तकनीकी खराबी के बाद बेंगलुरु लौटी वर्जिन अटलांटिक की लंदन जा रही फ्लाइट (तस्वीर क्रेडिट@kushanmitra)

तकनीकी खराबी के बाद बेंगलुरु लौटी वर्जिन अटलांटिक की लंदन जा रही फ्लाइट, 270 यात्री सुरक्षित

बेंगलुरु,7 सितंबर (युआईटीवी)- बेंगलुरु से लंदन के लिए उड़ान भरने वाली वर्जिन अटलांटिक की एक फ्लाइट में तकनीकी खराबी आने के बाद उसे रविवार को कुछ ही देर में वापस बेंगलुरु लौटना पड़ा। विमान में करीब 270 यात्री सवार थे। उड़ान भरने के बाद तकनीकी समस्या का पता चलने पर विमान के क्रू ने सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इसे वापस केम्पेगौड़ा अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे की ओर मोड़ने का फैसला किया। बेंगलुरु लौटने से पहले विमान तुमकुरु के पास करीब 30 मिनट से ज्यादा समय तक हवा में चक्कर लगाता रहा। इसके बाद विमान की केम्पेगौड़ा अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे पर सुरक्षित आपात लैंडिंग कराई गई। एयरपोर्ट ऑपरेटर बैंगलोर इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड ने पुष्टि की कि विमान में सवार सभी यात्री सुरक्षित हैं।

यह घटना रविवार सुबह हुई,जब वर्जिन अटलांटिक की उड़ान संख्या वीएस317 केम्पेगौड़ा अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे के टर्मिनल-2 से लंदन के हीथ्रो हवाईअड्डे के लिए रवाना हुई थी। उपलब्ध उड़ान जानकारी के मुताबिक, विमान ने करीब सुबह 8 बजकर 20 मिनट पर बेंगलुरु से उड़ान भरी। इस सेवा के लिए बोइंग 787-9 विमान का इस्तेमाल किया जा रहा था। उड़ान के कुछ ही देर बाद क्रू को विमान में तकनीकी समस्या का पता चला। इसके बाद लंदन की यात्रा जारी रखने के बजाय विमान को वापस बेंगलुरु लाने का निर्णय लिया गया।

विमान को तत्काल वापस मोड़ने के बजाय क्रू ने तुमकुरु के आसपास काफी देर तक विमान को हवा में बनाए रखा। बताया गया है कि विमान 30 मिनट से अधिक समय तक इस इलाके के ऊपर चक्कर लगाता रहा। इस दौरान क्रू ने स्थिति का आकलन किया और विमान को सुरक्षित तरीके से वापस हवाईअड्डे पर उतारने की तैयारी की। इसके बाद विमान बेंगलुरु की ओर लौट आया और केम्पेगौड़ा अंतर्राष्ट्रीय हवाईअड्डे पर सुरक्षित लैंडिंग की गई। विमान के सुरक्षित उतरने के बाद यात्रियों को किसी तरह की चोट या गंभीर परेशानी की सूचना नहीं मिली।

फिलहाल विमान में आई तकनीकी खराबी किस प्रकार की थी,इसका आधिकारिक तौर पर खुलासा नहीं किया गया है। एयरपोर्ट अधिकारियों की ओर से मामले की जांच की जा रही है। जांच का उद्देश्य यह पता लगाना है कि उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद विमान में ऐसी कौन सी तकनीकी समस्या सामने आई,जिसके कारण लंदन की लंबी यात्रा को बीच में रोककर विमान को वापस बेंगलुरु लाना पड़ा। विमान की वापसी के कारणों और तकनीकी स्थिति की विस्तृत जानकारी जाँच पूरी होने के बाद सामने आने की उम्मीद है।

वर्जिन अटलांटिक के एक प्रवक्ता ने भी घटना की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि बेंगलुरु से लंदन के हीथ्रो हवाईअड्डे के लिए रवाना हुई उड़ान तकनीकी खराबी के कारण उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद वापस बेंगलुरु लौट आई। एयरलाइन के मुताबिक,सुरक्षा के लिहाज से विमान को सुरक्षित रूप से उतारा गया और इसके बाद फ्लाइट को रद्द कर दिया गया।

