नीदरलैंड्स ने भारत को 2-0 से हराया (तस्वीर क्रेडिट@ddnewsBihar)

एफआईएच महिला हॉकी विश्व कप 2026 : नीदरलैंड्स ने भारत को 2-0 से हराया,सेमीफाइनल की राह हुई मुश्किल

एमस्टेलवीन,22 अगस्त (युआईटीवी)- एफआईएच महिला हॉकी विश्व कप 2026 में भारतीय महिला हॉकी टीम को शुक्रवार को नीदरलैंड्स के खिलाफ 0-2 से हार का सामना करना पड़ा। वैगनर स्टेडियम में खेले गए दूसरे राउंड के मुकाबले में नीदरलैंड्स ने शुरुआत से ही शानदार खेल दिखाया और भारतीय टीम पर लगातार दबाव बनाए रखा। भारतीय खिलाड़ियों ने वापसी की पूरी कोशिश की,लेकिन नीदरलैंड्स की मजबूत रक्षापंक्ति और आक्रामक खेल के सामने उन्हें सफलता नहीं मिली। इस हार के बाद भारतीय टीम की सेमीफाइनल में पहुँचने की राह बेहद कठिन हो गई है। अब उसे अगले मुकाबले में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी।

मैच की शुरुआत से ही नीदरलैंड्स ने आक्रामक रवैया अपनाया। टीम ने भारतीय डिफेंस को लगातार चुनौती दी और शुरुआती मिनटों में ही कई मौके बनाए। मैच के तीसरे मिनट में नीदरलैंड्स को पेनल्टी कॉर्नर मिला। इस मौके को यिब्बी जानसेन ने शानदार तरीके से गोल में तब्दील करते हुए अपनी टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी। शुरुआती बढ़त मिलने के बाद नीदरलैंड्स के खिलाड़ियों का आत्मविश्वास और बढ़ गया और उन्होंने भारतीय टीम पर दबाव बनाए रखा।

पहले गोल के बाद भारतीय टीम ने मुकाबले में वापसी करने की कोशिश की। भारतीय खिलाड़ियों ने गेंद पर नियंत्रण बनाने और नीदरलैंड्स के सर्किल में पहुँचने का प्रयास किया,लेकिन अंतिम क्षणों में टीम की कोशिशें कमजोर पड़ गईं। भारतीय अग्रिम पंक्ति नीदरलैंड्स की रक्षापंक्ति को लगातार परेशानी में डालने में कामयाब नहीं हो सकी। दूसरी ओर,नीदरलैंड्स की टीम ने अपने डिफेंस और मिडफील्ड के बीच बेहतरीन तालमेल बनाए रखा।

दूसरे क्वार्टर में भारतीय टीम ने अपने खेल में कुछ सुधार किया और गोल करने के अवसर तलाशे। इस दौरान टीम को पेनल्टी कॉर्नर भी मिला,लेकिन दीपिका इस मौके को गोल में नहीं बदल सकीं। भारतीय टीम की ओर से किए गए कई प्रयासों को नीदरलैंड्स के डिफेंडरों ने नाकाम कर दिया। भारतीय टीम ने अपनी गोलकीपर में भी बदलाव किया और सविता पूनिया को मैदान पर उतारा। सविता ने अपनी मौजूदगी से भारतीय गोलपोस्ट को मजबूती दी और कई अहम मौकों पर शानदार बचाव किया।

पहले हाफ के अंतिम हिस्से में नीदरलैंड्स ने लगातार आक्रमण जारी रखा,लेकिन भारतीय डिफेंस ने इस बार मजबूती दिखाते हुए उसे दूसरा गोल करने से रोक दिया। मैच के 30वें मिनट में सविता पूनिया ने बेहतरीन बचाव करते हुए नीदरलैंड्स की बढ़त को बढ़ने नहीं दिया। पहले हाफ की समाप्ति तक नीदरलैंड्स 1-0 से आगे रहा। भारतीय टीम के लिए राहत की बात यह थी कि वह एक गोल के अंतर को बनाए रखने में सफल रही और उसके पास दूसरे हाफ में वापसी का मौका मौजूद था।

