चन्द्रनाथ रथ हत्याकांड पर बंगाल में सियासी घमासान (तस्वीर क्रेडिट@rashtra_press)

चन्द्रनाथ रथ हत्याकांड पर बंगाल में सियासी घमासान,टीएमसी ने की अदालत की निगरानी में सीबीआई जाँच की माँग

कोलकाता,7 मई (युआईटीवी)- पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी के निजी सहायक चन्द्रनाथ रथ की हत्या के बाद राज्य की राजनीति में जबरदस्त हलचल मच गई है। इस सनसनीखेज हत्याकांड ने न केवल कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं,बल्कि सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच आरोप-प्रत्यारोप की नई लड़ाई भी शुरू कर दी है। घटना के बाद तृणमूल कांग्रेस ने हत्या की कड़ी निंदा करते हुए अदालत की निगरानी में केंद्रीय जाँच ब्यूरो यानी सीबीआई जाँच की माँग की है।

यह घटना बुधवार देर रात उत्तर 24 परगना जिले के मध्यग्राम इलाके में हुई। बताया गया कि चन्द्रनाथ रथ एक पार्टी कार्यक्रम से लौट रहे थे,तभी अज्ञात हमलावरों ने उनकी गाड़ी पर ताबड़तोड़ गोलियाँ चला दीं। हमले में चन्द्रनाथ रथ को सिर, सीने और पेट में कई गोलियाँ लगीं। गंभीर हालत में उन्हें तुरंत विवासिटी अस्पताल ले जाया गया,जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना से पूरे इलाके में दहशत फैल गई और राजनीतिक माहौल गरमा गया।

हमले के समय रथ के साथ गाड़ी में मौजूद बुद्धदेव बेरा भी गोलीबारी में गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें भी अस्पताल में भर्ती कराया गया है,जहाँ उनकी हालत नाजुक बताई जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार हमलावरों ने बेहद योजनाबद्ध तरीके से इस वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और जाँच एजेंसियाँ सीसीटीवी फुटेज तथा अन्य तकनीकी सबूतों के आधार पर हमलावरों की पहचान करने की कोशिश कर रही हैं।

घटना के बाद तृणमूल कांग्रेस ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक आधिकारिक बयान जारी किया। पार्टी ने चन्द्रनाथ रथ की हत्या की निंदा करते हुए कहा कि लोकतंत्र में हिंसा और राजनीतिक हत्याओं के लिए कोई स्थान नहीं होना चाहिए। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि पिछले कुछ दिनों में राज्य में चुनाव बाद हिंसा की कई घटनाएँ सामने आई हैं,जिनमें तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को भी निशाना बनाया गया है।

अपने बयान में पार्टी ने कहा कि मध्यग्राम में हुई यह हत्या बेहद नृशंस और दुर्भाग्यपूर्ण है। साथ ही तृणमूल कांग्रेस ने दावा किया कि पिछले तीन दिनों में आचार संहिता लागू रहने के बावजूद भाजपा समर्थित बदमाशों द्वारा कथित रूप से तीन टीएमसी कार्यकर्ताओं की हत्या की गई है। पार्टी ने इन घटनाओं को लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा बताया।

तृणमूल कांग्रेस ने मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जाँच की माँग करते हुए अदालत की निगरानी में सीबीआई जाँच कराने की अपील की। पार्टी का कहना है कि दोषियों की पहचान कर उन्हें जल्द-से-जल्द सजा दिलाई जानी चाहिए। तृणमूल कांग्रेस के अनुसार राजनीतिक हिंसा किसी भी लोकतांत्रिक समाज के लिए खतरनाक संकेत है और कानून के तहत सख्त कार्रवाई आवश्यक है।

तृणमूल कांग्रेस की लोकसभा सांसद सायोनी घोष ने भी इस घटना पर चिंता जताई। उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि चन्द्रनाथ रथ से जुड़ी घटना बेहद दुखद और चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि राजनीति और वैचारिक मतभेदों से ऊपर उठकर सभी दलों की जिम्मेदारी है कि राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखें और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करें।

सायोनी घोष ने कहा कि किसी भी व्यक्ति की जान इस तरह नहीं जानी चाहिए। उन्होंने पुलिस और प्रशासन से अपील की कि हाल के दिनों में हुई सभी हिंसक घटनाओं के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। उनके बयान को तृणमूल कांग्रेस की ओर से शांति और निष्पक्ष जाँच की माँग के रूप में देखा जा रहा है।

दूसरी ओर भाजपा ने इस पूरे मामले को लेकर सीधे तृणमूल कांग्रेस पर हमला बोला है। पश्चिम बंगाल भाजपा अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने दावा किया कि चन्द्रनाथ रथ की हत्या हालिया चुनावी हार से बौखलाए तृणमूल कांग्रेस नेतृत्व की साजिश का परिणाम है। उन्होंने कहा कि चुनाव परिणाम घोषित होने और नई सरकार के गठन के बीच राज्य में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखना चुनाव आयोग की जिम्मेदारी होती है।

समिक भट्टाचार्य ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस समर्थित गुंडे भाजपा कार्यकर्ताओं का रूप धारण कर राज्य के विभिन्न हिस्सों में हिंसा फैला रहे हैं। उन्होंने कहा कि अब विपक्ष के नेता के निजी सहायक की हत्या कर राजनीतिक संदेश देने की कोशिश की गई है। भाजपा नेता ने दावा किया कि यह तृणमूल कांग्रेस की राजनीतिक संस्कृति को दर्शाता है और राज्य में विपक्ष के लोगों को डराने की कोशिश की जा रही है।

इस घटना ने पश्चिम बंगाल में लंबे समय से जारी राजनीतिक हिंसा की बहस को एक बार फिर तेज कर दिया है। राज्य में चुनावी मौसम के दौरान और उसके बाद राजनीतिक टकराव तथा हिंसक घटनाओं की खबरें अक्सर सामने आती रही हैं। भाजपा और तृणमूल कांग्रेस लगातार एक-दूसरे पर राजनीतिक हिंसा को बढ़ावा देने के आरोप लगाते रहे हैं। ऐसे में चन्द्रनाथ रथ की हत्या ने राजनीतिक माहौल को और अधिक तनावपूर्ण बना दिया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह मामला आने वाले दिनों में और अधिक सियासी रूप ले सकता है। एक ओर तृणमूल कांग्रेस निष्पक्ष जाँच और सीबीआई जाँच की माँग कर रही है,वहीं भाजपा इसे विपक्ष को डराने की साजिश बता रही है। इससे राज्य में राजनीतिक ध्रुवीकरण और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।

फिलहाल पुलिस मामले की जाँच में जुटी हुई है। जाँच एजेंसियाँ यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि हत्या के पीछे व्यक्तिगत दुश्मनी,राजनीतिक रंजिश या कोई अन्य कारण था। सीसीटीवी फुटेज,मोबाइल लोकेशन और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान जुटाए जा रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए सभी पहलुओं की जाँच की जा रही है और दोषियों को जल्द पकड़ने का प्रयास जारी है।

इस बीच चन्द्रनाथ रथ की हत्या ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या पश्चिम बंगाल की राजनीति में हिंसा का दौर कभी खत्म होगा। राज्य में लगातार बढ़ती राजनीतिक कटुता और हिंसक घटनाएँ लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय बनती जा रही हैं। अब सबकी नजर पुलिस जाँच और संभावित सीबीआई जाँच की दिशा पर टिकी हुई है,क्योंकि यही तय करेगा कि इस बहुचर्चित हत्याकांड की सच्चाई आखिर कब और कैसे सामने आती है।