नई दिल्ली,2 सितंबर (युआईटीवी)- टेक्नोलॉजी दिग्गज एप्पल में नेतृत्व परिवर्तन के साथ ही कंपनी के नए मुख्य कार्यकारी अधिकारी जॉन टर्नस के वेतन और स्टॉक पैकेज का भी खुलासा हो गया है। कंपनी की ओर से अमेरिकी प्रतिभूति एवं विनिमय आयोग में दाखिल की गई जानकारी के मुताबिक,वित्त वर्ष 2027 में जॉन टर्नस को करीब 58 मिलियन डॉलर का कुल पैकेज मिलेगा। वहीं,लंबे समय तक एप्पल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रहे टिम कुक अब कार्यकारी चेयरमैन की भूमिका सँभालेंगे और इस पद पर उन्हें करीब 47 मिलियन डॉलर का पैकेज मिलेगा। यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है,जब एप्पल अपने नेतृत्व में नई पीढ़ी को जिम्मेदारी सौंप रहा है।
कंपनी की ओर से यह जानकारी मंगलवार को दाखिल की गई फाइलिंग में सामने आई। खास बात यह है कि मंगलवार ही जॉन टर्नस के एप्पल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के तौर पर कार्यकाल का पहला दिन था। इससे पहले वह कंपनी में हार्डवेयर इंजीनियरिंग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष के पद पर काम कर रहे थे। हार्डवेयर से जुड़े उत्पादों और तकनीकी विकास में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है। अब कंपनी की व्यापक कारोबारी रणनीति और भविष्य के विकास की जिम्मेदारी उनके कंधों पर होगी।
फाइलिंग के अनुसार,वित्त वर्ष 2027 में जॉन टर्नस को 3 मिलियन डॉलर की सालाना मूल सैलरी मिलेगी। इसके अलावा उन्हें 55 मिलियन डॉलर के लक्ष्य मूल्य वाला स्टॉक अवॉर्ड दिया जाएगा। इस पैकेज में वित्त वर्ष 2026 के लिए करीब 2.5 मिलियन डॉलर का आनुपातिक प्रतिबंधित स्टॉक यूनिट अवॉर्ड भी शामिल है। वित्त वर्ष 2026 का साल सितंबर में समाप्त हो रहा है,इसलिए इस अवधि के लिए उनका स्टॉक अवॉर्ड उनके कार्यकाल के हिसाब से आनुपातिक रूप से तय किया गया है।
जॉन टर्नस को मिलने वाले इक्विटी अवॉर्ड की संरचना भी काफी महत्वपूर्ण है। उनके इक्विटी अवॉर्ड का 75 प्रतिशत हिस्सा एप्पल के प्रदर्शन से जुड़ा होगा। कंपनी के प्रदर्शन को एसएंडपी 500 सूचकांक में शामिल कंपनियों के मुकाबले मापा जाएगा। यानी इस हिस्से का वास्तविक मूल्य इस बात पर निर्भर करेगा कि एप्पल का प्रदर्शन व्यापक अमेरिकी शेयर बाजार की बड़ी कंपनियों की तुलना में कैसा रहता है। इससे नए सीईओ के पारिश्रमिक को सीधे कंपनी के प्रदर्शन और शेयरधारकों के हित से जोड़ने की कोशिश की गई है।
वहीं,बाकी 25 प्रतिशत इक्विटी अवॉर्ड समय आधारित स्टॉक यूनिट के रूप में होगा। ये स्टॉक यूनिट हर छह महीने में निहित यानी वेस्ट होंगी। इस व्यवस्था के जरिए कंपनी ने जॉन टर्नस के दीर्घकालिक जुड़ाव को बनाए रखने के साथ-साथ उनके पारिश्रमिक का एक हिस्सा एप्पल के प्रदर्शन से जोड़ने का संतुलन बनाया है।
दूसरी ओर,टिम कुक के पारिश्रमिक में उनकी नई भूमिका के अनुरूप बदलाव किया गया है। एप्पल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी का पद छोड़कर कार्यकारी चेयरमैन बनने के बाद उनकी सालाना मूल सैलरी 3 मिलियन डॉलर से घटकर 2 मिलियन डॉलर हो जाएगी। हालाँकि,उन्हें वित्त वर्ष 2027 के लिए 45 मिलियन डॉलर का स्टॉक अवॉर्ड मिलेगा। इस स्टॉक अवॉर्ड का आधा हिस्सा कंपनी के प्रदर्शन से जुड़ा होगा। इसका मतलब है कि नई भूमिका में भी टिम कुक के पारिश्रमिक का एक महत्वपूर्ण हिस्सा एप्पल के प्रदर्शन पर निर्भर रहेगा।
