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बादशाह ने रिलीज किया पहला मराठी हिप-हॉप गाना ‘चिमना’,लोक संगीत और आधुनिक रैप के संगम ने मचाई धूम

मुंबई,1 सितंबर (युआईटीवी)- मशहूर रैपर बादशाह ने अपने संगीत करियर में एक नया कदम बढ़ाते हुए पहला मराठी हिप-हॉप गाना ‘चिमना’ रिलीज कर दिया है। सोमवार को जारी किए गए इस गाने में महाराष्ट्र की पारंपरिक लोक संस्कृति और आधुनिक हिप-हॉप संगीत का अनोखा मेल देखने को मिलता है। गाने को इस तरह तैयार किया गया है कि इसमें मराठी लोक संगीत की मिट्टी की खुशबू बरकरार रहे,लेकिन उसकी प्रस्तुति आधुनिक और युवाओं को आकर्षित करने वाली हो। ‘चिमना’ के जरिए बादशाह ने क्षेत्रीय संगीत को नए अंदाज में पेश करने की कोशिश की है,जिससे अलग-अलग उम्र के श्रोता इससे जुड़ सकें।

यह गाना आगामी मराठी फिल्म ‘गोंधळ’ के पारंपरिक लोकगीत ‘एक चिमणा चिवचिवला’ से प्रेरित है। महाराष्ट्र के ग्रामीण इलाकों में लोकप्रिय इस लोकधुन को बादशाह ने आधुनिक रैप,दमदार बीट्स और अपने खास हिप-हॉप अंदाज के साथ नया रूप दिया है। पारंपरिक धुन और आधुनिक संगीत के इस मिश्रण की वजह से ‘चिमना’ एक ऐसा गीत बनकर सामने आया है,जिसमें लोक संस्कृति और आज के संगीत का संतुलन दिखाई देता है।

गाने की शुरुआत ही पारंपरिक ग्रामीण हुकलाइन ‘एक चिमणा चिवचिवला, माझा सजण जागा झाला हो, सूर्य उगवला’ से होती है। इस पारंपरिक पंक्ति के बाद गाने का अंदाज अचानक आधुनिक हो जाता है और बादशाह अपने सिग्नेचर रैप स्टाइल में मराठी और हिंदी के मिश्रण के साथ गीत को आगे बढ़ाते हैं। उनके वर्सेज में स्थानीय शब्दों और महाराष्ट्र की रोजमर्रा की संस्कृति की झलक दिखाई देती है। ‘डांस कर रही देखो मावशी मावशी’ जैसे बोल गाने को उत्सव और ग्रामीण माहौल से जोड़ते हैं।

‘चिमना’ में केवल संगीत का प्रयोग ही आधुनिक नहीं है,बल्कि इसकी पूरी प्रस्तुति महाराष्ट्र की संस्कृति को ध्यान में रखकर तैयार की गई है। गाने का संगीत वीडियो महाराष्ट्र के कोल्हापुर की खूबसूरत गलियों में फिल्माया गया है। वीडियो में कोल्हापुर की स्थानीय संस्कृति,पारंपरिक माहौल और वहाँ की गलियों की खास पहचान को प्रमुखता से दिखाने की कोशिश की गई है। इससे गाने में महाराष्ट्र की वास्तविक सांस्कृतिक पृष्ठभूमि का अहसास और मजबूत होता है।

वीडियो में एक विशेष हल्दी समारोह का माहौल भी देखने को मिलता है। शादी और पारंपरिक उत्सवों से जुड़े इस रंगीन माहौल को गाने की ऊर्जा के साथ जोड़ा गया है। लोक संगीत की धुन,पारंपरिक उत्सव का वातावरण और आधुनिक हिप-हॉप बीट्स मिलकर वीडियो को एक उत्सवधर्मी रूप देते हैं। इसमें बादशाह के साथ मशहूर मराठी अभिनेत्री नेहा खान भी थिरकती नजर आती हैं। उनकी मौजूदगी गाने में मराठी सिनेमा और क्षेत्रीय संस्कृति का रंग और गहरा करती है।

बादशाह ने अपने पहले मराठी गाने को खास बनाने के लिए कई प्रतिभाशाली कलाकारों के साथ काम किया है। गाने में बॉलीवुड के मशहूर गायक दिव्या कुमार और मराठी लोक संगीत से जुड़े लोकप्रिय गायक नागेश मोरवेकर ने अपनी आवाज दी है। दोनों गायकों की आवाज ने गीत में अलग-अलग रंग जोड़े हैं। वहीं संगीत निर्माता हितेन ने गाने को संगीतबद्ध और तैयार किया है,जिसमें पारंपरिक देसी लोक संगीत और बादशाह की आधुनिक हिप-हॉप शैली को एक साथ पिरोया गया है।

