अपनी जगह सुनिश्चित कर ली और अब वह विजेता बनने की दौड़ में शामिल हो गई हैं।

फाइनलिस्ट बनने के बाद श्रेया कालरा ने शिल्पा शिंदे के साथ बातचीत के दौरान पूरे खेल के दौरान अपनाई गई रणनीतियों और अन्य प्रतियोगियों के व्यवहार पर खुलकर अपनी राय रखी। उन्होंने कहा कि कुछ प्रतिभागियों की रणनीति अंततः उनके ही खिलाफ चली गई। श्रेया का मानना है कि किसी एक प्रतियोगी को लगातार अलग-थलग करना या उसके खिलाफ समूह बनाना कई बार उसी प्रतिभागी की स्थिति को मजबूत कर देता है।

बातचीत के दौरान श्रेया ने विशेष रूप से योगेश रावत का जिक्र किया,जिन्हें पहले भी रियलिटी शो का अनुभव रहा है। उन्होंने आश्चर्य जताया कि इतने अनुभवी प्रतियोगी भी यह नहीं समझ पाए कि किसी एक व्यक्ति को लगातार निशाना बनाना दर्शकों की सहानुभूति और समर्थन उस प्रतिभागी की ओर बढ़ा सकता है। श्रेया ने कहा कि वह समझ सकती हैं कि कुछ प्रतियोगियों के पास रियलिटी शो का अनुभव नहीं था,लेकिन जिन लोगों ने पहले ऐसे कार्यक्रमों में हिस्सा लिया है,उन्हें इस प्रकार की परिस्थितियों का बेहतर अंदाजा होना चाहिए था।

श्रेया ने बातचीत में कहा कि यदि वह खुद उस समूह का हिस्सा होतीं,तब भी वह उस व्यक्ति का साथ देतीं जिसे बाकी सभी लोग घेर रहे होते। उनके अनुसार,किसी एक प्रतिभागी को बार-बार कोने में धकेलने की रणनीति ने अंततः उसी खिलाड़ी को मजबूत बना दिया और फिनाले तक पहुँचा दिया। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने स्वयं इतनी बड़ी रणनीति नहीं बनाई थी और शुरुआत में उनका लक्ष्य केवल कुछ सप्ताह तक शो में बने रहना था,लेकिन परिस्थितियों और अन्य प्रतिभागियों के व्यवहार ने उनके खेल की दिशा बदल दी।

श्रेया के इस बयान ने शो के भीतर चल रही रणनीतियों और समूहबाजी पर नई चर्चा शुरू कर दी है। दर्शकों का भी मानना है कि रियलिटी शो में कई बार प्रतिभागियों की व्यक्तिगत लोकप्रियता के साथ-साथ उनके प्रति घर के अन्य सदस्यों का व्यवहार भी परिणामों को प्रभावित करता है। जब किसी प्रतियोगी को लगातार निशाना बनाया जाता है,तो कई बार दर्शक उसके समर्थन में खड़े हो जाते हैं और यही बात उसके पक्ष में माहौल बना देती है।

फिलहाल शो अपने निर्णायक दौर में पहुँच चुका है और प्रतियोगिता में अब केवल कुछ ही प्रतिभागी बचे हैं। शिवांगी जोशी और श्रेया कालरा के फाइनलिस्ट बनने के बाद शिल्पा शिंदे,राम कपूर और योगेश रावत अभी भी फिनाले में जगह बनाने की कोशिश कर रहे हैं। प्रत्येक एपिसोड के साथ मुकाबला और कठिन होता जा रहा है तथा प्रतिभागियों को अपनी रणनीति,मानसिक संतुलन और प्रदर्शन के आधार पर आगे बढ़ना होगा।

इस सीजन की मेजबानी अभिनेता रितेश और फिल्म निर्माता फराह खान कर रहे हैं। दोनों मेजबानों ने पूरे सीजन में प्रतियोगियों के प्रदर्शन,उनकी रणनीतियों और खेल के उतार-चढ़ाव पर अपनी प्रतिक्रियाओं से दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया है। उनकी मौजूदगी ने शो में ऊर्जा और प्रतिस्पर्धा का माहौल बनाए रखा है।

‘लॉकअप-2’ का प्रारूप भी इसे अन्य रियलिटी शो से अलग बनाता है। इस सीजन में छह सप्ताह की अवधि के लिए कुल 14 कैदियों,दो जेलरों और एक लॉकअप की अवधारणा पर आधारित प्रतियोगिता तैयार की गई। शो के नियमों के अनुसार प्रतिभागियों को भोजन, आवश्यक सामान और अन्य सुविधाएँ प्राप्त करने के लिए विभिन्न टास्क पूरे करने होते हैं। इन कार्यों के बदले उन्हें इन-गेम करेंसी मिलती है,जिसका उपयोग वे अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए करते हैं। यही प्रारूप प्रतिभागियों के बीच प्रतिस्पर्धा के साथ-साथ रणनीतिक खेल को भी बढ़ावा देता है।

श्रेया कालरा की बात करें तो वह सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म की लोकप्रिय कंटेंट क्रिएटर के रूप में जानी जाती हैं। उन्होंने अपने करियर की शुरुआत डिजिटल माध्यम से की और धीरे-धीरे युवाओं के बीच अपनी अलग पहचान बनाई। वर्ष 2020 में उन्हें पहली बार व्यापक पहचान उस समय मिली,जब उन्होंने लोकप्रिय रियलिटी शो ‘रोडीज’ में वाइल्ड कार्ड प्रतियोगी के रूप में प्रवेश किया। उस दौरान वह निखिल चिनप्पा की टीम का हिस्सा थीं और अपने आत्मविश्वास तथा स्पष्ट व्यक्तित्व के कारण दर्शकों का ध्यान आकर्षित करने में सफल रही थीं।

हालाँकि,श्रेया का पारंपरिक टेलीविजन धारावाहिकों से जुड़ाव नहीं रहा है,लेकिन उन्होंने कई रियलिटी कार्यक्रमों की मेजबानी की है। मंच संचालन और डिजिटल कंटेंट निर्माण के अनुभव ने उन्हें दर्शकों के बीच एक अलग पहचान दिलाई। यही अनुभव अब ‘लॉकअप-2’ में भी उनके आत्मविश्वास और व्यक्तित्व में दिखाई दे रहा है।

दूसरी ओर शिवांगी जोशी पहले ही फाइनल में पहुँच चुकी हैं और उन्हें भी शो की मजबूत दावेदार माना जा रहा है। ऐसे में फिनाले की दौड़ अब और अधिक दिलचस्प हो गई है। दर्शक यह देखने के लिए उत्सुक हैं कि शेष प्रतियोगियों में से कौन अंतिम मुकाबले में अपनी जगह बनाएगा और आखिरकार इस सीजन की ट्रॉफी किसके नाम होगी।

फिलहाल श्रेया कालरा के फाइनलिस्ट बनने के बाद प्रतियोगिता का रोमांच अपने चरम पर पहुंच गया है। उनके हालिया बयान ने यह भी संकेत दिया है कि रियलिटी शो में केवल टास्क जीतना ही पर्याप्त नहीं होता,बल्कि प्रतिभागियों के बीच बनने वाले रिश्ते,रणनीतियाँ और समूहबाजी भी खेल की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाती हैं। अब सभी की निगाहें फिनाले पर टिकी हैं,जहाँ बचे हुए प्रतियोगी आखिरी बार अपनी क्षमता और रणनीति का प्रदर्शन करते हुए विजेता बनने के लिए पूरा दम लगाएँगे।