बटाला में रवनीत सिंह बिट्टू के काफिले पर अंडे-टमाटर फेंके गए (तस्वीर क्रेडिट@siryanshyadav)

बटाला में रवनीत सिंह बिट्टू के काफिले पर अंडे-टमाटर फेंके गए,भाजपा नेता ने लगाए गंभीर आरोप

बटाला,18 सितंबर (युआईटीवी)- पंजाब के बटाला में पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के नेता रवनीत सिंह बिट्टू के काफिले पर कथित हमले की घटना ने राज्य की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर दिया है। ड्रग्स के खिलाफ आयोजित एक यात्रा में शामिल होने जा रहे बिट्टू के काफिले पर कुछ लोगों द्वारा अंडे और टमाटर फेंके जाने की घटना सामने आई है। इस दौरान नारेबाजी भी की गई। घटना के बाद रवनीत सिंह बिट्टू ने आम आदमी पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं और दावा किया है कि हमले में शामिल कुछ लोगों को पकड़ लिया गया है। वहीं,इस पूरे मामले को लेकर पुलिस की भूमिका और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, रवनीत सिंह बिट्टू बटाला के घासीतपुर गाँव के पास से गुजर रहे थे। वह भारतीय जनता पार्टी की ओर से नशे के खिलाफ निकाली जा रही यात्रा में शामिल होने के लिए जा रहे थे। इसी दौरान उनके काफिले के सामने कुछ लोग एकत्र हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान काफिले पर अंडे और टमाटर फेंके गए। बिट्टू ने यह भी दावा किया कि उनकी गाड़ी के शीशे तोड़ दिए गए और कुछ लोगों ने हमला करने की कोशिश की।

घटना के तुरंत बाद रवनीत सिंह बिट्टू ने घटनास्थल पर ही पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी नशे के खिलाफ अभियान चला रही है और इसी उद्देश्य से यात्रा निकाली जा रही थी। बिट्टू ने आरोप लगाया कि राज्य में नशे की समस्या को लेकर सरकार की नीतियों पर सवाल उठते रहे हैं और इसी कारण उनकी यात्रा का विरोध किया गया। उन्होंने दावा किया कि जिस स्थान पर यह घटना हुई, वहाँ बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे और सुरक्षा व्यवस्था भी तैनात थी।

रवनीत सिंह बिट्टू ने कहा कि उन्हें जेड-प्लस श्रेणी की सुरक्षा प्राप्त है और उनके साथ बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मी मौजूद थे। इसके अलावा स्थानीय पुलिस अधिकारी और अन्य सुरक्षा बल भी मौके पर तैनात थे। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके बावजूद उनके काफिले पर हमला हुआ और कुछ लोगों ने वाहनों को नुकसान पहुँचाने का प्रयास किया।

भाजपा नेता ने दावा किया कि सुरक्षाकर्मियों ने घटनास्थल से कुछ लोगों को पकड़ लिया है। उन्होंने कहा कि जिन लोगों को पकड़ा गया है,उनके मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं और इन फोनों की जाँच से घटना से जुड़े कई तथ्यों का पता चल सकता है। बिट्टू का कहना है कि मोबाइल फोन में मौजूद बातचीत और अन्य जानकारी से यह स्पष्ट हो सकता है कि घटना की योजना किस प्रकार बनाई गई थी। हालाँकि,इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हो सकी है।

उन्होंने यह भी कहा कि हमले में शामिल लोगों के पास कथित तौर पर हथियार भी थे और स्थिति गंभीर हो सकती थी। बिट्टू के अनुसार,अंडे और टमाटर फेंकना केवल विरोध का प्रतीक नहीं था,बल्कि उनके काफिले को रोकने और नुकसान पहुँचाने का प्रयास भी किया गया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग घटना के बाद वहाँ से चले गए,जबकि कुछ अन्य को बाद में पकड़ा गया।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच रवनीत सिंह बिट्टू ने स्थानीय पुलिस प्रशासन पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना के कई घंटे बाद तक आरोपियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उनके अनुसार,पुलिस को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए थी ताकि मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो सके। हालाँकि,पुलिस की ओर से इस संबंध में विस्तृत आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है।

घटना के बाद पंजाब की राजनीति में भी बयानबाजी तेज हो गई है। रवनीत सिंह बिट्टू ने मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए कई आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान का समर्थन किया जाना चाहिए था, लेकिन इसके बजाय विरोध और हमले जैसी घटनाएँ सामने आईं। दूसरी ओर,आम आदमी पार्टी की ओर से इन आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया दी जाती है,इस पर भी नजर बनी हुई है।

पंजाब लंबे समय से नशे के मुद्दे को लेकर राजनीतिक बहस का केंद्र रहा है। विभिन्न राजनीतिक दल समय-समय पर राज्य में नशे की समस्या और उसके समाधान को लेकर अभियान चलाते रहे हैं। ऐसे में नशे के खिलाफ निकाली जा रही यात्रा के दौरान हुई यह घटना राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

फिलहाल पुलिस मामले की जाँच में जुटी हुई है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि काफिले पर हमला किन परिस्थितियों में हुआ और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे। मोबाइल फोन और अन्य साक्ष्यों की जाँच के बाद ही घटना की पूरी तस्वीर सामने आ सकेगी।

बटाला की इस घटना ने एक बार फिर राजनीतिक कार्यक्रमों के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, विरोध प्रदर्शन की सीमाओं और कानून-व्यवस्था को लेकर बहस को तेज कर दिया है। आने वाले दिनों में जाँच की दिशा और विभिन्न पक्षों की प्रतिक्रियाएँ इस मामले को और अधिक स्पष्ट कर सकती हैं।