नई दिल्ली,15 सितंबर (युआईटीवी)- गुरुग्राम के गोल्फ कोर्स रोड पर हुए चर्चित हिट एंड रन मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी कल्याण बैसला को राजस्थान के दौसा से हिरासत में ले लिया है। घटना के बाद से आरोपी लगातार फरार चल रहा था और पुलिस उसकी तलाश में संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए गुरुग्राम पुलिस ने जाँच का दायरा बढ़ाते हुए केस में हत्या के प्रयास की धारा भी जोड़ दी थी। पुलिस ने यह कदम सीसीटीवी फुटेज और घटना से संबंधित वायरल वीडियो की विस्तृत जाँच के बाद उठाया। अब आरोपी को हिरासत में लिए जाने के बाद मामले की जाँच में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
गुरुग्राम पुलिस के मुताबिक, गोल्फ कोर्स रोड पर हुई दुर्घटना के मामले में पुलिस ने खुद संज्ञान लेते हुए सेक्टर-56 थाने में केस दर्ज किया था। शुरुआत में मामले की जाँच सड़क दुर्घटना और हिट एंड रन के पहलुओं को ध्यान में रखकर की जा रही थी,लेकिन जाँच के दौरान सामने आए सीसीटीवी फुटेज और वायरल वीडियो ने पुलिस को घटनाक्रम को दूसरे नजरिए से देखने का आधार दिया। फुटेज का बारीकी से विश्लेषण करने के बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धारा 109 जोड़ दी, जो हत्या के प्रयास से संबंधित है। इस धारा के तहत दोष साबित होने पर 10 साल तक की सजा का प्रावधान है।
आरोपी की गिरफ्तारी के लिए गुरुग्राम पुलिस की अपराध शाखा ने तीन अलग-अलग टीमें गठित की थीं। इन टीमों को अलग-अलग स्थानों पर भेजकर लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही थी। पुलिस को जाँच के दौरान पता चला था कि घटना के बाद आरोपी अपने घर पर नहीं था और फरार हो गया था। इसके बाद पुलिस ने उसके संभावित ठिकानों,संपर्कों और आवाजाही से संबंधित जानकारी जुटानी शुरू की। लगातार प्रयासों के बाद पुलिस को आरोपी के राजस्थान के दौसा में होने की जानकारी मिली, जिसके आधार पर कार्रवाई करते हुए उसे हिरासत में लिया गया।
इस मामले में वायरल वीडियो पुलिस की जाँच के लिए बेहद अहम साबित हुआ। घटना से संबंधित वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद पुलिस ने उसे जाँच का हिस्सा बनाया। इसके साथ ही घटनास्थल और आसपास के क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग को भी खंगाला गया। पुलिस ने अलग-अलग फुटेज और वीडियो में दिखाई दे रहे घटनाक्रम का मिलान किया। जाँच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर ही मामले में हत्या के प्रयास जैसी गंभीर धारा जोड़ने का फैसला लिया गया। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले अन्य तथ्यों के आधार पर आगे भी आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गोल्फ कोर्स रोड की इस घटना में सिया ने भी आरोपी की गिरफ्तारी में हो रही देरी को लेकर पुलिस पर गंभीर सवाल उठाए थे। घटना के दो दिन बाद उन्होंने कहा था कि जिस कार चालक पर उन्हें टक्कर मारने का आरोप है, वह मीडिया से बातचीत कर अपनी बात रख रहा है,लेकिन पुलिस अब तक उसे गिरफ्तार नहीं कर सकी है। सिया ने इस बात पर हैरानी जताई थी कि घटना के बाद आरोपी कथित तौर पर सार्वजनिक रूप से अपनी कहानी बता रहा था,जबकि उनके अनुसार पुलिस को मामले से जुड़े महत्वपूर्ण तथ्यों की जानकारी पहले ही मिल जानी चाहिए थी।
सिया ने आरोप लगाया था कि कार चालक ने उनकी साइकिल को टक्कर मारी और इसके बाद हादसे के लिए उन्हें ही जिम्मेदार ठहराने की कोशिश की। उनका कहना था कि टक्कर के बाद आरोपी मौके पर रुकने के बजाय लाल बत्ती पार कर वहाँ से निकल गया। उन्होंने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा था कि घटना से संबंधित कार का नंबर भी उन्होंने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में साझा किया था। इसके बावजूद गिरफ्तारी में देरी को लेकर उन्होंने चिंता जताई थी।
