पूर्व तेज गेंदबाज अमनप्रीत सिंह गिल का 36 वर्ष की उम्र में निधन (तस्वीर क्रेडिट@VKFanPrathmesh)

पंजाब क्रिकेट को बड़ा झटका,पूर्व तेज गेंदबाज अमनप्रीत सिंह गिल का 36 वर्ष की उम्र में निधन,पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन ने दी श्रद्धांजलि

नई दिल्ली,7 मई (युआईटीवी)- पंजाब क्रिकेट जगत को उस समय बड़ा झटका लगा, जब पूर्व क्रिकेटर अमनप्रीत सिंह गिल का 36 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। चंडीगढ़ में उनके निधन की खबर सामने आते ही घरेलू क्रिकेट से जुड़े खिलाड़ियों,अधिकारियों और प्रशंसकों के बीच शोक की लहर दौड़ गई। अमनप्रीत सिंह गिल को पंजाब क्रिकेट का बेहद समर्पित,विनम्र और मेहनती खिलाड़ी माना जाता था। उन्होंने अपने करियर में भले ही सीमित मैच खेले हों,लेकिन मैदान पर उनकी प्रतिबद्धता और टीम भावना ने उन्हें क्रिकेट जगत में अलग पहचान दिलाई थी।

मध्यम गति के गेंदबाज के रूप में पहचाने जाने वाले अमनप्रीत गिल ने पंजाब की ओर से छह फर्स्ट क्लास मुकाबले खेले थे। घरेलू क्रिकेट में उन्होंने अपनी सटीक गेंदबाजी और अनुशासित प्रदर्शन से ध्यान आकर्षित किया था। वह उन खिलाड़ियों में शामिल थे,जिन्होंने अपने खेल के दम पर पंजाब क्रिकेट में जगह बनाई और कई बड़े खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रूम साझा किया। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि अमनप्रीत गिल हमेशा टीम के लिए पूरी ईमानदारी और जुनून के साथ मैदान पर उतरते थे।

अमनप्रीत गिल का नाम उस दौर में भी चर्चा में आया था,जब इंडियन प्रीमियर लीग की शुरुआत हुई थी। आईपीएल के पहले संस्करण में वह किंग्स इलेवन पंजाब का हिस्सा रहे थे। उस समय पंजाब की टीम में कई बड़े भारतीय और विदेशी खिलाड़ी मौजूद थे। भले ही उन्हें आईपीएल में ज्यादा मौके नहीं मिले,लेकिन टीम का हिस्सा बनना उनके क्रिकेट करियर की बड़ी उपलब्धियों में गिना जाता है।

क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी अमनप्रीत गिल खेल से दूर नहीं हुए। उन्होंने प्रशासनिक और चयन प्रक्रिया में सक्रिय भूमिका निभाई। वह पंजाब सीनियर चयन समिति के सदस्य के रूप में कार्य कर रहे थे और युवा खिलाड़ियों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे थे। क्रिकेट से जुड़े लोगों का कहना है कि गिल हमेशा प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अवसर देने और उन्हें प्रोत्साहित करने के लिए तैयार रहते थे। उनकी क्रिकेट की समझ और अनुभव को पंजाब क्रिकेट में काफी सम्मान के साथ देखा जाता था।

पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है। संस्था ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि अमनप्रीत गिल ने समर्पण और जुनून के साथ पंजाब क्रिकेट की सेवा की थी। एसोसिएशन ने कहा कि उन्होंने भारत अंडर-19 टीम,पंजाब टीम और किंग्स इलेवन पंजाब का प्रतिनिधित्व कर राज्य का नाम रोशन किया। संस्था ने यह भी कहा कि क्रिकेट के प्रति उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।


पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन ने उनके परिवार और करीबी लोगों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि यह पंजाब क्रिकेट के लिए बेहद दुखद क्षण है। संस्था ने ईश्वर से प्रार्थना की कि इस कठिन समय में परिवार को दुख सहने की शक्ति मिले। जानकारी के अनुसार उनका अंतिम संस्कार चंडीगढ़ के मनीमाजरा श्मशान घाट में किया जाएगा।

