नई दिल्ली,25 जून (युआईटीवी)- फीफा विश्व कप 2026 में ग्रुप बी का मुकाबला रोमांच, संघर्ष और उच्चस्तरीय फुटबॉल का शानदार उदाहरण बनकर सामने आया,जहाँ स्विट्जरलैंड ने कनाडा को 2-1 से हराकर न केवल महत्वपूर्ण जीत दर्ज की,बल्कि ग्रुप में शीर्ष स्थान हासिल करते हुए राउंड ऑफ 32 में भी अपनी जगह पक्की कर ली। हालाँकि,इस हार के बावजूद कनाडा के लिए भी राहत की खबर रही,क्योंकि टीम चार अंकों के साथ नॉकआउट चरण में पहुँचने में सफल रही। इस तरह दोनों टीमों ने अगले दौर का टिकट हासिल कर लिया,लेकिन स्विट्जरलैंड ने अपने शानदार प्रदर्शन से यह साबित कर दिया कि वह इस विश्व कप में लंबी दौड़ तय करने की क्षमता रखती है।
बीसी प्लेस स्टेडियम में खेले गए इस मुकाबले को लेकर फुटबॉल प्रशंसकों के बीच काफी उत्साह था। दोनों टीमों के लिए यह मैच बेहद अहम माना जा रहा था,क्योंकि इसके नतीजे से ग्रुप बी की अंतिम स्थिति तय होनी थी। मैच की शुरुआत से ही दोनों पक्षों ने आक्रामक रुख अपनाया और यह स्पष्ट कर दिया कि वे जीत के लिए मैदान में उतरे हैं।
पहले हाफ में स्विट्जरलैंड और कनाडा दोनों ने कई अच्छे अवसर बनाए। स्विट्जरलैंड ने गेंद पर बेहतर नियंत्रण बनाए रखते हुए लगातार हमले किए,जबकि कनाडा ने तेज जवाबी आक्रमणों के जरिए विपक्षी रक्षा पंक्ति को चुनौती दी। मैदान पर दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने शानदार तालमेल और अनुशासन का प्रदर्शन किया। हालाँकि,गोल करने के कई प्रयासों के बावजूद पहले 45 मिनट में कोई भी टीम सफलता हासिल नहीं कर सकी।
पहले हाफ में दोनों टीमों की रक्षापंक्ति विशेष रूप से मजबूत दिखाई दी। स्विट्जरलैंड के डिफेंडरों ने कनाडा के तेज आक्रमणकारियों को रोकने में सफलता हासिल की,जबकि कनाडा के रक्षात्मक खिलाड़ियों ने भी कई महत्वपूर्ण मौकों पर स्विस हमलों को विफल किया। गोलकीपरों का प्रदर्शन भी उल्लेखनीय रहा,जिन्होंने कुछ कठिन परिस्थितियों में अपनी टीमों को गोल खाने से बचाया।
पहले हाफ के समाप्त होने तक स्कोर 0-0 रहा,लेकिन खेल की गति और दोनों टीमों के आक्रामक इरादों को देखते हुए यह साफ था कि दूसरे हाफ में मुकाबला और रोमांचक होने वाला है। दर्शकों को भी उम्मीद थी कि मैच में जल्द ही गोल देखने को मिलेगा और ठीक ऐसा ही हुआ।
दूसरे हाफ की शुरुआत के साथ ही स्विट्जरलैंड ने अपने खेल की गति बढ़ा दी। टीम ने कनाडा की रक्षापंक्ति पर दबाव बनाना शुरू किया और इसका परिणाम जल्द ही देखने को मिला। मैच के शुरुआती मिनटों में ही रूबेन वर्गास ने शानदार खेल दिखाते हुए स्विट्जरलैंड के लिए पहला गोल दाग दिया। इस गोल ने स्टेडियम में मौजूद स्विस समर्थकों को खुशी से झूमने पर मजबूर कर दिया। रूबेन वर्गास ने जिस आत्मविश्वास और सटीकता के साथ यह गोल किया,उसने मैच का रुख बदल दिया।
पहला गोल करने के बाद स्विट्जरलैंड का आत्मविश्वास और बढ़ गया। टीम ने लगातार आक्रमण जारी रखा और कनाडा को सँभलने का अवसर नहीं दिया। इसी दबाव का फायदा उठाते हुए 20 वर्षीय युवा खिलाड़ी जोहान मंजाम्बी ने स्विट्जरलैंड की बढ़त को दोगुना कर दिया। मैच के 57वें मिनट में किया गया उनका गोल टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ।