सिया के मुताबिक,हादसे के समय वह गोल्फ कोर्स रोड पर ट्रैफिक के बीच तीसरी लेन में धीमी गति से साइकिल चला रही थीं। इसी दौरान एक कार ने उन्हें टक्कर मार दी। अचानक हुई टक्कर के कारण वह सड़क पर गिर गईं। उन्होंने बताया कि हादसा इतना अचानक हुआ कि कुछ समय के लिए उन्हें समझ ही नहीं आया कि उनके साथ क्या हुआ। घटना के बाद वह काफी घबरा गई थीं। उनके साथ साइकिल चला रहे एक अन्य व्यक्ति ने स्थिति को सँभालने की कोशिश की और कथित तौर पर कार चालक को रोकने का प्रयास किया।
सिया के अनुसार,उनके साथ मौजूद व्यक्ति ने कार चालक से रुकने के लिए कहा और उसे बताया कि हादसे में गलती उसकी थी। हालाँकि,उनका आरोप है कि चालक ने अपनी गलती स्वीकार करने के बजाय उन्हें ही दुर्घटना के लिए जिम्मेदार बताना शुरू कर दिया। इसके बाद वह मौके पर रुका नहीं और कार लेकर आगे बढ़ गया। सिया ने दावा किया था कि चालक ने लाल बत्ती पार की,फिर बाईं ओर मुड़ गया और वहाँ से फरार हो गया।
घटना के बाद सिया ने पुलिस से तत्काल कार्रवाई की माँग की थी। उनका सवाल था कि जिस व्यक्ति पर सड़क पर टक्कर मारने और घायल करने के बाद मौके से फरार होने का आरोप है,वह कथित तौर पर मीडिया में अपनी बात रखने के लिए उपलब्ध है,लेकिन पुलिस की गिरफ्त से बाहर क्यों है। उन्होंने कहा था कि पुलिस के पास घटना से संबंधित सीसीटीवी फुटेज,कार का नंबर और अन्य जानकारियाँ मौजूद थीं,ऐसे में गिरफ्तारी में देरी समझ से परे है।
अब आरोपी को दौसा से हिरासत में लिए जाने के बाद मामले में एक नया मोड़ आया है। पुलिस ने न केवल आरोपी तक पहुँच बनाई है,बल्कि जाँच के दौरान हत्या के प्रयास की धारा भी जोड़ी है। इससे स्पष्ट है कि पुलिस अब घटना को केवल सड़क दुर्घटना या सामान्य हिट एंड रन के रूप में नहीं देख रही है,बल्कि सीसीटीवी और वायरल वीडियो से सामने आए तथ्यों के आधार पर कथित तौर पर जानबूझकर टक्कर मारने के पहलू की भी जाँच कर रही है।
मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 109 जोड़े जाने से आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और गंभीर हो गई है। इस धारा में हत्या के प्रयास के लिए कड़ी सजा का प्रावधान है। हालाँकि,आरोपों की अंतिम पुष्टि जाँच और न्यायिक प्रक्रिया के दौरान सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर ही होगी। पुलिस के सामने अब यह पता लगाने की जिम्मेदारी होगी कि घटना के समय कार किस तरह चल रही थी,टक्कर किन परिस्थितियों में हुई और हादसे के बाद आरोपी ने मौके से क्यों और किस तरह भागने का फैसला किया।
गुरुग्राम पुलिस की कार्रवाई के बाद अब मामले में आगे की जाँच महत्वपूर्ण होगी। सीसीटीवी फुटेज,वायरल वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों को जाँच का हिस्सा बनाया जा सकता है। साथ ही पुलिस यह भी पता लगाने की कोशिश करेगी कि घटना के बाद आरोपी किन स्थानों पर गया और दौसा तक कैसे पहुँचा। आरोपी की हिरासत के बाद पूछताछ से पुलिस को घटनाक्रम की कड़ियाँ जोड़ने में मदद मिल सकती है।
फिलहाल,इस मामले में आरोपी की गिरफ्तारी ने उस सवाल का जवाब जरूर दे दिया है जिसे लेकर पीड़िता सिया ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए थे। घटना के बाद उनकी ओर से लगातार कार्रवाई की माँग की जा रही थी। अब आरोपी के हिरासत में लिए जाने और मामले में हत्या के प्रयास की धारा जोड़े जाने के बाद जाँच नए चरण में पहुँच गई है। आने वाले समय में पुलिस की जाँच और अदालत में पेश किए जाने वाले साक्ष्य यह तय करने में अहम भूमिका निभाएँगे कि इस हिट एंड रन मामले में कानूनी कार्रवाई किस दिशा में आगे बढ़ती है।
