किलियन एम्बाप्पे (तस्वीर क्रेडिट@rashtra_press)

फीफा वर्ल्ड कप 2026: एम्बाप्पे ने अपने 100वें इंटरनेशनल मैच में किया शानदार प्रदर्शन,दो गोल दागकर फ्रांस को दिलाई जीत; नॉकआउट में पहुँचीं टीम

फिलाडेल्फिया,23 जून (युआईटीवी)- फीफा वर्ल्ड कप 2026 में फ्रांस के स्टार फुटबॉलर किलियन एम्बाप्पे ने अपने 100वें अंतर्राष्ट्रीय मैच को यादगार बनाते हुए शानदार प्रदर्शन किया और दो गोल दागकर अपनी टीम को ईराक के खिलाफ 3-0 की प्रभावशाली जीत दिलाई। इस जीत के साथ फ्रांस ने फीफा विश्व कप के नॉकआउट चरण,यानी राउंड ऑफ 32, में अपनी जगह पक्की कर ली है। टीम ने यह उपलब्धि एक मैच शेष रहते हासिल की, जिससे उसके आत्मविश्वास में और बढ़ोतरी हुई है।

मैच में एम्बाप्पे ने पहले हाफ और दूसरे हाफ दोनों में गोल किए,जबकि तीसरा गोल ओस्मान डेम्बेले ने दागा। फ्रांस ने शुरू से ही मुकाबले पर नियंत्रण बनाए रखा और ईराकी टीम को कोई बड़ा मौका नहीं दिया। एम्बाप्पे की आक्रामकता,गति और गोल करने की क्षमता ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह आधुनिक फुटबॉल के सबसे खतरनाक खिलाड़ियों में से एक हैं।

यह मुकाबला एम्बाप्पे के लिए विशेष महत्व रखता था क्योंकि वह अपने अंतर्राष्ट्रीय करियर का 100वां मैच खेल रहे थे। ऐसे ऐतिहासिक अवसर पर दो गोल करना उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा रहा। इस प्रदर्शन ने न केवल फ्रांस को जीत दिलाई,बल्कि उन्हें विश्व कप के इतिहास में कई बड़े रिकॉर्डों के करीब भी पहुँचा दिया।

फ्रांस को मैच का पहला गोल 14वें मिनट में मिला। मिडफील्ड से मिले शानदार मूव के बाद माइकल ओलिस ने एम्बाप्पे को सटीक पास दिया। एम्बाप्पे ने लगभग 20 गज की दूरी से बाएं पैर से जोरदार शॉट लगाया,जिसे रोकना गोलकीपर के लिए असंभव था। गेंद सीधे गोलपोस्ट के भीतर जा पहुँचीं और फ्रांस ने शुरुआती बढ़त हासिल कर ली। इस गोल ने मैच की दिशा तय कर दी और फ्रांसीसी टीम का आत्मविश्वास और बढ़ गया।

पहले गोल के बाद भी फ्रांस लगातार आक्रमण करता रहा। ईराकी टीम रक्षात्मक दबाव में नजर आई और कई बार उसके खिलाड़ी गलतियां करते दिखाई दिए। दूसरे हाफ में ऐसी ही एक गलती फ्रांस के दूसरे गोल का कारण बनी। ईराक के डिफेंडर जैद तहसीन और गोलकीपर अहमद बासिल के बीच तालमेल की कमी साफ दिखाई दी। दोनों खिलाड़ियों के बीच भ्रम की स्थिति का फायदा फ्रांस ने तुरंत उठाया।

गेंद ओस्मान डेम्बेले के पास पहुँचीं और उन्होंने बिना समय गंवाए एम्बाप्पे को पास दे दिया। एम्बाप्पे ने इस आसान अवसर को गोल में बदलने में कोई गलती नहीं की। इस गोल के साथ उन्होंने मैच में अपना दूसरा और विश्व कप में कुल 16वां गोल दर्ज किया। हालाँकि,यह गोल पहले गोल जितना शानदार नहीं था,लेकिन उसकी अहमियत उतनी ही थी क्योंकि इसने फ्रांस की जीत लगभग सुनिश्चित कर दी।

