प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (तस्वीर क्रेडिट@AIRNewsHindi)

ब्रिक्स सम्मेलन से पहले पीएम मोदी का संदेश,बोले- विश्व कल्याण पर होगी सार्थक चर्चा

नई दिल्ली,11 सितंबर (युआईटीवी)- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को कहा कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए दुनिया के कई देशों के नेता नई दिल्ली पहुँचेंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस महत्वपूर्ण अंतर्राष्ट्रीय बैठक के दौरान वैश्विक हित और कल्याण को ध्यान में रखते हुए विभिन्न मुद्दों पर सकारात्मक और सार्थक चर्चा होगी। भारत इस वर्ष ब्रिक्स की अध्यक्षता कर रहा है और इसी के तहत 12 और 13 सितंबर को राजधानी नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। सम्मेलन को लेकर राजधानी में तैयारियां अंतिम चरण में पहुँच गई हैं और कई देशों के राष्ट्राध्यक्षों तथा वरिष्ठ प्रतिनिधियों के पहुँचने का सिलसिला शुरू हो गया है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर हिंदी में एक पोस्ट साझा कर ब्रिक्स सम्मेलन को लेकर अपना संदेश दिया। उन्होंने कहा कि दुनिया भर के नेता इस शिखर सम्मेलन के लिए एकत्र होंगे। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि सम्मेलन के दौरान विश्व कल्याण को ध्यान में रखते हुए विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर सकारात्मक और सार्थक विचार-विमर्श होगा। उनके संदेश में वैश्विक स्तर पर सहयोग, संवाद और आपसी समझ को मजबूत करने की आवश्यकता पर विशेष जोर दिखाई दिया।

प्रधानमंत्री ने अपने संदेश के साथ संस्कृत का एक श्लोक भी साझा किया। इस श्लोक के माध्यम से अच्छे और सज्जन लोगों के साथ संबंध बनाए रखने, संवाद को बढ़ावा देने और आपसी सद्भाव को मजबूत करने के महत्व को रेखांकित किया गया। इसका भाव यह है कि मनुष्य को सदैव अच्छे लोगों की संगति में रहना चाहिए और उनके साथ अपने संबंधों को मजबूत करना चाहिए। सज्जनों के साथ विचार-विमर्श और मित्रता बढ़ाने से आपसी समझ विकसित होती है। संवाद और अच्छे संबंधों के माध्यम से शांति, सहयोग और सौहार्द को मजबूत किया जा सकता है। प्रधानमंत्री का यह संदेश ब्रिक्स जैसे बहुपक्षीय मंच की भावना से भी जुड़ा हुआ माना जा रहा है, जहाँ अलग-अलग देशों के बीच बातचीत और सहयोग के जरिए साझा चुनौतियों का समाधान तलाशने पर जोर दिया जाता है।

भारत के पास वर्ष 2026 में ब्रिक्स की अध्यक्षता है। इसी जिम्मेदारी के तहत नई दिल्ली में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी की जा रही है। 12 और 13 सितंबर को होने वाले इस सम्मेलन में ब्रिक्स के सदस्य देशों के नेताओं के साथ साझेदार देशों और आमंत्रित देशों के प्रतिनिधि भी हिस्सा लेंगे। ऐसे में यह सम्मेलन भारत के लिए वैश्विक मंच पर अपनी प्राथमिकताओं और दृष्टिकोण को सामने रखने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।

सम्मेलन के दौरान ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग को और मजबूत करने से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर चर्चा होने की उम्मीद है। इसके अलावा वैश्विक और क्षेत्रीय महत्व के कई मुद्दे भी नेताओं के विचार-विमर्श का हिस्सा होंगे। बदलते वैश्विक राजनीतिक और आर्थिक परिदृश्य के बीच ब्रिक्स का महत्व लगातार बढ़ा है। ऐसे में शिखर सम्मेलन में होने वाली बातचीत का उद्देश्य सदस्य देशों के बीच सहयोग के नए अवसर तलाशना और साझा हितों से जुड़े विषयों पर समन्वय को मजबूत करना होगा।

भारत की अध्यक्षता में आयोजित हो रहे इस सम्मेलन को लेकर नई दिल्ली में सुरक्षा और व्यवस्थाओं से जुड़ी तैयारियाँ भी तेज कर दी गई हैं। गुरुवार रात तक सम्मेलन के प्रमुख आयोजन स्थल भारत मंडपम को अंतिम रूप दिया जा रहा था। यहाँ 12 से 13 सितंबर के बीच दुनिया के विभिन्न देशों से आने वाले नेताओं और प्रतिनिधियों की मेजबानी की जाएगी। सम्मेलन स्थल को भारत की सांस्कृतिक विरासत और आधुनिक क्षमताओं को प्रदर्शित करने वाले स्वरूप में तैयार किया गया है।

18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के आधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल से भी गुरुवार को दिल्ली और भारत मंडपम को लेकर एक संदेश साझा किया गया। इसमें कहा गया कि दिल्ली एक खास पल की गवाह बनने जा रही है और अपनी समृद्ध विरासत की चमक के साथ भारत मंडपम शिखर सम्मेलन की मेजबानी के लिए तैयार हो रहा है। राजधानी में सम्मेलन की अंतिम तैयारियाँ तेजी से पूरी की जा रही हैं।

ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान भारत की भूमिका केवल मेजबान देश तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि अध्यक्ष के रूप में भारत समूह की प्राथमिकताओं को आगे बढ़ाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। प्रधानमंत्री मोदी का विश्व कल्याण, संवाद और सद्भाव पर दिया गया संदेश इसी व्यापक दृष्टिकोण को दर्शाता है। भारत की कोशिश ऐसे समय में सहयोग और संवाद की भावना को मजबूत करने की है,जब दुनिया कई राजनीतिक,आर्थिक और रणनीतिक चुनौतियों से गुजर रही है। ऐसे में नई दिल्ली में होने वाली यह बैठक सदस्य और साझेदार देशों के बीच संबंधों को नई दिशा देने के साथ वैश्विक सहयोग के लिए भी महत्वपूर्ण मंच साबित हो सकती है।