पद्मश्री विजेता अभिनेत्री सौकार जानकी का निधन (तस्वीर क्रेडिट@AIRNewsHindi)

पद्मश्री विजेता अभिनेत्री सौकार जानकी का निधन,शनिवार को चेन्नई के बेसेंट नगर में होगा अंतिम संस्कार

चेन्नई,22 अगस्त (युआईटीवी)- दक्षिण भारतीय सिनेमा की दिग्गज अभिनेत्री और पद्मश्री पुरस्कार से सम्मानित सौकार जानकी का शुक्रवार को निधन हो गया। उम्र संबंधी बीमारियों के कारण उन्होंने दोपहर करीब दो बजे अंतिम सांस ली। वह 94 वर्ष की थीं। उनके निधन की खबर सामने आते ही दक्षिण भारतीय फिल्म जगत में शोक की लहर दौड़ गई। सात दशक से अधिक लंबे अपने शानदार फिल्मी करियर में सौकार जानकी ने तमिल,तेलुगु,कन्नड़ और मलयालम सहित कई भाषाओं की फिल्मों में अभिनय किया और अपने दमदार तथा स्वाभाविक अभिनय से दर्शकों के बीच खास पहचान बनाई।

दिग्गज अभिनेत्री का अंतिम संस्कार शनिवार दोपहर चेन्नई के बेसेंट नगर श्मशान घाट में किया जाएगा। परिवार की ओर से बताया गया है कि उनके सभी करीबी सदस्य अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए चेन्नई में एकत्र हो चुके हैं। अभिनेत्री के पोते-दामाद अरविंद ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि आम लोग शनिवार सुबह से अपनी प्रिय अभिनेत्री को अंतिम श्रद्धांजलि दे सकेंगे। इसके बाद देर दोपहर अंतिम संस्कार किए जाने की योजना है।

परिवार ने बताया कि सौकार जानकी के निधन के बाद उनके घर पर बड़ी संख्या में रिश्तेदारों और शुभचिंतकों के पहुँचने का सिलसिला शुरू हो गया है। दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग से जुड़े कलाकारों और प्रशंसकों के भी उनके अंतिम दर्शन के लिए पहुँचने की संभावना है। दशकों तक पर्दे पर अलग-अलग भूमिकाओं के जरिए लोगों का मनोरंजन करने वाली अभिनेत्री के निधन से उनके प्रशंसकों के बीच गहरा दुख है।

सौकार जानकी का असली नाम शंकरमंची जानकी था। उनका जन्म 12 दिसंबर 1931 को हुआ था। उन्होंने बेहद कम उम्र से ही कला और अभिनय की दुनिया में कदम रखा और आगे चलकर दक्षिण भारतीय सिनेमा की सबसे सम्मानित अभिनेत्रियों में अपनी जगह बनाई। उनकी अभिनय यात्रा सात दशकों से अधिक समय तक चली। इस दौरान उन्होंने 400 से ज्यादा फिल्मों में काम किया। उनकी फिल्मों का दायरा केवल एक भाषा तक सीमित नहीं रहा,बल्कि उन्होंने तमिल,तेलुगु,कन्नड़ और मलयालम सिनेमा में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।

सौकार जानकी ने अपने लंबे करियर में कई तरह के किरदार निभाए। उन्होंने माँ,पत्नी, दादी और अन्य पारिवारिक भूमिकाओं के साथ-साथ कई गंभीर और चुनौतीपूर्ण किरदारों को भी पर्दे पर जीवंत किया। उनकी सबसे बड़ी खासियत उनका सहज और स्वाभाविक अभिनय माना जाता था। वह अपने किरदार को इस तरह निभाती थीं कि दर्शकों को वह अभिनय नहीं,बल्कि वास्तविक जीवन का हिस्सा नजर आता था। यही वजह रही कि अलग-अलग पीढ़ियों के दर्शकों के बीच उनकी लोकप्रियता बनी रही।

