आलिया भट्ट

आलिया भट्ट ने नेपोटिज्म पर दी प्रतिक्रिया,कहा नहीं मिला पिता महेश भट्ट से कोई सपोर्ट

मुंबई,23 सितंबर (युआईटीवी)- बॉलीवुड अभिनेत्री आलिया भट्ट नेपोटिज्म को लेकर फिर से खबर में हैं। नेपोटिज्म को लेकर उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में मैं अपनी काबिलियत की बदौलत हूँ। पिता महेश भट्ट से किसी प्रकार की कोई मदद नहीं मिली है। उन्होंने मेरे फ़िल्मी करियर में किसी प्रकार का कोई सपोर्ट या सहयोग नहीं किया है।

बताया जा रहा है कि हाल ही में एक इंटरव्यू में आलिया भट्ट ने नेपोटिज्म पर खुलकर बात की। उन्होंने कहा कि उन्हें डैडी महेश भट्ट से कोई सपोर्ट नहीं मिला है।

आलिया भट्ट बॉलीवुड की टॉप अभिनेत्रियों में से एक है। साल 2012 के फिल्म स्टूडेंट ऑफ द ईयर से उन्होंने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की। स्टार किड होने के नाते उन पर हमेशा से ही नेपोटिज्म का आरोप लगता रहा है। हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में आलिया भट्ट ने नेपोटिज्म पर खुलकर अपनी प्रतिक्रया दी है।

सोनी राजदान-महेश भट्ट
सोनी राजदान-महेश भट्ट

फिल्म अभिनेत्री आलिया भट्ट के पिता महेश भट्ट हैं,जो एक फिल्मकार हैं। लेकिन आलिया का कहना है कि करियर बनाने के लिए उन्हें अपने पिता महेश भट्ट का किसी प्रकार से कोई सपोर्ट नहीं मिला है। उन्होंने कहा मेरा झुकाव फिल्मी दुनिया की तरफ काफी ज्यादा था। लेकिन ऐसा नहीं है कि मेरे पिता ने मुझसे ऐसा कहा हो कि जिस दिन तुम अभिनय की दुनिया में आना चाहोगी,हम तुम्हें फिल्म दे देंगे।

अपनी माँ सोनी राजदान को लेकर भी एक बड़ा खुलासा करते हुए कहा कि उनकी माँ फिल्म पृष्ठभूमि से आती है। फिर भी उन्हें फिल्मों में ज्यादा काम नहीं मिला। जबकि वह फिल्मों में ज्यादा-से-ज्यादा काम करना चाहती थी।

आलिया भट्ट
आलिया भट्ट

अभिनेत्री आलिया भट्ट आगे कहती हैं कि बहुत से लोगों को यह मालूम नहीं है,बतौर एक्ट्रेस मेरी माँ ज्यादा से ज्यादा काम करना चाह रही थी। एक फिल्म डायरेक्टर और प्रोड्यूसर से शादी करने के बाद भी उन्हें ऐसा नहीं लगा,कि उन्हें एक्टिंग का अधिकार मिल गया है। अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए आलिया भट्ट ने कहा कि शुरुआत में जब कोई उन पर नेपोटिज्म का आरोप लगाता था तो उनकी प्रतिक्रिया बचाव वाली होती थी। वह कहती थी, मैं कड़ी मेहनत करती हूँ,तो यह सवाल क्यों किया जा रहा है। लेकिन अब अभिनेत्री आलिया भट्ट समझ गई है, कि दुनिया में और भी बहुत ज्यादा संघर्ष है।

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