वाशिंगटन,19 अगस्त (युआईटीवी)- अमेरिका के फ्लोरिडा में भारतीय मूल की शिक्षिका और सामाजिक क्षेत्र से जुड़ी पिया दांडिया ने डेमोक्रेटिक पार्टी का प्राइमरी चुनाव जीत लिया है। अब वह 3 नवंबर को होने वाले आम चुनाव में रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार केसी अस्कर के खिलाफ चुनाव मैदान में उतरेंगी। फ्लोरिडा का 22वां कांग्रेसनल जिला इस बार अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में बहुमत के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे में नवंबर में होने वाला मुकाबला न केवल दोनों उम्मीदवारों के राजनीतिक भविष्य के लिए अहम होगा,बल्कि अमेरिकी कांग्रेस में डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन पार्टियों के बीच शक्ति संतुलन पर भी इसका असर पड़ सकता है।
मंगलवार को हुए डेमोक्रेटिक प्राइमरी चुनाव में पिया दांडिया ने वकील कैसिया अर्ली को 61.3 प्रतिशत वोटों से हराया। स्पष्ट जीत के बाद उन्होंने अपने समर्थकों, मतदाताओं और अभियान से जुड़े स्वयंसेवकों का आभार जताया। जीत के बाद दांडिया ने कहा कि वह अपने गृह राज्य फ्लोरिडा से अमेरिकी कांग्रेस के लिए डेमोक्रेटिक उम्मीदवार चुने जाने पर बेहद खुश और सम्मानित महसूस कर रही हैं। उन्होंने उन मतदाताओं और स्वयंसेवकों को धन्यवाद दिया,जिन्होंने कई महीनों तक उनके अभियान पर भरोसा बनाए रखा।
दांडिया ने कहा कि अब उनके अभियान का अगला अध्याय शुरू होगा। उन्होंने मेहनतकश परिवारों के लिए मजबूती से खड़े होने और फ्लोरिडा में जनसेवा की नई परिभाषा लिखने की बात कही। उनके अभियान का मुख्य जोर आम परिवारों की रोजमर्रा की आर्थिक परेशानियों को कम करने,शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े अधिकारों की रक्षा करने पर रहा है।
पिया दांडिया का जन्म और पालन-पोषण फ्लोरिडा के पाम बीच काउंटी में हुआ। उनके माता-पिता भारत से अमेरिका आए थे। उन्होंने अपने पेशेवर जीवन की शुरुआत शिक्षिका के तौर पर की और शिक्षा के क्षेत्र में काम करते हुए अपनी अलग पहचान बनाई। मात्र 28 वर्ष की उम्र में उन्होंने हार्लेम में एक हाईस्कूल की स्थापना की और देश की सबसे कम उम्र की प्रिंसिपलों में शामिल हुईं।
जिस स्कूल की स्थापना दांडिया ने की थी,वहाँ पढ़ने वाले लगभग 86 प्रतिशत छात्र गरीब परिवारों से आते थे। सीमित आर्थिक संसाधनों के बावजूद स्कूल के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा का रास्ता खोलना उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहा। उनके नेतृत्व में स्कूल के प्रत्येक छात्र को कॉलेज में प्रवेश मिला। शिक्षा के क्षेत्र में उनके इस अनुभव को अब उनके राजनीतिक अभियान की प्रमुख ताकत के रूप में देखा जा रहा है।
स्कूल प्रशासन और शिक्षण के बाद दांडिया ने संघीय सरकार के स्तर पर भी काम किया। वह व्हाइट हाउस फेलो के रूप में डोमेस्टिक पॉलिसी काउंसिल और शिक्षा विभाग से जुड़ी रहीं। इस दौरान उन्हें शिक्षा और घरेलू नीतियों से संबंधित काम करने का अनुभव मिला। इसके बाद उन्होंने एप्पल में शिक्षा,स्वास्थ्य और राज्य सरकार से संबंधित सार्वजनिक परियोजनाओं का नेतृत्व किया। शिक्षा,प्रशासन और सार्वजनिक नीति से जुड़े उनके अनुभव ने उन्हें राजनीति में उतरने के लिए एक अलग पृष्ठभूमि प्रदान की है।
अगर नवंबर में पिया दांडिया आम चुनाव जीतने में सफल होती हैं,तो वह फ्लोरिडा से अमेरिकी कांग्रेस में पहुँचने वाली पहली दक्षिण एशियाई अमेरिकी बन जाएँगी। उनकी उम्मीदवारी को अमेरिकी राजनीति में भारतीय और दक्षिण एशियाई मूल के समुदायों की बढ़ती राजनीतिक भागीदारी के संदर्भ में भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालाँकि,नवंबर का चुनाव उनके लिए आसान नहीं होगा,क्योंकि इस जिले को राजनीतिक रूप से रिपब्लिकन पार्टी की ओर झुका हुआ माना जाता है।