उनकी फिल्मी यात्रा की शुरुआत तेलुगु फिल्म ‘शावुकारू’ से हुई थी। इसके बाद उन्होंने दक्षिण भारतीय सिनेमा में लगातार काम किया और धीरे-धीरे अपनी अलग पहचान बनाई। लंबे करियर के दौरान उन्होंने अपने समय के कई बड़े कलाकारों और निर्देशकों के साथ काम किया। फिल्मों की संख्या और भाषाओं की विविधता उनके व्यापक योगदान को दर्शाती है। उनकी अभिनय प्रतिभा को देखते हुए उन्हें देश के प्रतिष्ठित नागरिक सम्मानों में शामिल पद्मश्री से भी सम्मानित किया गया।

सौकार जानकी के निधन पर तेलुगु सिनेमा के मेगास्टार चिरंजीवी ने भी गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर अभिनेत्री को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि मशहूर अभिनेत्री और पद्मश्री पुरस्कार विजेता के निधन की खबर से उन्हें बहुत दुख हुआ है। चिरंजीवी ने उनके लंबे फिल्मी सफर को याद करते हुए कहा कि उनकी शानदार यात्रा ‘शावुकारू’ से शुरू हुई और करीब सात दशकों तक तेलुगु,तमिल तथा कई अन्य भाषाओं के सिनेमा में जारी रही।

चिरंजीवी ने कहा कि सौकार जानकी ने अपने स्वाभाविक अभिनय से अलग-अलग किरदारों में जान डाल दी और दर्शकों के दिलों में एक खास जगह बनाई। उन्होंने उन्हें महान अभिनेत्री बताते हुए कहा कि भारतीय फिल्म उद्योग में उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा। चिरंजीवी ने दिवंगत अभिनेत्री की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और उनके परिवार तथा प्रशंसकों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।

सौकार जानकी के परिवार में उनके तीन बच्चे,चार पोते-पोतियाँ और चार परपोते-परपोतियाँ हैं। परिवार के सदस्यों ने उनके अंतिम समय में उनके साथ रहने की कोशिश की। उनके निधन के बाद परिवार में शोक का माहौल है। लंबे समय तक अभिनय की दुनिया में सक्रिय रहने वाली सौकार जानकी ने अपने परिवार के साथ-साथ सिनेमा जगत में भी एक ऐसी विरासत छोड़ी है, जिसे आने वाली पीढ़ियां याद करेंगी।

सौकार जानकी का योगदान केवल फिल्मों की संख्या तक सीमित नहीं था। वह उन कलाकारों में शामिल थीं,जिन्होंने दक्षिण भारतीय सिनेमा के शुरुआती दौर से लेकर आधुनिक दौर तक लगातार अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। उन्होंने बदलते समय के साथ अपने अभिनय को ढाला और विभिन्न पीढ़ियों के दर्शकों के बीच लोकप्रिय बनी रहीं। उनके करियर में ऐसे कई किरदार रहे,जिन्हें आज भी दक्षिण भारतीय सिनेमा के प्रशंसक याद करते हैं।

उनके निधन के साथ दक्षिण भारतीय फिल्म उद्योग ने एक ऐसे कलाकार को खो दिया है, जिसने पर्दे पर अभिनय की कई शैलियों को अपनी सहजता के साथ प्रस्तुत किया। सात दशक से अधिक लंबे सफर में उन्होंने सैकड़ों फिल्मों के जरिए सिनेमा को समृद्ध किया। पद्मश्री सम्मान उनकी उपलब्धियों की आधिकारिक पहचान थी,लेकिन दर्शकों के बीच उनकी लोकप्रियता ही उनकी सबसे बड़ी विरासत रही।

शनिवार को बेसेंट नगर श्मशान घाट पर उनके अंतिम संस्कार के साथ इस महान अभिनेत्री की जीवन यात्रा का अंतिम अध्याय पूरा होगा। हालाँकि,उनकी फिल्मों और यादगार किरदारों के जरिए सौकार जानकी लंबे समय तक दर्शकों के बीच जीवित रहेंगी। दक्षिण भारतीय सिनेमा में उनके योगदान को कलाकार और प्रशंसक आने वाले वर्षों में भी याद करते रहेंगे। उनका निधन फिल्म जगत के लिए एक ऐसी क्षति है,जिसकी भरपाई संभव नहीं है।