प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (तस्वीर क्रेडिट@PKVarmaRanchi)

इंजीनियर दिवस पर पीएम मोदी समेत कई नेताओं ने डॉ. विश्वेश्वरैया को किया नमन,देश के अभियंताओं को दी शुभकामनाएँ

नई दिल्ली,15 सितंबर (युआईटीवी)- आधुनिक भारत के निर्माण में तकनीकी प्रतिभा, दूरदृष्टि और अभियांत्रिकी कौशल से महत्वपूर्ण योगदान देने वाले महान अभियंता और भारत रत्न डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की जयंती पर देशभर में उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत कई केंद्रीय मंत्रियों और नेताओं ने डॉ. विश्वेश्वरैया के योगदान को याद करते हुए उन्हें नमन किया। इस अवसर पर नेताओं ने देश के सभी अभियंताओं को राष्ट्रीय अभियंता दिवस की शुभकामनाएँ भी दीं और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका की सराहना की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया मंच पर डॉ. विश्वेश्वरैया को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए देश के अभियंताओं को इंजीनियर दिवस की बधाई दी। उन्होंने कहा कि इंजीनियर बेहतर भविष्य के निर्माण के लिए नई चीजें तैयार करते हैं,समस्याओं के समाधान तलाशते हैं और देश की प्रगति को नई दिशा देते हैं। प्रधानमंत्री ने डॉ. विश्वेश्वरैया की अभियांत्रिकी प्रतिभा और राष्ट्र निर्माण की सोच को याद करते हुए कहा कि उनका योगदान आज भी लोगों को प्रेरणा देता है।

प्रधानमंत्री ने देश के उन सभी अभियंताओं को भी शुभकामनाएँ दीं,जो अपनी तकनीकी क्षमता और नवाचार के माध्यम से भारत को आगे बढ़ाने में योगदान दे रहे हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि किसी भी आधुनिक राष्ट्र के विकास में इंजीनियरों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होती है। बुनियादी ढाँचे के विकास से लेकर नई तकनीकों के निर्माण और जटिल समस्याओं के समाधान तक,अभियंता देश के विकास की आधारशिला मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी राष्ट्रीय अभियंता दिवस के अवसर पर देश के अभियंताओं को सलाम किया। उन्होंने कहा कि इंजीनियरों की काबिलियत और लगन भारत की तकनीकी प्रगति को आगे बढ़ा रही है। उनके प्रयास देश के बुनियादी ढाँचे को मजबूत करने के साथ विकसित भारत के निर्माण में भी योगदान दे रहे हैं। उन्होंने डॉ. विश्वेश्वरैया की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए उनके जीवन को उत्कृष्टता, अनुशासन, नवाचार और जनसेवा का प्रेरणादायक उदाहरण बताया।

राजनाथ सिंह ने कहा कि राष्ट्र निर्माण की यात्रा में डॉ. विश्वेश्वरैया का योगदान असाधारण रहा है और देश हमेशा उनके योगदान को याद रखेगा। उनके विचार और कार्य आज भी अभियंताओं तथा तकनीकी क्षेत्र से जुड़े लोगों को बेहतर काम करने के लिए प्रेरित करते हैं। रक्षा मंत्री ने देश के विकास में वर्तमान समय के इंजीनियरों की भूमिका को भी महत्वपूर्ण बताया और उनके समर्पण की सराहना की।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने भी राष्ट्रीय अभियंता दिवस पर देश के इंजीनियरों को शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि अभियंताओं का निरंतर नवाचार भारत की प्रगति और सतत विकास को गति प्रदान कर रहा है। अमित शाह ने महान अभियंता डॉ. विश्वेश्वरैया को उनकी जयंती पर श्रद्धांजलि देते हुए राष्ट्र निर्माण में उनके असाधारण योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि देश के विकास में डॉ. विश्वेश्वरैया की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण रही है और उनकी उपलब्धियां आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी रहेंगी।

केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने भी डॉ. मोक्षगुंडम विश्वेश्वरैया की जयंती पर उन्हें नमन किया। उन्होंने उन्हें महान अभियंता और भारत रत्न बताते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की। साथ ही देश के सभी अभियंताओं को राष्ट्रीय अभियंता दिवस की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने डॉ. विश्वेश्वरैया के योगदान को याद करते हुए देश के तकनीकी विकास में अभियंताओं की भूमिका को रेखांकित किया।

केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने भी डॉ. विश्वेश्वरैया को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि आधुनिक भारत के निर्माण में अपना संपूर्ण जीवन समर्पित करने वाले महान अभियंता की जयंती देश के लिए प्रेरणा का अवसर है। उन्होंने राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभा रहे सभी अभियंताओं को अभियंता दिवस की शुभकामनाएँ दीं।

डॉ. विश्वेश्वरैया की जयंती को राष्ट्रीय अभियंता दिवस के रूप में मनाया जाता है। उन्होंने अभियांत्रिकी के क्षेत्र में अपनी असाधारण प्रतिभा के साथ देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके कार्यों में तकनीकी दक्षता के साथ-साथ दूरदर्शी सोच और जनकल्याण की भावना भी दिखाई देती थी। जल प्रबंधन,सिंचाई,बाँध निर्माण और बुनियादी ढाँचे से जुड़े उनके कार्यों ने उन्हें देश के महान अभियंताओं में विशेष स्थान दिलाया।

उनका जीवन इस बात का उदाहरण है कि तकनीकी ज्ञान का इस्तेमाल केवल निर्माण और विकास तक सीमित नहीं रहना चाहिए,बल्कि उसका उद्देश्य समाज और राष्ट्र के व्यापक हित में होना चाहिए। इसी वजह से आज भी डॉ. विश्वेश्वरैया का नाम देश के अभियंताओं के लिए प्रेरणा के रूप में लिया जाता है।

राष्ट्रीय अभियंता दिवस के अवसर पर देश में तकनीकी शिक्षा, नवाचार और अनुसंधान के महत्व पर भी चर्चा होती है। तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया में भारत के सामने कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल तकनीक, अंतरिक्ष, रक्षा, ऊर्जा, परिवहन और टिकाऊ बुनियादी ढाँचे जैसे कई नए क्षेत्र हैं। इन सभी क्षेत्रों में कुशल अभियंताओं की भूमिका लगातार बढ़ रही है।

देश के शीर्ष नेताओं द्वारा डॉ. विश्वेश्वरैया को श्रद्धांजलि और अभियंताओं को शुभकामनाएँ दिया जाना इस बात को रेखांकित करता है कि राष्ट्र निर्माण में तकनीकी समुदाय का योगदान कितना महत्वपूर्ण है। आज भारत विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ रहा है और इस यात्रा में इंजीनियरों से नवाचार,तकनीकी दक्षता और व्यावहारिक समाधान की अपेक्षा पहले से कहीं अधिक है।

डॉ. विश्वेश्वरैया की विरासत इसी सोच को आगे बढ़ाने की प्रेरणा देती है। उनका जीवन बताता है कि ज्ञान, अनुशासन, तकनीकी कौशल और राष्ट्रसेवा का समन्वय देश के विकास को नई दिशा दे सकता है। राष्ट्रीय अभियंता दिवस पर उन्हें याद करना केवल एक महान अभियंता को श्रद्धांजलि देना नहीं,बल्कि उन सभी तकनीकी विशेषज्ञों के योगदान को सम्मान देना भी है,जो अपने ज्ञान और मेहनत से भारत के वर्तमान को मजबूत और भविष्य को बेहतर बनाने में जुटे हैं।