एम्बाप्पे के इस प्रदर्शन ने उन्हें विश्व कप इतिहास के महान खिलाड़ियों की सूची में और ऊपर पहुँचा दिया है। मैच की शुरुआत से पहले वह ब्राजील के महान खिलाड़ी रोनाल्डो के 15 विश्व कप गोलों के रिकॉर्ड से पीछे थे। पहले गोल के साथ उन्होंने उस आँकड़े की बराबरी की और दूसरे गोल के जरिए उससे आगे निकल गए। अब उनके नाम विश्व कप में 16 गोल हो चुके हैं,जिससे वह जर्मनी के महान स्ट्राइकर मिरोस्लाव क्लोज़ के बराबर पहुँच गए हैं।

इतना ही नहीं,वह अब विश्व कप इतिहास में सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी लियोनेल मेसी के रिकॉर्ड से केवल एक गोल पीछे हैं। यह उपलब्धि एम्बाप्पे की असाधारण निरंतरता और बड़े मंच पर प्रदर्शन करने की क्षमता को दर्शाती है। उनकी उम्र को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि वह आने वाले मैचों में यह रिकॉर्ड भी अपने नाम कर सकते हैं।

एम्बाप्पे के अलावा ओस्मान डेम्बेले ने भी शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने टीम के लिए तीसरा गोल दागकर जीत को और मजबूत बना दिया। इस गोल में एक बार फिर माइकल ओलिस की भूमिका अहम रही,जिन्होंने सटीक पास देकर डेम्बेले को मौका बनाया। डेम्बेले ने अवसर का पूरा फायदा उठाया और गेंद को गोल में पहुँचाकर अपने करियर का पहला विश्व कप गोल दर्ज किया। यह उनके लिए भी एक यादगार पल साबित हुआ।

माइकल ओलिस का प्रदर्शन भी चर्चा का विषय रहा। उन्होंने दो गोल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए अपनी रचनात्मक क्षमता का शानदार प्रदर्शन किया। उनके सटीक पास और खेल को नियंत्रित करने की क्षमता ने फ्रांस के आक्रमण को और धारदार बना दिया। युवा खिलाड़ियों और अनुभवी सितारों के इस संयोजन ने फ्रांस को टूर्नामेंट की सबसे मजबूत टीमों में शामिल कर दिया है।

इस जीत के बाद फ्रांस की टीम का अगला मुकाबला नॉर्वे से होगा। हालाँकि,नॉकआउट चरण में पहुँचने के बाद इस मैच का दबाव अपेक्षाकृत कम रहेगा,लेकिन टीम जीत के क्रम को बनाए रखना चाहेगी। कोच और खिलाड़ी दोनों जानते हैं कि विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में लय बनाए रखना बेहद महत्वपूर्ण होता है।

दूसरी ओर,किलियन एम्बाप्पे की नजर अब केवल टीम की सफलता पर ही नहीं,बल्कि व्यक्तिगत उपलब्धियों पर भी टिकी हुई है। इस विश्व कप में उनके चार गोल हो चुके हैं और वह गोल्डन बूट की दौड़ में मजबूती से बने हुए हैं। वह गोल करने वाले खिलाड़ियों की सूची में लियोनेल मेसी के ठीक पीछे पहुँच गए हैं और आने वाले मुकाबलों में शीर्ष स्थान हासिल करने की कोशिश करेंगे।

इसके अलावा एम्बाप्पे एक और खास उपलब्धि के करीब पहुँच रहे हैं। वर्तमान में उनके नाम 100 अंतर्राष्ट्रीय मैच दर्ज हो चुके हैं और यदि फ्रांस टूर्नामेंट में आगे बढ़ता है तथा वह सभी मुकाबलों में खेलते हैं,तो जल्द ही 103 अंतर्राष्ट्रीय मैचों का आँकड़ा भी छू सकते हैं। यह रिकॉर्ड लंबे समय तक फ्रांस के महान कोच और पूर्व खिलाड़ी डिडिएर डेसचैम्प्स के नाम रहा है।

फिलहाल फ्रांस के लिए सबसे बड़ी खुशी यह है कि उसकी टीम नॉकआउट चरण में पहुँच चुकी है और उसके स्टार खिलाड़ी बेहतरीन फॉर्म में हैं। एम्बाप्पे का शतक मैच,दो गोल, रिकॉर्ड की बराबरी और टीम की शानदार जीत,इन सबने मिलकर इस मुकाबले को फ्रांसीसी फुटबॉल के लिए एक यादगार अध्याय बना दिया है। आने वाले मैचों में सभी की निगाहें इस युवा सुपरस्टार पर होंगी,जो लगातार नए कीर्तिमान स्थापित करने की ओर बढ़ रहा है।