दिलजीत दोसांझ (तस्वीर क्रेडिट@azambaba99)

दिलजीत दोसांझ के इंदौर कॉन्सर्ट से पहले बढ़ा विवाद, महिला एवं बाल विकास विभाग ने चार गानों पर रोक लगाने की माँग की,जानें पूरा मामला

मुंबई,7 नवंबर (युआईटीवी)- पंजाबी गायक और अभिनेता दिलजीत दोसांझ एक बार फिर अपने लाइव कॉन्सर्ट को लेकर चर्चा में हैं। इस बार मामला उनके ऑरा इंडिया टूर के तहत मध्य प्रदेश के इंदौर में होने वाले कार्यक्रम से जुड़ा है। 15 नवंबर 2026 को इंदौर के सी-21 मॉल में दिलजीत का लाइव कॉन्सर्ट आयोजित किया जाना है,लेकिन कार्यक्रम से पहले ही विवाद खड़ा हो गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने गायक के चार लोकप्रिय गानों को कॉन्सर्ट में नहीं गाने की माँग की है। विभाग का कहना है कि इन गानों के बोल बच्चों पर गलत प्रभाव डाल सकते हैं और उन्हें शराब तथा नशीले पदार्थों के सेवन के लिए प्रेरित कर सकते हैं। खास बात यह है कि कार्यक्रम में पाँच साल से अधिक उम्र के बच्चों को भी प्रवेश देने की व्यवस्था है। ऐसे में बच्चों की मौजूदगी को देखते हुए विभाग ने आयोजकों को आवश्यक निर्देश दिए हैं। यह पूरा मामला चंडीगढ़ के एक प्रोफेसर की शिकायत के बाद सामने आया है।

दिलजीत दोसांझ का इंदौर में 15 नवंबर को होने वाला कॉन्सर्ट उनके ऑरा इंडिया टूर का हिस्सा है। कार्यक्रम से पहले जिला बाल संरक्षण अधिकारी ने सी-21 मॉल के मैनेजर को एक आधिकारिक पत्र भेजा है। इसमें पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के 22 जुलाई 2019 के आदेश का पालन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।

पत्र में दिलजीत से चार गाने नहीं गाने की माँग की गई है। इनमें ‘पटियाला पैग’, ‘5 तारा ठेके’, ‘जेब विचों फीम लब्बी आ’ और ‘जट्ट उत्थे फायर करदा जित्थे पबंदी हथियार दी’ शामिल हैं। विभाग का मानना है कि इन गानों में शराब, नशे और हथियारों से जुड़ी बातें हैं, जो कम उम्र के बच्चों के मन पर नकारात्मक असर डाल सकती हैं।

विभाग ने आयोजकों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा है कि कॉन्सर्ट के दौरान इन गानों का प्रदर्शन न हो। चूँकि,कार्यक्रम में पाँच साल से अधिक उम्र के बच्चों को भी शामिल होने की अनुमति है,इसलिए बच्चों के हितों और उनके मानसिक विकास को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है।

इस पूरे विवाद की शुरुआत चंडीगढ़ के रहने वाले प्रोफेसर पंडितराव धारेनावर की शिकायत से हुई। उन्होंने 1 नवंबर 2026 को संबंधित विभाग को पत्र लिखकर दिलजीत दोसांझ के इंदौर कॉन्सर्ट को लेकर कुछ मांगें रखी थीं। उनकी शिकायत में मुख्य रूप से बच्चों पर गानों के प्रभाव, तेज आवाज और मंच पर इस्तेमाल होने वाली कुछ वस्तुओं को लेकर चिंता जताई गई थी।

प्रोफेसर ने अपनी शिकायत में मांग की थी कि कॉन्सर्ट में चारों विवादित गाने नहीं गाए जाएँ। उनका कहना था कि इन गानों के बोल बच्चों को शराब और नशीले पदार्थों के सेवन के प्रति आकर्षित कर सकते हैं। इसके अलावा उन्होंने कार्यक्रम में बच्चों को मंच पर न बुलाने की भी मांग की थी।

शिकायतकर्ता के मुताबिक,कम उम्र के बच्चों के सामने नशे और हथियारों को बढ़ावा देने वाली सामग्री प्रस्तुत करना उचित नहीं है। उनका मानना है कि मनोरंजन कार्यक्रमों में भी बच्चों की उम्र और उनकी मानसिक समझ का ध्यान रखा जाना चाहिए।