अमनप्रीत गिल के निधन की खबर सामने आने के बाद कई पूर्व और वर्तमान क्रिकेटरों ने भी दुख व्यक्त किया। पूर्व भारतीय क्रिकेटर युवराज सिंह ने सोशल मीडिया के जरिए उन्हें श्रद्धांजलि दी। युवराज सिंह ने कहा कि उन्होंने अपने शुरुआती क्रिकेट करियर के दौरान अमनप्रीत गिल के साथ ड्रेसिंग रूम साझा किया था और उनके साथ बिताए गए पल हमेशा याद रहेंगे। उन्होंने कहा कि गिल बेहद अच्छे इंसान और शानदार साथी खिलाड़ी थे।

युवराज सिंह ने गिल के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। क्रिकेट जगत से जुड़े अन्य लोगों ने भी कहा कि अमनप्रीत गिल हमेशा शांत स्वभाव,विनम्र व्यवहार और टीम के प्रति समर्पण के लिए याद किए जाएँगे।

पंजाब क्रिकेट में अमनप्रीत गिल को एक ऐसे खिलाड़ी के रूप में देखा जाता था,जिन्होंने कभी सुर्खियों के पीछे भागने के बजाय अपने खेल और मेहनत पर भरोसा किया। घरेलू क्रिकेट के कठिन प्रतिस्पर्धी माहौल में उन्होंने लगातार संघर्ष किया और टीम के लिए योगदान दिया। यही वजह है कि उनके साथ खेलने वाले साथी खिलाड़ी और कोच उन्हें बेहद सम्मान की नजर से देखते थे।

घरेलू क्रिकेट में खेलने वाले कई खिलाड़ियों के लिए अमनप्रीत गिल प्रेरणा का स्रोत भी रहे। उन्होंने यह दिखाया कि सीमित अवसर मिलने के बावजूद यदि कोई खिलाड़ी समर्पण और अनुशासन बनाए रखे,तो वह लंबे समय तक खेल से जुड़ा रह सकता है और आने वाली पीढ़ियों के लिए योगदान दे सकता है।

उनके निधन ने पंजाब क्रिकेट में एक खालीपन छोड़ दिया है। क्रिकेट प्रशंसकों और खिलाड़ियों का कहना है कि खेल के प्रति उनका प्रेम और युवा खिलाड़ियों के लिए उनकी सोच हमेशा याद रखी जाएगी। पंजाब क्रिकेट से जुड़े कई लोगों ने कहा कि अमनप्रीत गिल की सबसे बड़ी पहचान उनका विनम्र व्यक्तित्व था। वह हमेशा टीम के हित को व्यक्तिगत उपलब्धियों से ऊपर रखते थे।

भारतीय घरेलू क्रिकेट में ऐसे कई खिलाड़ी रहे हैं,जिन्होंने अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भले ही ज्यादा पहचान न बनाई हो,लेकिन अपने राज्य और घरेलू क्रिकेट संरचना के लिए महत्वपूर्ण योगदान दिया हो। अमनप्रीत गिल भी उन्हीं खिलाड़ियों में शामिल थे। उन्होंने मैदान पर अपने प्रदर्शन के साथ-साथ क्रिकेट प्रशासन और चयन प्रक्रिया में भी सक्रिय भूमिका निभाई।

उनके निधन से पंजाब क्रिकेट समुदाय भावुक है और हर कोई उन्हें अपने-अपने तरीके से याद कर रहा है। क्रिकेट जगत के लिए यह एक ऐसी क्षति है,जिसे लंबे समय तक महसूस किया जाएगा। अमनप्रीत गिल का नाम पंजाब क्रिकेट में एक मेहनती,ईमानदार और समर्पित खिलाड़ी के रूप में हमेशा याद रखा जाएगा।