नई दिल्ली,19 अगस्त (युआईटीवी)- भारत के शीर्ष पुरुष एकल बैडमिंटन खिलाड़ी लक्ष्य सेन ने मंगलवार को जीत के साथ बीडब्ल्यूएफ विश्व चैंपियनशिप 2026 में अपने अभियान का आगाज किया। इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में खेले गए पुरुष एकल वर्ग के राउंड ऑफ 64 मुकाबले में 14वीं वरीयता प्राप्त लक्ष्य सेन ने ऑस्ट्रिया के कॉलिन्स फिलिमोन को तीन गेम तक चले मुकाबले में 16-21, 21-8, 21-4 से शिकस्त दी। करीब 45 मिनट तक चले इस मुकाबले में भारतीय खिलाड़ी को शुरुआत में संघर्ष करना पड़ा,लेकिन पहला गेम गंवाने के बाद उन्होंने जबरदस्त वापसी करते हुए लगातार दो गेम अपने नाम किए।
विश्व चैंपियनशिप के पूर्व कांस्य पदक विजेता लक्ष्य सेन से इस मुकाबले में जीत की उम्मीद थी,लेकिन शुरुआती गेम में उन्हें ऑस्ट्रियाई खिलाड़ी की चुनौती का सामना करना पड़ा। मैच की शुरुआत से ही दोनों खिलाड़ियों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। पहले गेम के शुरुआती हिस्से में किसी भी खिलाड़ी ने बड़ी बढ़त हासिल नहीं की। दोनों लगातार अंक हासिल करते रहे और मुकाबला बेहद करीबी बना रहा।
पहले गेम के मध्यांतर तक फिलिमोन ने 11-10 की मामूली बढ़त बना ली थी। लक्ष्य सेन अपनी लय हासिल करने की कोशिश कर रहे थे,लेकिन कई मौकों पर उनके शॉट सही जगह नहीं पड़ सके। दूसरी ओर फिलिमोन ने अहम मौकों पर धैर्य बनाए रखा और भारतीय खिलाड़ी की गलतियों का फायदा उठाया। गेम के आगे बढ़ने के साथ ऑस्ट्रियाई खिलाड़ी ने अपनी स्थिति मजबूत की और लक्ष्य पर दबाव बढ़ा दिया।
फिलिमोन ने निर्णायक चरण में बढ़त हासिल करते हुए 20-16 पर गेम प्वाइंट हासिल कर लिए। इसके बाद उन्होंने अगली ही कोशिश में गेम समाप्त कर दिया। महज 15 मिनट में पहला गेम 21-16 से अपने नाम कर फिलिमोन ने लक्ष्य सेन को शुरुआती झटका दिया। हालाँकि,पहले गेम के नतीजे से भारतीय खिलाड़ी का आत्मविश्वास प्रभावित नहीं हुआ और उन्होंने दूसरे गेम में पूरी तरह अलग अंदाज में खेल दिखाया।
दूसरे गेम की शुरुआत में फिलिमोन ने एक बार फिर लक्ष्य सेन के साथ बराबरी बनाए रखी। स्कोर कुछ समय तक 6-6 रहा और ऐसा लग रहा था कि मुकाबला फिर से करीबी हो सकता है,लेकिन इसके बाद लक्ष्य ने अपनी गति बढ़ाई और लगातार चार अंक हासिल करते हुए 10-6 की बढ़त बना ली। इस छोटी-सी बढ़त के बाद भारतीय खिलाड़ी ने पीछे मुड़कर नहीं देखा।
लक्ष्य सेन ने अपनी रैलियों में तेजी लाई और कोर्ट पर बेहतर नियंत्रण हासिल किया। उनके आक्रामक शॉट और सटीक प्लेसमेंट के सामने फिलिमोन लगातार दबाव में आते गए। भारतीय खिलाड़ी ने लंबी रैलियों में भी धैर्य बनाए रखा और अपने प्रतिद्वंद्वी को गलतियाँ करने के लिए मजबूर किया। धीरे-धीरे लक्ष्य की बढ़त बढ़ती चली गई और फिलिमोन के लिए मुकाबले में वापसी करना मुश्किल हो गया।
लक्ष्य सेन 20-8 के स्कोर पर गेम प्वाइंट तक पहुँच गए। इसके बाद उन्होंने बिना ज्यादा समय गंवाए गेम खत्म करते हुए 21-8 से जीत हासिल की। दूसरा गेम 16 मिनट में समाप्त हुआ। इस जीत के साथ लक्ष्य ने मैच को निर्णायक तीसरे गेम तक पहुँचा दिया और मुकाबले का पूरा दबाव ऑस्ट्रियाई खिलाड़ी पर डाल दिया।