रिपब्लिकन प्राइमरी में कारोबारी और पूर्व मरीन सैनिक केसी अस्कर ने जीत हासिल की। उन्हें सात उम्मीदवारों के बीच 24 प्रतिशत वोट मिले। उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वियों में क्रिप्टोकरेंसी कारोबारी माइकल कार्बोनारा और विश्वविद्यालय प्रशासक बेलिंडा कैसर शामिल रहे। माइकल कार्बोनारा को 20.6 प्रतिशत और बेलिंडा कैसर को 20.2 प्रतिशत वोट मिले। इस परिणाम के बाद नवंबर के आम चुनाव में पिया दांडिया और केसी अस्कर के बीच सीधा मुकाबला तय हो गया है।
फ्लोरिडा का 22वां कांग्रेसनल जिला भौगोलिक और राजनीतिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण है। इसमें ब्रॉवर्ड,पाम बीच,हेंड्री और कोलियर काउंटी के कुछ हिस्से शामिल हैं। यह सीट तब खाली हुई,जब डेमोक्रेट सांसद लोइस फ्रेंकल ने पड़ोसी 23वें जिले से चुनाव लड़ने का फैसला किया। इसके बाद दोनों प्रमुख दलों ने इस सीट पर अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए उम्मीदवारों की तलाश शुरू की।
नवंबर का चुनाव अमेरिकी प्रतिनिधि सभा के लिए व्यापक राजनीतिक मुकाबले का हिस्सा होगा। इस समय दोनों प्रमुख पार्टियाँ कांग्रेस में बहुमत हासिल करने की रणनीति पर काम कर रही हैं। ऐसे में जिन सीटों पर मुकाबला करीबी होने की संभावना है,उन्हें दोनों पार्टियाँ विशेष प्राथमिकता दे रही हैं। फ्लोरिडा की यह सीट भी उन्हीं महत्वपूर्ण सीटों में शामिल है।
डेमोक्रेटिक नेशनल कमेटी के अध्यक्ष केन मार्टिन ने पिया दांडिया को प्राइमरी जीतने पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि एक शिक्षिका और समुदाय की लंबे समय से नेता के रूप में दांडिया ने अवसर बढ़ाने और मेहनतकश परिवारों के लिए काम करने की कोशिश की है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस में पहुँचने के बाद दांडिया दक्षिण फ्लोरिडा के परिवारों के लिए किराने का सामान,स्वास्थ्य सेवाओं और घर से जुड़े खर्चों को कम करने की दिशा में काम करेंगी। डेमोक्रेटिक पार्टी ने संकेत दिया है कि वह इस सीट को जीतने के लिए व्यापक स्तर पर अभियान चलाएगी।
दांडिया के चुनावी एजेंडे में घरेलू खर्च कम करना प्रमुख मुद्दा है। अमेरिका में महँगाई, आवास की लागत,स्वास्थ्य सेवाओं और रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़े खर्च लंबे समय से राजनीतिक बहस के केंद्र में हैं। दांडिया इन मुद्दों को मेहनतकश और मध्यमवर्गीय परिवारों से जोड़ते हुए चुनाव अभियान चला रही हैं। उनका कहना है कि सरकार की नीतियों का उद्देश्य आम लोगों के जीवन को आर्थिक रूप से आसान बनाना होना चाहिए।
शिक्षा भी उनके अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। वह सभी बच्चों के लिए प्री-किंडरगार्टन की सुविधा बढ़ाने,सार्वजनिक स्कूलों को मजबूत करने और वोकेशनल ट्रेनिंग के अवसरों का विस्तार करने की बात कर रही हैं। शिक्षिका के रूप में उनका अनुभव इस एजेंडे को विशेष राजनीतिक पहचान देता है। उनका जोर ऐसे शिक्षा मॉडल पर है,जो बच्चों को कॉलेज की शिक्षा के साथ-साथ रोजगार और व्यावसायिक प्रशिक्षण के लिए भी तैयार करे।
इसके अलावा दांडिया सोशल सिक्योरिटी और मेडिकेयर की रक्षा तथा प्रजनन अधिकारों को बनाए रखने की बात कर रही हैं। अमेरिकी राजनीति में ये मुद्दे डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन पार्टियों के बीच लंबे समय से वैचारिक बहस का हिस्सा रहे हैं। नवंबर के चुनाव में इन मुद्दों पर दोनों उम्मीदवारों के बीच मतभेद भी स्पष्ट रूप से सामने आने की संभावना है।
