नई दिल्ली,10 सितंबर (युआईटीवी)- अमेरिकी टेक्नोलॉजी कंपनी एप्पल ने आखिरकार फोल्डेबल स्मार्टफोन के बाजार में कदम रख दिया है। कंपनी ने अपना पहला फोल्डेबल स्मार्टफोन ‘आईफोन डुओ’ पेश किया है। भारत में इस डिवाइस की शुरुआती कीमत 2,99,900 रुपये रखी गई है। कंपनी का कहना है कि नए आईफोन को इस तरह डिजाइन किया गया है कि यूजर्स को प्रीमियम आईफोन अनुभव के साथ बड़ी स्क्रीन का फायदा मिल सके। खास तौर पर कंटेंट देखने,एक साथ कई काम करने और रचनात्मक गतिविधियों के लिए इसे तैयार किया गया है।
आईफोन डुओ की बिक्री 23 अक्टूबर से शुरू होगी,जबकि इसके लिए प्री-ऑर्डर 16 अक्टूबर से किए जा सकेंगे। फोल्डेबल सेगमेंट में एप्पल की एंट्री को कंपनी के स्मार्टफोन कारोबार के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अभी तक एप्पल ने अपने पारंपरिक डिजाइन के साथ ही प्रीमियम स्मार्टफोन बाजार में अपनी मजबूत स्थिति बनाए रखी थी, लेकिन अब फोल्डेबल डिवाइस के जरिए कंपनी उन ग्राहकों को आकर्षित करने की कोशिश कर रही है, जो बड़ी स्क्रीन और नए फॉर्म फैक्टर वाला स्मार्टफोन चाहते हैं।
आईफोन डुओ में 7.6 इंच की इनर डिस्प्ले दी गई है, जबकि फोल्ड होने के बाद इस्तेमाल के लिए 5.4 इंच की आउटर डिस्प्ले मौजूद है। दोनों स्क्रीन का आस्पेक्ट रेश्यो एक जैसा रखा गया है। कंपनी के अनुसार,इससे दोनों स्क्रीन के बीच कंटेंट को बेहतर तरीके से एडजस्ट किया जा सकेगा। यूजर्स डिवाइस को अपनी जरूरत के हिसाब से खोलकर बड़ी स्क्रीन पर काम कर सकते हैं और फोल्ड करके बाहरी स्क्रीन के जरिए सामान्य स्मार्टफोन की तरह इसका इस्तेमाल कर सकते हैं।
कंपनी ने इनर डिस्प्ले को लेकर भी कई तकनीकी बदलाव किए हैं। इसमें नैनो-टेक्सचर फिनिश दी गई है, जिसका उद्देश्य स्क्रीन पर पड़ने वाली चमक को कम करना है। एप्पल का दावा है कि यह फिनिश डिस्प्ले पर दिखाई देने वाली क्रीज को भी कम प्रमुख बनाती है। फोल्डेबल स्मार्टफोन में स्क्रीन की क्रीज लंबे समय से एक महत्वपूर्ण चुनौती रही है और ऐसे में एप्पल ने अपने पहले फोल्डेबल आईफोन में इस हिस्से पर विशेष ध्यान दिया है।
प्रदर्शन के लिहाज से आईफोन डुओ में एप्पल की ए20 प्रो चिप दी गई है। कंपनी ने इसमें एडवांस्ड थर्मल मैनेजमेंट सिस्टम भी शामिल किया है। फोल्डेबल डिजाइन में डिवाइस के भीतर मौजूद घटकों के लिए जगह सीमित होती है,ऐसे में बेहतर ताप प्रबंधन लंबे समय तक फोन के प्रदर्शन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। इसके साथ ही फोन में डुअल-बैटरी आर्किटेक्चर दिया गया है,जिसे बड़ी इनर स्क्रीन के बावजूद बेहतर बैटरी प्रदर्शन के लिए डिजाइन किया गया है।
बैटरी को लेकर कंपनी ने भी बड़े दावे किए हैं। एप्पल के मुताबिक,इनर डिस्प्ले पर आईफोन डुओ में 31 घंटे तक वीडियो प्लेबैक किया जा सकता है। वहीं,आउटर डिस्प्ले का इस्तेमाल करने पर वीडियो प्लेबैक का समय 44 घंटे तक पहुँच सकता है। हालाँकि,वास्तविक इस्तेमाल में बैटरी बैकअप यूजर की स्क्रीन ब्राइटनेस, नेटवर्क, ऐप्स और अन्य गतिविधियों पर निर्भर करेगा,लेकिन कंपनी का दावा फोल्डेबल डिवाइस की बैटरी क्षमता को लेकर महत्वपूर्ण है।
कैमरा अनुभव को भी आईफोन डुओ के प्रमुख फीचर्स में शामिल किया गया है। एप्पल ने फोल्डेबल डिजाइन को ध्यान में रखते हुए नए कैमरा अनुभव पेश किए हैं। इनमें स्मार्ट टेक, डुओ प्रीव्यू और डुओ फेसटाइम जैसे फीचर शामिल हैं। इन सुविधाओं का उद्देश्य फोन को अलग-अलग एंगल और फोल्डिंग स्थितियों में इस्तेमाल करने के दौरान कैमरा अनुभव को अधिक सहज बनाना है। फोल्डेबल स्क्रीन का इस्तेमाल वीडियो कॉल और सेल्फी जैसे कामों में भी अलग तरीके से किया जा सकेगा।