निर्णायक गेम में लक्ष्य सेन ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने लगातार अंक हासिल करते हुए फिलिमोन को संभलने का मौका नहीं दिया। भारतीय खिलाड़ी की गति,सटीकता और आक्रामक खेल के सामने ऑस्ट्रियाई खिलाड़ी पूरी तरह दबाव में नजर आए। लक्ष्य ने मध्यांतर तक 11-1 की बड़ी बढ़त बना ली। इस समय तक मुकाबले का रुख लगभग पूरी तरह भारतीय खिलाड़ी के पक्ष में हो चुका था।
फिलिमोन ने कुछ अंक हासिल कर अंतर कम करने की कोशिश की,लेकिन लक्ष्य सेन ने अपनी एकाग्रता बनाए रखी। उन्होंने लगातार दबाव जारी रखा और ऑस्ट्रियाई खिलाड़ी को कोर्ट के चारों ओर दौड़ने के लिए मजबूर किया। निर्णायक गेम में लक्ष्य की बढ़त इतनी बड़ी हो गई कि फिलिमोन के लिए मैच में वापसी की कोई वास्तविक संभावना नहीं बची।
लक्ष्य सेन देखते ही देखते 20-4 के स्कोर पर पहुँच गए और जीत से सिर्फ एक अंक दूर रह गए। अगली रैली में उन्होंने जरूरी अंक हासिल किया और निर्णायक गेम 21-4 से अपने नाम कर लिया। तीसरा गेम महज 14 मिनट में समाप्त हुआ। इस तरह पहला गेम गंवाने के बाद लक्ष्य ने लगातार दो गेम जीतकर मुकाबला अपने नाम किया।
इस जीत के साथ लक्ष्य सेन ने विश्व चैंपियनशिप के अगले दौर में अपनी जगह पक्की कर ली है। हालाँकि,उन्हें अपने अभियान की शुरुआत में कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा,लेकिन दूसरे और तीसरे गेम में जिस तरह उन्होंने अपने खेल को बदला,वह उनके अनुभव और मानसिक मजबूती को दर्शाता है। पहले गेम में गलतियों के कारण पिछड़ने के बाद उन्होंने जल्द ही अपनी रणनीति में बदलाव किया और मुकाबले पर नियंत्रण हासिल कर लिया।
लक्ष्य सेन के लिए यह टूर्नामेंट विशेष महत्व रखता है। वह विश्व चैंपियनशिप में पहले ही कांस्य पदक जीत चुके हैं और इस बार घरेलू दर्शकों के सामने उनसे बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में भारतीय प्रशंसकों की मौजूदगी के बीच लक्ष्य ने जीत दर्ज करके अपने अभियान की सकारात्मक शुरुआत की है।
मुकाबले के आँकड़ों से भी स्पष्ट है कि लक्ष्य ने मैच के दौरान अपनी गति और आक्रामकता में शानदार बदलाव किया। पहले गेम में जहाँ फिलिमोन ने भारतीय खिलाड़ी की गलतियों का फायदा उठाते हुए जीत हासिल की,वहीं दूसरे गेम से लक्ष्य ने रैलियों पर नियंत्रण कायम कर लिया। तीसरे गेम में तो उन्होंने पूरी तरह दबदबा बनाते हुए अपने प्रतिद्वंद्वी को सिर्फ चार अंक लेने दिए।
अब लक्ष्य सेन की नजर टूर्नामेंट में आगे बढ़ने पर होगी। शुरुआती मुकाबले में मिली यह जीत उन्हें आत्मविश्वास देगी,खासकर इसलिए क्योंकि उन्होंने एक गेम गंवाने के बाद वापसी की है। विश्व स्तर के बड़े टूर्नामेंट में शुरुआती दौर के मुकाबले अक्सर खिलाड़ियों के लिए लय हासिल करने का अवसर होते हैं और लक्ष्य ने अपने प्रदर्शन से यह संकेत दिया है कि वह लंबी चुनौती के लिए तैयार हैं।
भारतीय बैडमिंटन प्रशंसकों की निगाहें अब लक्ष्य सेन के अगले मुकाबले पर होंगी। घरेलू मैदान पर खेल रहे इस भारतीय खिलाड़ी से पदक की उम्मीदें जुड़ी हैं। फिलिमोन के खिलाफ मिली जीत ने उनके अभियान की शुरुआत कर दी है,लेकिन टूर्नामेंट के आगे बढ़ने के साथ उनकी राह और कठिन होती जाएगी। ऐसे में दूसरे और तीसरे गेम में दिखाया गया आक्रामक और आत्मविश्वासी खेल लक्ष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