‘चिमना’ की सबसे खास बात इसका संगीत संयोजन है। एक तरफ इसमें महाराष्ट्र के ग्रामीण लोकगीत की मूल भावना को बनाए रखने की कोशिश की गई है,तो दूसरी ओर आधुनिक बीट्स और रैप के जरिए इसे आज की संगीत शैली से जोड़ा गया है। इस तरह गीत उन श्रोताओं तक भी पहुँचने की कोशिश करता है,जो पारंपरिक लोक संगीत से परिचित नहीं हैं,लेकिन आधुनिक हिप-हॉप और रैप सुनना पसंद करते हैं।

बादशाह का यह कदम क्षेत्रीय संगीत के प्रति उनके बढ़ते जुड़ाव को भी दर्शाता है। भारतीय संगीत परंपरा में हर क्षेत्र की अपनी अलग भाषा,धुन और सांस्कृतिक पहचान है। पिछले कुछ वर्षों में क्षेत्रीय संगीत को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर नए तरीके से पेश करने का चलन बढ़ा है। ‘चिमना’ भी इसी दिशा में एक प्रयोग के रूप में सामने आया है, जिसमें महाराष्ट्र की पारंपरिक धुन को व्यापक श्रोताओं तक पहुँचाने की कोशिश की गई है।

अपने पहले मराठी गाने को लेकर बादशाह ने कहा कि भारत का क्षेत्रीय संगीत किसी खजाने से कम नहीं है और वह देश के हर हिस्से के संगीत का जश्न मनाना चाहते हैं। उन्होंने ‘चिमना’ को महाराष्ट्र की शानदार संस्कृति के लिए अपनी तरफ से एक प्रेम पत्र बताया। बादशाह ने यह भी कहा कि वह इस परियोजना के शानदार तरीके से तैयार होने से बेहद खुश हैं और यह गीत उनके उन सभी मराठी प्रशंसकों के लिए है,जो शुरुआत से उनका समर्थन करते आए हैं।

बादशाह के इस बयान से यह भी स्पष्ट होता है कि उनके लिए ‘चिमना’ केवल एक नया गाना नहीं है,बल्कि महाराष्ट्र की संस्कृति के प्रति सम्मान व्यक्त करने का माध्यम भी है। मराठी प्रशंसकों के साथ अपने जुड़ाव को ध्यान में रखते हुए उन्होंने पारंपरिक गीत को आधुनिक शैली में पेश किया है। हिंदी और मराठी के मिश्रण ने इसे भाषा की सीमाओं से बाहर ले जाने की कोशिश की है।

गाने के पीछे आगामी मराठी फिल्म ‘गोंधळ’ का संदर्भ भी इसे खास बनाता है। एक पारंपरिक लोकगीत को नई पीढ़ी की पसंद के संगीत के साथ जोड़ना फिल्म और गीत दोनों के लिए एक अलग पहचान बनाने की कोशिश है। इससे पुरानी लोकधुन को नए श्रोताओं तक पहुँचने का अवसर मिलता है और पारंपरिक संगीत को आधुनिक मंच पर नए रूप में प्रस्तुत किया जा सकता है।

‘चिमना’ में बादशाह की रैप शैली के साथ मराठी लोक संगीत की सहजता का मेल इसे एक प्रयोगात्मक गीत बनाता है। इसमें ग्रामीण जीवन, उत्सव, स्थानीय बोली और आधुनिक मनोरंजन का मिश्रण देखने को मिलता है। यही वजह है कि यह गाना केवल मराठी संगीत प्रेमियों के लिए ही नहीं,बल्कि हिप-हॉप और नए तरह के फ्यूजन संगीत को पसंद करने वाले श्रोताओं के लिए भी आकर्षण का केंद्र बन सकता है।

कुल मिलाकर, ‘चिमना’ बादशाह के संगीत सफर में एक नया अध्याय है। पहली बार मराठी हिप-हॉप के साथ जुड़ते हुए उन्होंने पारंपरिक लोकधुन को आधुनिक बीट्स और रैप के जरिए नई पहचान देने की कोशिश की है। कोल्हापुर की पृष्ठभूमि,हल्दी समारोह का माहौल,नेहा खान की मौजूदगी और कई अनुभवी गायकों व संगीतकारों का साथ इस परियोजना को और खास बनाता है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि बादशाह का यह मराठी प्रयोग श्रोताओं के बीच कितना लोकप्रिय होता है और क्या आने वाले समय में क्षेत्रीय लोक संगीत और आधुनिक हिप-हॉप के ऐसे और प्रयोग देखने को मिलते हैं।