आईफोन डुओ के सॉफ्टवेयर में भी फोल्डेबल स्क्रीन का फायदा उठाने के लिए बदलाव किए गए हैं। आईओएस 27 में स्प्लिट व्यू जैसे मल्टीटास्किंग फीचर जोड़े गए हैं। इसके अलावा यूजर्स ऐप्स के पेयर को सेव भी कर सकेंगे। इसका फायदा उन लोगों को मिल सकता है जो एक साथ दो ऐप का इस्तेमाल करते हैं,जैसे एक तरफ वीडियो देखते हुए दूसरी तरफ नोट्स बनाना या किसी दस्तावेज के साथ दूसरे ऐप में काम करना।
एप्पल के सीईओ जॉन टर्नस ने आईफोन डुओ को कंपनी के लिए बेहद महत्वपूर्ण उत्पाद बताया। उन्होंने कहा कि यह ओरिजिनल आईफोन के बाद आईफोन में सबसे बड़ा बदलाव है। उनके मुताबिक, पूरी तरह नए डिजाइन और आसान अनुभव के साथ यह डिवाइस दिखाता है कि हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर को एक साथ विकसित करने पर किस तरह की संभावनाएं सामने आ सकती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आईफोन डुओ फोल्डेबल फोन के इस्तेमाल के तरीके को नए सिरे से परिभाषित करने की कोशिश करता है।
भारत में आईफोन डुओ की कीमत को लेकर भी बाजार में खास चर्चा है। 2,99,900 रुपये की शुरुआती कीमत इसे प्रीमियम स्मार्टफोन बाजार के सबसे महंगे विकल्पों में शामिल करती है। साइबरमीडिया रिसर्च के इंडस्ट्री इंटेलिजेंस ग्रुप के प्रमुख प्रभु राम के मुताबिक, यह डिवाइस तत्काल बड़े पैमाने पर बिक्री हासिल करने के बजाय एप्पल के मौजूदा प्रो सीरीज से ऊपर एक नई ‘अल्ट्रा-प्रीमियम’ श्रेणी तैयार कर सकता है।
प्रभु राम ने भारत में इसकी कीमत अमेरिका की तुलना में अधिक होने के पीछे कई कारण बताए। इनमें मेमोरी की बढ़ती लागत, रुपये की कमजोर स्थिति, कस्टम ड्यूटी, स्थानीय कर ढाँचा और चैनल मार्जिन जैसे कारक शामिल हैं। उनके मुताबिक,शुरुआती दौर में आईफोन डुओ की शिपमेंट सीमित रह सकती है और सप्लाई से जुड़ी चुनौतियाँ भी सामने आ सकती हैं। इसके बावजूद उनका मानना है कि यह डिवाइस प्रो मैक्स श्रेणी के मौजूदा यूजर्स को आकर्षित करने की अच्छी स्थिति में है।
आईफोन डुओ को एप्पल ने दो रंगों में पेश किया है। ग्राहक इसे ‘स्टार व्हाइट’ और ‘नाइट स्काई’ रंग में खरीद सकेंगे। स्टोरेज के लिहाज से भी कंपनी ने अलग-अलग विकल्प दिए हैं। इसमें 256 जीबी से लेकर 2 टीबी तक के स्टोरेज विकल्प उपलब्ध होंगे। इससे यूजर्स अपनी जरूरत और बजट के हिसाब से मॉडल चुन सकेंगे,हालाँकि अधिक स्टोरेज वाले संस्करणों की कीमत स्वाभाविक रूप से ज्यादा होगी।
फोल्डेबल स्मार्टफोन बाजार में एप्पल की एंट्री ऐसे समय में हुई है,जब बड़ी टेक कंपनियाँ इस श्रेणी में लगातार नए प्रयोग कर रही हैं। एप्पल का अपना फोल्डेबल फोन लॉन्च करना इस सेगमेंट को और अधिक प्रतिस्पर्धी बना सकता है। कंपनी के लिए चुनौती यह होगी कि वह अपने पारंपरिक आईफोन ग्राहकों को नए फॉर्म फैक्टर की ओर आकर्षित करने के साथ-साथ इतनी ऊँची कीमत को भी बाजार में सही ठहरा सके।
आईफोन डुओ के प्री-ऑर्डर 16 अक्टूबर से शुरू होंगे और 23 अक्टूबर से यह ग्राहकों के लिए उपलब्ध होगा। अब देखना होगा कि एप्पल का यह नया फोल्डेबल स्मार्टफोन भारतीय बाजार में कितना प्रभाव छोड़ता है और क्या कंपनी अपने प्रीमियम आईफोन ग्राहकों के बीच इस नए डिवाइस के लिए पर्याप्त माँग पैदा कर पाती है। फिलहाल, आईफोन डुओ के जरिए एप्पल ने फोल्डेबल स्मार्टफोन की दौड़ में अपनी मौजूदगी दर्ज करा दी है और आने वाले समय में इस बाजार में प्रतिस्पर्धा और तेज होने की उम्मीद है।
