नई दिल्ली,14 सितंबर (युआईटीवी)- 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए भारत आए ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन रविवार को नई दिल्ली से तेहरान के लिए रवाना हो गए। भारत में ईरानी दूतावास ने उनके प्रस्थान की जानकारी साझा की। पेजेश्कियन की भारत यात्रा को दोनों देशों के बीच संबंधों के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारत दौरे के दौरान उन्होंने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की तथा द्विपक्षीय संबंधों, क्षेत्रीय परिस्थितियों और शांति के प्रयासों को लेकर चर्चा की।
ईरानी दूतावास की ओर से जारी जानकारी में बताया गया कि ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत आए राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन नई दिल्ली से तेहरान के लिए रवाना हो गए हैं। दूतावास ने उनके प्रस्थान से जुड़ी तस्वीर भी साझा की। भारत से रवाना होने से पहले पेजेश्कियन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ अपनी मुलाकात को लेकर गर्मजोशी दिखाई और उम्मीद जताई कि दोनों नेताओं की जल्द ही ईरान में फिर मुलाकात होगी।
दूतावास ने प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पेजेश्कियन की एक तस्वीर साझा करते हुए उनके संदेश को भी सामने रखा। इसमें पेजेश्कियन ने प्रधानमंत्री मोदी को अपना प्रिय मित्र बताते हुए जल्द ही ईरान में उनसे मिलने की उम्मीद जताई। इससे दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच बने व्यक्तिगत संवाद और भारत-ईरान संबंधों को आगे बढ़ाने की इच्छा का संकेत मिलता है।
पेजेश्कियन ने भारत यात्रा के दौरान राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात की। शनिवार को हुई इस बैठक में भारत और ईरान के बीच लंबे समय से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण संबंधों पर विस्तार से चर्चा हुई। दोनों नेताओं ने दोनों देशों के बीच मौजूद ऐतिहासिक और सांस्कृतिक संबंधों के साथ-साथ लोगों के बीच मजबूत संपर्क को भी महत्वपूर्ण बताया।
राष्ट्रपति मुर्मू ने बातचीत के दौरान क्षेत्रीय और वैश्विक परिस्थितियों का उल्लेख करते हुए संवाद और कूटनीति के माध्यम से स्थायी शांति स्थापित करने की दिशा में भारत की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि जटिल क्षेत्रीय परिस्थितियों के बीच बातचीत और राजनयिक प्रयासों के जरिए स्थायी समाधान तलाशना जरूरी है।
राष्ट्रपति सचिवालय के अनुसार,दोनों नेताओं ने भारत और ईरान के बीच पुराने और मैत्रीपूर्ण संबंधों को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। दोनों देशों के बीच सभ्यतागत और सांस्कृतिक संबंध काफी पुराने हैं। इसके अलावा दोनों देशों के लोगों के बीच संपर्क भी लंबे समय से द्विपक्षीय रिश्तों का महत्वपूर्ण आधार रहा है। बैठक में इन संबंधों को आगे बढ़ाने की संभावनाओं पर भी विचार किया गया।
पेजेश्कियन की भारत यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी मुलाकात भी बेहद अहम रही। शुक्रवार को दोनों नेताओं ने ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर द्विपक्षीय बैठक की। बैठक में भारत और ईरान के संबंधों को आगे बढ़ाने के साथ क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर भी विचार-विमर्श हुआ। प्रधानमंत्री मोदी ने मुलाकात के बाद कहा कि दोनों देशों को दीर्घकालिक और पारस्परिक रूप से लाभकारी रणनीति के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति पेजेश्कियन की भारत यात्रा को विशेष बताया, क्योंकि यह ईरानी राष्ट्रपति की भारत की पहली यात्रा थी। उन्होंने दोनों देशों के बीच मित्रता को और मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत और ईरान के संबंधों को दीर्घकालिक दृष्टिकोण और दोनों देशों के लिए लाभकारी रणनीति के साथ आगे बढ़ाने पर चर्चा हुई।
प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में यह भी उल्लेख किया कि बिश्केक से दिल्ली तक सार्थक संवाद जारी है। उन्होंने ईरान के राष्ट्रपति से मुलाकात पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि उनकी पहली भारत यात्रा इसे और खास बनाती है। दोनों नेताओं ने भारत-ईरान मित्रता को मजबूत करने के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की और भविष्य में संबंधों को व्यापक बनाने की दिशा में आगे बढ़ने पर सहमति जताई।
बैठक में क्षेत्रीय परिस्थितियाँ भी चर्चा का अहम विषय रहीं। पश्चिम एशिया में लगातार बदलते घटनाक्रमों के बीच भारत ने स्थायी शांति के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। भारत लंबे समय से क्षेत्रीय विवादों के समाधान के लिए बातचीत और कूटनीति को प्राथमिकता देने की बात करता रहा है। ईरान के साथ बातचीत में भी इसी दृष्टिकोण को प्रमुखता दी गई।
पेजेश्कियन की यात्रा ऐसे समय हुई,जब ब्रिक्स के विस्तार और वैश्विक दक्षिण की भूमिका को लेकर भारत में महत्वपूर्ण चर्चा चल रही है। ईरान भी ब्रिक्स का सदस्य है और ऐसे मंच पर दोनों देशों के बीच सहयोग के नए अवसरों पर बातचीत का महत्व बढ़ जाता है। पेजेश्कियन की भारत यात्रा ने द्विपक्षीय संबंधों के साथ बहुपक्षीय सहयोग के मुद्दों को भी आगे बढ़ाने का अवसर दिया।
भारत और ईरान के संबंध ऐतिहासिक,सांस्कृतिक और आर्थिक आधारों पर टिके हुए हैं। दोनों देशों के बीच सभ्यतागत संपर्क सदियों पुराना है। आधुनिक दौर में भी दोनों देश क्षेत्रीय संपर्क, व्यापार, ऊर्जा और विभिन्न अंतर्राष्ट्रीय मंचों पर सहयोग को आगे बढ़ाने की कोशिश करते रहे हैं। ऐसे में ईरानी राष्ट्रपति की भारत यात्रा को दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच संवाद को गति देने वाली यात्रा के तौर पर देखा जा रहा है।
भारत से रवाना होने से पहले पेजेश्कियन का प्रधानमंत्री मोदी से जल्द ईरान में मुलाकात की उम्मीद जताना भी इस बात का संकेत है कि दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय संवाद आगे जारी रहने की संभावना है। नई दिल्ली में हुई मुलाकातों में जहाँ द्विपक्षीय मित्रता को मजबूत करने पर जोर दिया गया,वहीं क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए कूटनीतिक प्रयासों को भी महत्वपूर्ण माना गया।
इस यात्रा के दौरान भारत और ईरान ने अपने पुराने संबंधों को नई परिस्थितियों के अनुरूप आगे बढ़ाने की इच्छा जाहिर की। प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति पेजेश्कियन के बीच हुई बातचीत से दोनों देशों के बीच दीर्घकालिक और पारस्परिक लाभ वाले सहयोग की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश गया। वहीं राष्ट्रपति मुर्मू के साथ बैठक में संवाद,कूटनीति और स्थायी शांति पर जोर दिया गया। ब्रिक्स सम्मेलन में भाग लेने के बाद पेजेश्कियन का तेहरान लौटना उनकी भारत यात्रा का समापन है,लेकिन उनके बयानों से स्पष्ट है कि भारत और ईरान के बीच उच्चस्तरीय संपर्क आगे भी जारी रहने वाला है।