प्रोफेसर पंडितराव धारेनावर ने अपनी शिकायत में दिलजीत दोसांझ के मंच पर पहनावे को लेकर भी आपत्ति जताई थी। उन्होंने गायक से सीने पर क्रॉस के आकार में चाँदी के रंग की दो कारतूस बेल्ट नहीं पहनने की माँग की थी।

शिकायतकर्ता का तर्क है कि कारतूसों की बेल्ट बंदूक संस्कृति और हिंसा का प्रतीक मानी जा सकती है। सार्वजनिक मंच पर इस तरह की वस्तुओं का प्रदर्शन बच्चों और युवाओं पर गलत प्रभाव डाल सकता है। उनके अनुसार, मनोरंजन के नाम पर हथियारों से जुड़ी संस्कृति को सामान्य रूप में पेश नहीं किया जाना चाहिए।

इसलिए उन्होंने आयोजकों से अनुरोध किया था कि कॉन्सर्ट में इस तरह की बेल्ट पहनने से परहेज किया जाए। हालाँकि,यह शिकायतकर्ता की ओर से उठाई गई मांग है और इसे किसी अंतिम प्रतिबंध के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।

शिकायत में एक अन्य महत्वपूर्ण मुद्दा कॉन्सर्ट के दौरान तेज आवाज में संगीत बजाने का भी था। प्रोफेसर ने आयोजकों से माँग की थी कि कार्यक्रम में गानों की आवाज निर्धारित सुरक्षित स्तर के भीतर रखी जाए।

उनका कहना था कि लाइव कॉन्सर्ट में इस्तेमाल होने वाले तेज ध्वनि उपकरण बच्चों की सुनने की क्षमता को नुकसान पहुँचा सकते हैं। विशेष रूप से कम उम्र के बच्चों के कान तेज आवाज के प्रति अधिक संवेदनशील हो सकते हैं। ऐसे में कार्यक्रम के दौरान ध्वनि की तीव्रता पर नियंत्रण रखना जरूरी है।

उन्होंने विभाग से अनुरोध किया था कि बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आयोजकों को इस संबंध में उचित निर्देश दिए जाएँ। इस शिकायत के बाद महिला एवं बाल विकास विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सी-21 मॉल के प्रबंधन को पत्र जारी किया।

दिलजीत दोसांझ के कॉन्सर्ट को लेकर विवाद का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले 30 अक्टूबर 2026 को दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में आयोजित उनके कार्यक्रम से पहले भी आयोजकों को काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा था।

कार्यक्रम में हजारों प्रशंसकों के पहुँचने की उम्मीद थी,लेकिन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दिल्ली पुलिस ने शुरुआत में अनुमति देने से इनकार कर दिया था। पुलिस की ओर से रखी गई शर्तों को आयोजकों ने स्वीकार किया,जिसके बाद कार्यक्रम आयोजित करने की अनुमति मिली।

इसके अलावा दिलजीत को बम धमकियों का भी सामना करना पड़ा है। ऐसे में लगातार विवादों और सुरक्षा संबंधी चिंताओं के बीच उनका इंदौर कॉन्सर्ट एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है।

इंदौर में होने वाले इस कॉन्सर्ट को लेकर अब आयोजकों और प्रशासन की तैयारियों पर सबकी नजर है। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से जारी पत्र के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि आयोजक इन निर्देशों का किस तरह पालन करते हैं और कार्यक्रम में गानों की सूची में कोई बदलाव किया जाता है या नहीं।

दिलजीत दोसांझ के देशभर में बड़ी संख्या में प्रशंसक हैं। उनके लाइव शो में युवा दर्शकों के साथ परिवार भी बड़ी संख्या में पहुँचते हैं। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा,संगीत की आवाज और गानों के बोल को लेकर उठे सवालों ने इस कार्यक्रम को चर्चा का विषय बना दिया है।

फिलहाल विवाद का केंद्र चार गाने,कारतूस वाली बेल्ट और तेज आवाज में संगीत बजाने से जुड़ी मांगें हैं। विभाग ने बच्चों के हितों को ध्यान में रखते हुए आयोजकों को पत्र भेजा है। अब देखना होगा कि 15 नवंबर को इंदौर में होने वाला यह कार्यक्रम किन शर्तों के साथ आयोजित होता है और दिलजीत के प्रशंसकों को उनके पसंदीदा गाने सुनने का कितना मौका मिलता है।