टिम कुक के नए पैकेज की तुलना उनके पिछले पारिश्रमिक से करें तो इसमें बड़ा अंतर दिखाई देता है। वर्ष 2025 में एप्पल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के तौर पर टिम कुक को कुल 74.3 मिलियन डॉलर का पैकेज मिला था। अब मुख्य कार्यकारी अधिकारी की जिम्मेदारी से हटने के बाद उनके वेतन और स्टॉक अवॉर्ड की संरचना में बदलाव किया गया है। हालाँकि,कार्यकारी चेयरमैन के रूप में उनकी भूमिका कंपनी के लिए महत्वपूर्ण बनी रहेगी और नेतृत्व परिवर्तन के दौरान उनका अनुभव एप्पल के लिए उपयोगी माना जा रहा है।
कंपनी की फाइलिंग में यह भी स्पष्ट किया गया है कि दोनों अधिकारियों को दिए जाने वाले स्टॉक अवॉर्ड का वास्तविक मूल्य स्थिर नहीं रहेगा। इन शेयर आधारित पुरस्कारों की कीमत एप्पल के शेयर मूल्य के साथ बढ़ या घट सकती है। ऐसे में कागज पर तय किए गए लक्ष्य मूल्य और भविष्य में वास्तविक रूप से प्राप्त होने वाले लाभ में अंतर हो सकता है। कंपनी ने इस फाइलिंग में नकद बोनस की जानकारी नहीं दी है। आमतौर पर इस तरह के बोनस वेतन और कंपनी के प्रदर्शन जैसे विभिन्न मानकों के आधार पर तय किए जाते हैं।
टिम कुक ने करीब 15 वर्षों तक एप्पल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी के रूप में कंपनी का नेतृत्व किया। उनके कार्यकाल को एप्पल के इतिहास के सबसे महत्वपूर्ण दौरों में गिना जाता है। इस दौरान कंपनी ने अपने पारंपरिक उत्पादों से आगे बढ़ते हुए कई नई उत्पाद श्रेणियों और सेवाओं में विस्तार किया। उनके नेतृत्व में एप्पल का सालाना राजस्व बढ़कर करीब 500 बिलियन डॉलर तक पहुँच गया। कंपनी के शेयर प्रदर्शन में भी उनके कार्यकाल के दौरान जबरदस्त वृद्धि देखने को मिली और एप्पल के शेयरों में 2,200 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी हुई।
टिम कुक के नेतृत्व में एप्पल ने आईफोन पर अपनी निर्भरता बनाए रखते हुए सेवाओं, पहनने योग्य उपकरणों और अन्य उत्पाद श्रेणियों में भी विस्तार किया। इस रणनीति ने कंपनी के कारोबार को कई क्षेत्रों में फैलाने में मदद की। अब जॉन टर्नस के सामने इस मजबूत कारोबारी आधार को आगे बढ़ाने की चुनौती होगी। उन्हें ऐसे समय में कंपनी की कमान मिली है,जब तकनीकी उद्योग तेजी से बदल रहा है और कृत्रिम बुद्धिमत्ता,हार्डवेयर नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा जैसे मुद्दे एप्पल की भविष्य की रणनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं।
जॉन टर्नस लंबे समय से एप्पल के हार्डवेयर विकास से जुड़े रहे हैं। मुख्य कार्यकारी अधिकारी बनने से पहले वह हार्डवेयर इंजीनियरिंग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष के रूप में काम कर रहे थे। इस वजह से उन्हें कंपनी के उत्पाद विकास,इंजीनियरिंग और तकनीकी प्रक्रियाओं की गहरी समझ है। अब उनकी नई भूमिका में इस तकनीकी अनुभव को कंपनी की व्यापक कारोबारी रणनीति के साथ जोड़ना महत्वपूर्ण होगा।
एप्पल के नेतृत्व परिवर्तन के साथ सामने आया यह पारिश्रमिक पैकेज कंपनी की भविष्य की प्राथमिकताओं का भी संकेत देता है। जॉन टर्नस के पैकेज का बड़ा हिस्सा प्रदर्शन आधारित होने से यह स्पष्ट है कि कंपनी नए नेतृत्व को शेयरधारकों के लिए बेहतर प्रदर्शन और दीर्घकालिक मूल्य निर्माण से जोड़ना चाहती है। वहीं,टिम कुक का कार्यकारी चेयरमैन के रूप में बने रहना नेतृत्व परिवर्तन को निरंतरता देने की कोशिश के तौर पर देखा जा सकता है। इस तरह एप्पल ने एक ओर नई पीढ़ी को मुख्य कार्यकारी की जिम्मेदारी सौंपी है,तो दूसरी ओर टिम कुक के अनुभव को कंपनी के शीर्ष नेतृत्व ढाँचे में बनाए रखा है।