तीसरे क्वार्टर की शुरुआत में भी नीदरलैंड्स ने अपनी आक्रामक रणनीति जारी रखी। क्वार्टर के शुरुआती दो मिनट के भीतर ही उसे पेनल्टी कॉर्नर हासिल हुआ। हालाँकि, भारतीय डिफेंस ने इस बार शानदार बचाव करते हुए खतरे को टाल दिया। भारत को उम्मीद थी कि वह इसके बाद आक्रमण तेज करके बराबरी का गोल कर पाएगा,लेकिन नीदरलैंड्स ने भारतीय खिलाड़ियों को खुलकर खेलने का अवसर नहीं दिया।

मैच के 38वें मिनट में नीदरलैंड्स ने भारतीय टीम की मुश्किलें और बढ़ा दीं। पेनल्टी कॉर्नर पर मिले अवसर को फ्रिडेरीके माटला ने गोल में बदलकर अपनी टीम की बढ़त 2-0 कर दी। दो गोल की बढ़त मिलने के बाद नीदरलैंड्स ने अपने खेल की गति कम नहीं की। टीम लगातार भारतीय डिफेंस पर दबाव बनाती रही और तीसरे क्वार्टर में भारत को किसी बड़ी वापसी का मौका नहीं दिया।

चौथे क्वार्टर में भारतीय टीम ने मुकाबले में वापसी के लिए अपना पूरा जोर लगा दिया। भारतीय खिलाड़ियों ने नीदरलैंड्स के सर्किल में पहुँचकर गोल करने के कई प्रयास किए, लेकिन नीदरलैंड्स के डिफेंस ने हर बार भारतीय हमलों को रोक दिया। भारतीय टीम को कुछ मौके जरूर मिले,लेकिन फिनिशिंग में कमी के कारण वह उन्हें गोल में तब्दील नहीं कर सकी। नीदरलैंड्स ने आखिरी मिनटों तक अपनी दो गोल की बढ़त को सुरक्षित रखा और अंततः मुकाबला 2-0 से अपने नाम कर लिया।

इस मुकाबले में भारतीय टीम की सबसे बड़ी समस्या गोल करने के अवसरों को भुनाने की रही। टीम को पेनल्टी कॉर्नर सहित कुछ महत्वपूर्ण मौके मिले,लेकिन वह उन्हें गोल में बदलने में नाकाम रही। दूसरी ओर,नीदरलैंड्स ने अपने पेनल्टी कॉर्नर का प्रभावी इस्तेमाल किया और दोनों गोल इसी माध्यम से किए। नीदरलैंड्स की रक्षापंक्ति ने भी भारतीय हमलों के सामने शानदार संयम दिखाया।

इस हार के साथ भारतीय टीम के लिए टूर्नामेंट का अगला मुकाबला बेहद महत्वपूर्ण हो गया है। सेमीफाइनल में जगह बनाने के लिए भारत को रविवार को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ जीत हासिल करनी होगी। ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के खिलाफ भारतीय खिलाड़ियों को आक्रमण के साथ-साथ डिफेंस में भी बेहतरीन प्रदर्शन करना होगा। खास तौर पर पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलने और मिले मौकों का फायदा उठाने पर टीम को विशेष ध्यान देना होगा।

भारतीय टीम के लिए नीदरलैंड्स के खिलाफ मुकाबला निराशाजनक जरूर रहा,लेकिन टूर्नामेंट में अभी उम्मीद पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ होने वाला मुकाबला अब भारत के लिए करो या मरो जैसा बन गया है। भारतीय खिलाड़ियों को इस हार से सबक लेते हुए अगले मुकाबले में बेहतर रणनीति और मजबूत आत्मविश्वास के साथ मैदान पर उतरना होगा। यदि टीम अपने मौकों को गोल में बदलने में सफल रहती है और डिफेंस को मजबूत रखती है,तो सेमीफाइनल का रास्ता अभी भी खुला रह सकता है।