हालाँकि,राजनीतिक जानकारों के अनुसार पिया दांडिया के सामने सबसे बड़ी चुनौती जिले के मौजूदा राजनीतिक रुझान की होगी। वर्ष 2024 में डोनाल्ड ट्रंप ने इस नए जिले में 54.6 प्रतिशत वोट हासिल किए थे। इसके चार साल पहले राष्ट्रपति चुनाव में जो बाइडेन को 51 प्रतिशत वोट मिले थे। इन आँकड़ों से पता चलता है कि जिले का राजनीतिक रुझान स्थायी रूप से किसी एक पार्टी के पक्ष में नहीं रहा है,लेकिन हालिया चुनावी परिणाम रिपब्लिकन उम्मीदवार के लिए कुछ बढ़त जरूर दिखाते हैं।
यही कारण है कि दोनों राष्ट्रीय पार्टियों ने इस सीट को अपनी प्राथमिकता वाली सीटों की सूची में रखा है। डेमोक्रेटिक पार्टी इस सीट को जीतकर प्रतिनिधि सभा में अपनी स्थिति मजबूत करना चाहती है,जबकि रिपब्लिकन पार्टी इसे अपने पक्ष में बनाए रखने की कोशिश करेगी। चुनावी मुकाबले में स्थानीय मुद्दों के साथ-साथ राष्ट्रीय राजनीतिक माहौल की भी महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है।
डेमोक्रेटिक प्राइमरी को समझना भी इस चुनाव के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। अमेरिका में प्राइमरी चुनाव किसी राजनीतिक पार्टी की आंतरिक चुनावी प्रक्रिया होती है,जिसके जरिए पार्टी आगामी आम चुनाव के लिए अपने आधिकारिक उम्मीदवार का चयन करती है। इसमें पार्टी से जुड़े सदस्य या पंजीकृत मतदाता अपने पसंदीदा उम्मीदवार के पक्ष में मतदान करते हैं। पिया दांडिया की जीत का अर्थ है कि अब वह फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेसनल जिले में डेमोक्रेटिक पार्टी की आधिकारिक उम्मीदवार होंगी।
नवंबर में होने वाला आम चुनाव अब उनके राजनीतिक करियर की अगली बड़ी परीक्षा होगा। एक ओर उनके पास शिक्षा,सार्वजनिक नीति और निजी क्षेत्र में काम करने का अनुभव है,वहीं दूसरी ओर उन्हें ऐसे जिले में चुनाव लड़ना होगा,जिसे रिपब्लिकन पार्टी की ओर झुका हुआ माना जा रहा है। दूसरी तरफ केसी अस्कर के पास कारोबारी अनुभव और मरीन सैनिक के रूप में पृष्ठभूमि है,जिसे रिपब्लिकन अभियान में मतदाताओं के सामने प्रमुखता से पेश किया जा सकता है।
पिया दांडिया के लिए यह चुनाव व्यक्तिगत उपलब्धि से आगे बढ़कर ऐतिहासिक महत्व भी रखता है। यदि वह नवंबर में जीतती हैं,तो फ्लोरिडा से अमेरिकी कांग्रेस में पहुँचने वाली पहली दक्षिण एशियाई अमेरिकी बनेंगी। उनके भारतीय मूल और फ्लोरिडा में जन्म एवं पालन-पोषण की पृष्ठभूमि को भी अभियान के दौरान महत्वपूर्ण पहचान मिल सकती है।
अब दोनों पार्टियाँ आम चुनाव की तैयारी में जुटेंगी और आने वाले महीनों में स्थानीय मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए जोर लगाएँगी। पिया दांडिया के सामने चुनौती होगी कि वह अपने शिक्षा और सार्वजनिक नीति के अनुभव को आर्थिक मुद्दों से जोड़कर मतदाताओं का भरोसा हासिल करें। वहीं रिपब्लिकन उम्मीदवार केसी अस्कर जिले के मौजूदा राजनीतिक रुझान को अपने पक्ष में बनाए रखने की कोशिश करेंगे।
फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेसनल जिले का चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में बहुमत की लड़ाई में निर्णायक भूमिका निभा सकता है। दोनों राष्ट्रीय दलों की नजर इस सीट पर है और नवंबर तक यहाँ चुनावी गतिविधियाँ तेज रहने की संभावना है। फिलहाल डेमोक्रेटिक प्राइमरी जीतकर पिया दांडिया ने पहला चरण पार कर लिया है,लेकिन कांग्रेस तक पहुँचने की उनकी असली परीक्षा 3 नवंबर को होगी,जब उनका सीधा मुकाबला रिपब्लिकन उम्मीदवार केसी अस्कर से होगा।