जोहान मंजाम्बी पूरे मुकाबले में शानदार लय में दिखाई दिए। युवा खिलाड़ी ने अपनी गति, तकनीक और आक्रमण क्षमता से कनाडा के डिफेंडरों को लगातार परेशान किया। दूसरे गोल के साथ उन्होंने न केवल अपनी टीम को मजबूत स्थिति में पहुँचाया,बल्कि विश्व फुटबॉल मंच पर अपनी प्रतिभा का भी प्रभावशाली प्रदर्शन किया। इस गोल के बाद स्विट्जरलैंड 2-0 की बढ़त के साथ पूरी तरह नियंत्रण में दिखाई देने लगा।
हालाँकि,कनाडा ने हार नहीं मानी। दो गोल से पिछड़ने के बाद टीम ने आक्रामक रुख अपनाया और वापसी की कोशिशें तेज कर दीं। कनाडाई खिलाड़ियों ने लगातार हमले किए और अंततः उन्हें सफलता भी मिली। टीम ने एक गोल दागकर स्कोर 2-1 कर दिया,जिससे मुकाबले में रोमांच फिर से लौट आया।
स्कोर कम होने के बाद कनाडा के खिलाड़ियों का आत्मविश्वास बढ़ गया और उन्होंने बराबरी हासिल करने के लिए हरसंभव प्रयास किया। टीम ने मैच के अंतिम चरण में कई आक्रमण किए और स्विट्जरलैंड के गोल क्षेत्र में दबाव बनाया,लेकिन स्विस रक्षापंक्ति पूरे मुकाबले की तरह इस दौरान भी बेहद मजबूत दिखाई दी। डिफेंडरों ने संयम बनाए रखा और कनाडा को कोई स्पष्ट मौका नहीं दिया।
स्विट्जरलैंड के गोलकीपर ने भी अंतिम मिनटों में शानदार प्रदर्शन करते हुए कुछ महत्वपूर्ण बचाव किए। उनकी सतर्कता और टीम की संगठित रक्षा ने कनाडा की वापसी की उम्मीदों को खत्म कर दिया। आखिरकार रेफरी की अंतिम सीटी के साथ स्विट्जरलैंड ने 2-1 की जीत दर्ज कर ली।
इस जीत के साथ स्विट्जरलैंड ने तीन मुकाबलों में सात अंक हासिल किए और ग्रुप बी में शीर्ष स्थान पर रहते हुए राउंड ऑफ 32 में प्रवेश किया। टीम का प्रदर्शन पूरे ग्रुप चरण में संतुलित और प्रभावशाली रहा। स्विट्जरलैंड ने अपने खेल में अनुशासन,रणनीतिक समझ और आक्रमण तथा रक्षा के बीच बेहतरीन संतुलन दिखाया,जिसके दम पर वह ग्रुप की सर्वश्रेष्ठ टीम बनकर उभरी।
दूसरी ओर कनाडा के लिए हार के बावजूद यह मुकाबला पूरी तरह निराशाजनक नहीं रहा। टीम ने तीन मैचों में चार अंक अर्जित किए और नॉकआउट चरण में पहुँचने में सफल रही। कनाडा ने पूरे ग्रुप चरण में संघर्षशील खेल का प्रदर्शन किया और महत्वपूर्ण मौकों पर अच्छे परिणाम हासिल किए,जिसके कारण उसे अगले दौर में जगह मिली।
अब दोनों टीमों की नजर राउंड ऑफ 32 पर होगी,जहाँ मुकाबला और अधिक चुनौतीपूर्ण होने वाला है। स्विट्जरलैंड अपने शानदार फॉर्म को बरकरार रखते हुए आगे बढ़ना चाहेगा, जबकि कनाडा इस हार से सबक लेकर अगले दौर में बेहतर प्रदर्शन करने का प्रयास करेगा। फिलहाल ग्रुप बी के इस मुकाबले ने यह साबित कर दिया कि फीफा विश्व कप 2026 में हर मैच बेहद प्रतिस्पर्धी है और कोई भी टीम किसी भी समय मैच का रुख बदल सकती है। स्विट्जरलैंड की जीत और कनाडा का संघर्ष इस रोमांचक मुकाबले की सबसे बड़ी पहचान बनकर सामने आया।