एयरलाइन ने अपने बयान में यात्रियों और क्रू की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताया। कंपनी ने यात्रियों को हुई असुविधा के लिए माफी भी माँगी। एयरलाइन ने कहा कि उसकी टीमें प्रभावित यात्रियों की सहायता कर रही हैं और उन्हें जल्द-से-जल्द दूसरी उड़ान में बुक करने के लिए काम किया जा रहा है। उड़ान रद्द होने के कारण यात्रियों को अपनी आगे की यात्रा के लिए वैकल्पिक व्यवस्था का इंतजार करना पड़ा। एयरलाइन की ओर से यात्रियों को उनकी यात्रा दोबारा व्यवस्थित करने में मदद देने की बात कही गई है।

बेंगलुरु-लंदन मार्ग पर संचालित होने वाली यह सेवा दोनों शहरों के बीच महत्वपूर्ण हवाई संपर्क का हिस्सा है। बड़ी संख्या में यात्री इस मार्ग का इस्तेमाल व्यावसायिक, पारिवारिक और अन्य कारणों से करते हैं। ऐसे में उड़ान भरने के तुरंत बाद विमान की वापसी और बाद में उड़ान रद्द होने से यात्रियों की यात्रा योजना प्रभावित हुई। हालाँकि,विमान को समय रहते वापस लाने के फैसले के कारण सभी यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकी।

वर्जिन अटलांटिक की स्वामित्व संरचना भी अंतर्राष्ट्रीय विमानन क्षेत्र में इसे महत्वपूर्ण बनाती है। एयरलाइन की स्थापना ब्रिटेन के बड़े कारोबारी सर रिचर्ड ब्रैनसन ने की थी। वर्जिन समूह के पास कंपनी की 51 प्रतिशत हिस्सेदारी है,जबकि बाकी 49 प्रतिशत हिस्सेदारी डेल्टा एयरलाइंस के पास है। डेल्टा एयरलाइंस ने वर्ष 2013 में सिंगापुर एयरलाइंस के पास मौजूद हिस्सेदारी खरीदकर वर्जिन अटलांटिक में अपनी हिस्सेदारी हासिल की थी। यह सौदा दोनों कंपनियों के बीच ट्रांसअटलांटिक संयुक्त उपक्रम साझेदारी का हिस्सा था।

बोइंग 787-9 जैसे आधुनिक विमान लंबी दूरी की उड़ानों के लिए इस्तेमाल किए जाते हैं और इनमें यात्रियों की सुविधा के साथ-साथ सुरक्षा से जुड़े कई आधुनिक सिस्टम मौजूद होते हैं। इसके बावजूद किसी भी विमान में उड़ान के दौरान तकनीकी समस्या सामने आने पर विमान को वापस लाने या वैकल्पिक हवाईअड्डे पर उतारने का फैसला सुरक्षा प्रक्रियाओं के तहत लिया जाता है। बेंगलुरु की इस घटना में भी क्रू ने तकनीकी समस्या सामने आने के बाद लंदन की यात्रा जारी रखने के बजाय विमान को वापस लाने का विकल्प चुना।

घटना के बाद अब एयरपोर्ट अधिकारी और एयरलाइन की तकनीकी टीमें विमान की जाँच करेंगी। जाँच से यह स्पष्ट होगा कि खराबी किस प्रणाली में आई थी और उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद विमान को वापस क्यों लौटना पड़ा। फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि विमान में सवार करीब 270 यात्री और क्रू के सभी सदस्य सुरक्षित हैं। एयरलाइन ने यात्रियों को वैकल्पिक उड़ानों में भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। तकनीकी जाँच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विमान में आई खराबी कितनी गंभीर थी और भविष्य में ऐसी स्थिति से बचने के लिए क्या कदम उठाए जाएँगे।