प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए सांसदों के साथ की विशेष बैठक (तस्वीर क्रेडिट@TawdeVinod)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नए सांसदों के साथ की विशेष बैठक,संसद में सक्रिय भागीदारी और जनसेवा पर दिया जोर

नई दिल्ली,5 अगस्त (युआईटीवी)- संसद के मौजूदा सत्र के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को अपने सरकारी आवास पर भारतीय जनता पार्टी के नए सांसदों के साथ विशेष नाश्ता बैठक आयोजित की। इस बैठक का उद्देश्य नए सांसदों को संसदीय कार्यप्रणाली, सदन की गरिमा और प्रभावी जनप्रतिनिधित्व के महत्व से अवगत कराना था। सूत्रों के अनुसार,प्रधानमंत्री ने सांसदों से संसद में अधिक समय बिताने,सदन की कार्यवाही में सक्रिय भागीदारी निभाने और सभी दलों के सांसदों से सीखने की सलाह दी। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया कि लोकतंत्र की मजबूती के लिए संवाद,सहयोग और सकारात्मक सहभागिता बेहद आवश्यक है।

बैठक में भारतीय जनता पार्टी के 37 नए सांसद शामिल हुए। प्रधानमंत्री ने सभी सांसदों के साथ अनौपचारिक वातावरण में चर्चा की और संसदीय जीवन से जुड़े अपने अनुभव भी साझा किए। उन्होंने कहा कि संसद केवल कानून बनाने का मंच नहीं है,बल्कि यह लोकतांत्रिक मूल्यों,विचार-विमर्श और जनहित से जुड़े मुद्दों को आगे बढ़ाने का सर्वोच्च संस्थान है। इसलिए प्रत्येक सांसद का दायित्व है कि वह सदन की कार्यवाही में नियमित रूप से उपस्थित रहे और अपनी भूमिका पूरी जिम्मेदारी के साथ निभाए।

सूत्रों के मुताबिक प्रधानमंत्री ने नए सांसदों से कहा कि वे सदन में जितना अधिक समय बिताएँगे,उतना ही अधिक अनुभव प्राप्त करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सीखने की प्रक्रिया कभी समाप्त नहीं होती और प्रत्येक सांसद को सत्ता पक्ष तथा विपक्ष दोनों के सदस्यों से सीखने का प्रयास करना चाहिए। उनके अनुसार लोकतंत्र में विचारों का आदान-प्रदान ही संसद की सबसे बड़ी ताकत है और विभिन्न दलों के नेताओं के अनुभव से बहुत कुछ सीखा जा सकता है।

प्रधानमंत्री ने सांसदों को आपसी सहयोग की भावना के साथ कार्य करने की भी सलाह दी। उन्होंने कहा कि राजनीतिक मतभेद लोकतांत्रिक व्यवस्था का हिस्सा हैं,लेकिन राष्ट्रहित और जनसेवा के मुद्दों पर सभी जनप्रतिनिधियों को मिलकर काम करना चाहिए। उन्होंने नए सांसदों से आग्रह किया कि वे संसद में अपने व्यवहार,अनुशासन और कार्यशैली से जनता का विश्वास मजबूत करें तथा अपने निर्वाचन क्षेत्रों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से सदन के सामने रखें।

बैठक में कई नए सांसद मौजूद रहे,जिनमें नितिन नवीन,सुष्मिता देव,राजेंद्र गुप्ता,राहुल सिंह, स्वाति मालीवाल,राघव चड्ढा,अशोक मित्तल,संदीप पाठक और विक्रमजीत सिंह साहनी सहित अन्य सांसद शामिल थे। प्रधानमंत्री ने सभी से व्यक्तिगत रूप से बातचीत की और संसदीय दायित्वों के प्रति गंभीरता बनाए रखने का संदेश दिया। उन्होंने सांसदों को यह भी समझाया कि संसद में प्रभावी भूमिका निभाने के लिए लगातार अध्ययन,तैयारी और विषयों की गहरी समझ आवश्यक होती है।

इस बैठक से एक दिन पहले मंगलवार को राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की संसदीय दल की बैठक भी आयोजित की गई थी। संसद पुस्तकालय भवन के जीएमसी बालयोगी सभागार में आयोजित इस बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अलावा रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित गठबंधन के कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। बैठक का उद्देश्य संसद सत्र के दौरान गठबंधन के सांसदों के बीच समन्वय बनाए रखना और विभिन्न विधायी एवं राजनीतिक मुद्दों पर रणनीति तैयार करना था।

बैठक के बाद कई सांसदों ने इसे उपयोगी और प्रेरणादायक बताया। भारतीय जनता पार्टी के सांसद हेमंग जोशी ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कार्यक्रम की तस्वीरें साझा करते हुए लिखा कि राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की संसदीय दल की “मंगल मिलन” बैठक नई जानकारियों और अनुभवों से भरपूर रही। उन्होंने कहा कि इस तरह की बैठकों से सांसदों को संगठनात्मक और संसदीय कार्यों को बेहतर ढंग से समझने का अवसर मिलता है।

राज्यसभा सांसद माया नरोलिया ने भी सोशल मीडिया पर अपनी प्रतिक्रिया साझा की। उन्होंने लिखा कि संसद भवन में आयोजित “मंगल मिलन” कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति ने सांसदों का उत्साह बढ़ाया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन राष्ट्रहित, सुशासन और जनसेवा के प्रति पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है तथा विकास और लोकतांत्रिक मूल्यों को आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन की संसदीय दल की बैठकें संसद सत्र के दौरान नियमित रूप से आयोजित की जाती हैं। परंपरा के अनुसार ये बैठकें प्रायः मंगलवार को होती हैं,जिनमें गठबंधन के सभी सांसदों को सरकार की नीतियों,संसदीय रणनीति और आगामी विधायी कार्यों की जानकारी दी जाती है। पिछली बैठक 28 जुलाई को आयोजित हुई थी, जिसमें भी संसद की कार्यवाही और विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई थी।

इस बार की बैठक की एक और विशेषता यह रही कि तृणमूल कांग्रेस से अलग होकर हाल ही में गठित “नेशनलिस्ट सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया” के सांसद भी इसमें शामिल हुए। उनके शामिल होने को गठबंधन की एकजुटता और विस्तार के संकेत के रूप में देखा जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संसद सत्र के दौरान इस प्रकार की बैठकों का उद्देश्य केवल संसदीय रणनीति तय करना ही नहीं होता,बल्कि गठबंधन के सहयोगी दलों के बीच समन्वय और विश्वास को भी मजबूत करना होता है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नए सांसदों के साथ हुई यह बैठक इस बात का संकेत है कि सरकार संसदीय परंपराओं, लोकतांत्रिक मूल्यों और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भूमिका को विशेष महत्व दे रही है। संसद में नियमित उपस्थिति,गंभीर चर्चा,सकारात्मक सहयोग और जनता से जुड़े मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाने पर प्रधानमंत्री का जोर यह दर्शाता है कि सरकार नए सांसदों को केवल राजनीतिक प्रतिनिधि नहीं,बल्कि लोकतंत्र की मजबूत कड़ी के रूप में तैयार करना चाहती है। आने वाले समय में इन नए सांसदों की संसदीय भूमिका और उनकी सक्रिय भागीदारी पर सभी की निगाहें बनी रहेंगी।