नई दिल्ली,18 सितंबर (युआईटीवी)- देश की प्रमुख विमानन कंपनियों में शामिल इंडिगो ने घरेलू उड़ानों से जुड़ी कई वैकल्पिक सेवाओं के शुल्क में संशोधन किया है। नई शुल्क संरचना के तहत यात्रियों को अब शिशु के साथ यात्रा, अतिरिक्त सामान, बिना अभिभावक यात्रा करने वाले बच्चों की विशेष सेवा, प्रायोरिटी चेक-इन और बोर्डिंग के साथ-साथ ट्रैवल सर्टिफिकेट जैसी सेवाओं के लिए पहले की तुलना में अधिक भुगतान करना होगा। हालाँकि,एयरलाइन ने स्पष्ट किया है कि इन बदलावों का असर मूल हवाई किराए यानी बेस फेयर पर नहीं पड़ा है।
नई शुल्क व्यवस्था के मुताबिक,किसी वयस्क यात्री के साथ यात्रा करने वाले शिशु के लिए शुल्क अब 2,000 रुपये से बढ़ाकर 3,000 रुपये कर दिया गया है। यह शुल्क तीन दिन से अधिक और दो वर्ष तक की आयु वाले शिशुओं पर लागू होगा। यानी ऐसे यात्रियों को टिकट बुक करते समय पहले के मुकाबले 1,000 रुपये अतिरिक्त खर्च करने होंगे। एयरलाइन के नियमों के अनुसार, शिशु के लिए विमान में अलग सीट उपलब्ध नहीं कराई जाती है। उसे यात्रा कर रहे वयस्क की गोद में ही बैठना होता है।
शिशु के साथ हवाई यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए कुछ अन्य नियम भी लागू रहेंगे। एक वयस्क यात्री के साथ केवल एक शिशु को यात्रा करने की अनुमति होगी। शिशु से संबंधित शुल्क टिकट की बुकिंग के समय ही जमा करना होगा। इसके अलावा,यात्रा के दौरान एयरलाइन की ओर से बच्चे की आयु का वैध प्रमाण माँगा जा सकता है। इसलिए अभिभावकों को यात्रा के समय जरूरी दस्तावेज साथ रखने की सलाह दी जाती है,ताकि उम्र से संबंधित किसी तरह की परेशानी न हो।
अतिरिक्त सामान ले जाने वाले यात्रियों के लिए भी नई शुल्क व्यवस्था लागू की गई है। निर्धारित बैगेज सीमा से अधिक सामान होने पर अब यात्रियों को पहले की तुलना में ज्यादा भुगतान करना होगा। घरेलू उड़ानों में अतिरिक्त सामान का शुल्क 700 रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़ाकर 800 रुपये प्रति किलोग्राम कर दिया गया है। इसका मतलब है कि तय सीमा से अधिक सामान के प्रत्येक किलोग्राम पर यात्रियों को अब 100 रुपये अतिरिक्त खर्च करने होंगे।
मसलन,यदि किसी यात्री के पास निर्धारित सीमा से 5 किलोग्राम अधिक सामान है,तो नई दर के अनुसार उसे अतिरिक्त सामान के लिए 4,000 रुपये का भुगतान करना होगा। पहले इसी वजन के लिए 3,500 रुपये देने पड़ते थे। इस तरह ज्यादा सामान के साथ यात्रा करने वाले यात्रियों के कुल यात्रा खर्च में वृद्धि हो सकती है। यात्रियों के लिए उड़ान से पहले अपनी बैगेज सीमा की जाँच करना इसलिए और भी महत्वपूर्ण हो गया है।
बिना अभिभावक यात्रा करने वाले बच्चों के लिए उपलब्ध विशेष सेवा के शुल्क में भी बढ़ोतरी की गई है। इस सेवा का शुल्क अब 5,000 रुपये से बढ़ाकर 5,999 रुपये कर दिया गया है। यह सुविधा उन बच्चों के लिए होती है,जो किसी वयस्क यात्री के साथ यात्रा नहीं कर रहे होते हैं। हालाँकि,इस सेवा का लाभ एयरलाइन की निर्धारित पात्रता,आयु सीमा और अन्य यात्रा नियमों के अनुसार ही लिया जा सकता है। ऐसे में अभिभावकों को टिकट बुक करने से पहले संबंधित शर्तों की जानकारी लेना जरूरी होगा।
प्रायोरिटी सेवाओं के शुल्क में भी बदलाव किया गया है। प्रायोरिटी चेक-इन और प्रायोरिटी बोर्डिंग की संयुक्त सुविधा के लिए अब यात्रियों को 450 रुपये के बजाय 650 रुपये का भुगतान करना होगा। यानी दोनों सेवाओं का लाभ लेने पर अब 200 रुपये ज्यादा खर्च होंगे। यह सुविधा उन यात्रियों के लिए उपयोगी मानी जाती है जो हवाईअड्डे पर चेक-इन और विमान में बोर्डिंग की प्रक्रिया में प्राथमिकता चाहते हैं।
इसके अलावा, ट्रैवल सर्टिफिकेट जारी कराने का शुल्क भी बढ़ाया गया है। पहले इसके लिए 200 रुपये देने होते थे,लेकिन अब यात्रियों से 300 रुपये शुल्क लिया जाएगा। इस तरह इस सेवा की कीमत में 100 रुपये की बढ़ोतरी की गई है।
इंडिगो की ओर से किए गए इन बदलावों का असर मुख्य रूप से उन यात्रियों पर पड़ेगा,जो मूल टिकट के अलावा अतिरिक्त या वैकल्पिक सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं। बेस फेयर में बदलाव नहीं होने के बावजूद शिशु के साथ यात्रा करने,निर्धारित सीमा से ज्यादा सामान ले जाने,बिना अभिभावक बच्चे की यात्रा कराने या प्रायोरिटी सेवाएँ लेने वाले यात्रियों का कुल खर्च पहले की तुलना में बढ़ सकता है।
यात्रियों के लिए यह जरूरी होगा कि टिकट बुक करते समय केवल मूल किराए पर ध्यान देने के बजाय अपनी जरूरत के अनुसार उपलब्ध अतिरिक्त सेवाओं और उनके शुल्क की भी जानकारी हासिल करें। खासतौर पर बच्चों के साथ यात्रा करने वाले परिवारों और अधिक सामान लेकर उड़ान भरने वाले यात्रियों को नई शुल्क संरचना के कारण अपने यात्रा बजट में अतिरिक्त राशि का प्रावधान करना पड़ सकता है।
