महिला एशिया कप ट्रॉफी विवाद पर बड़ा सवाल (तस्वीर क्रेडिट@deepakdilse)

महिला एशिया कप 2026 ट्रॉफी विवाद पर बड़ा सवाल,मोहसिन नकवी का कार्यकाल खत्म होने के बाद ही बदलेगा समीकरण

नई दिल्ली,15 सितंबर (युआईटीवी)- महिला एशिया कप 2026 का खिताब जीतने के बाद भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने ट्रॉफी को लेकर एक बार फिर स्पष्ट रुख अपनाया। खिताबी जीत के बाद भारतीय खिलाड़ियों ने मोहसिन नकवी के हाथों ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया। इससे पहले 2025 में पुरुष एशिया कप का खिताब जीतने के बाद भी भारतीय टीम ने मोहसिन नकवी से ट्रॉफी स्वीकार नहीं की थी। लगातार दूसरी बार सामने आए इस घटनाक्रम ने एशिया कप की ट्रॉफी और भारतीय टीम के बीच बने विवाद को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर यह स्थिति कब तक बनी रहेगी और भारतीय टीम को ट्रॉफी औपचारिक रूप से कब सौंपी जाएगी।

मोहसिन नकवी फिलहाल एशियन क्रिकेट काउंसिल यानी एसीसी के अध्यक्ष हैं। उन्होंने 3 अप्रैल 2025 को इस पद की जिम्मेदारी सँभाली थी। एसीसी के नियमों के मुताबिक अध्यक्ष का कार्यकाल दो वर्ष का होता है। ऐसे में मौजूदा व्यवस्था के अनुसार नकवी 3 अप्रैल 2027 तक एसीसी अध्यक्ष के पद पर बने रह सकते हैं। उनके कार्यकाल की अवधि पूरी होने के बाद ही संगठन में अगला नेतृत्व सामने आएगा,जब तक कि सभी सदस्य देशों की सहमति से उनके कार्यकाल को आगे बढ़ाने का फैसला न किया जाए।

यहीं से एशिया कप की ट्रॉफी को लेकर जारी विवाद का संभावित अंत भी दिखाई देता है। एशिया कप का आयोजन आमतौर पर दो वर्ष के अंतराल पर किया जाता है। अगला पुरुष एशिया कप जून 2027 में प्रस्तावित है। यानी जब अगला पुरुष एशिया कप खेला जाएगा, तब तक मोहसिन नकवी का मौजूदा कार्यकाल समाप्त हो चुका होगा। यदि उन्हें दोबारा अध्यक्ष नहीं चुना जाता है,तो अगले एशिया कप में भारतीय टीम के सामने ट्रॉफी लेने को लेकर मौजूदा तरह की स्थिति पैदा होने की संभावना काफी कम हो जाएगी।

मोहसिन नकवी से पहले जय शाह ने एसीसी अध्यक्ष की जिम्मेदारी सँभाली थी। उन्होंने 2021 से 2025 तक इस पद पर काम किया और बाद में उन्हें सर्वसम्मति से दोबारा अध्यक्ष चुना गया था। हालाँकि,मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए मोहसिन नकवी के दोबारा एसीसी अध्यक्ष चुने जाने की संभावना को लेकर अलग-अलग तरह के कयास लगाए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि उनके कार्यकाल के बाद एसीसी की कमान अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड के प्रतिनिधि को मिल सकती है। ऐसी स्थिति में संगठन के नेतृत्व में बदलाव होना लगभग तय माना जा रहा है और इससे भारत तथा एसीसी के बीच ट्रॉफी को लेकर पैदा हुआ विवाद भी समाप्त होने की दिशा में आगे बढ़ सकता है।

रिपोर्टों में यह भी दावा किया जा रहा है कि मोहसिन नकवी के एसीसी अध्यक्ष पद से हटने के बाद भारतीय टीम को पिछली दोनों एशिया कप ट्रॉफियाँ औपचारिक रूप से मिल सकती हैं। हालाँकि,अभी यह स्पष्ट नहीं है कि ट्रॉफियों को किस प्रक्रिया के तहत भारत को सौंपा जाएगा। मौजूदा विवाद के कारण 2025 में पुरुष टीम के एशिया कप जीतने के बाद भी ट्रॉफी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी थी। अब महिला टीम के खिताब जीतने के बाद भी वही परिस्थिति दोहराई गई है।

महिला एशिया कप 2026 की खिताबी जीत के बाद भारतीय टीम समापन समारोह में भी शामिल नहीं हुई। भारतीय खिलाड़ियों के चैंपियन बनने के बाद भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड के सचिव देवजीत सैकिया और उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला खिलाड़ियों से मुलाकात करते दिखाई दिए। इसके बाद ट्रॉफी को लेकर भारतीय क्रिकेट बोर्ड का रुख भी सामने आया। बोर्ड की ओर से कहा गया कि मौजूदा परिस्थितियों में भारतीय टीम ऐसे व्यक्ति के हाथों ट्रॉफी स्वीकार नहीं कर सकती,जिसे भारत के खिलाफ काम करने वाला माना जा रहा है।

इस पूरे विवाद की पृष्ठभूमि भारत और पाकिस्तान के बीच बिगड़े राजनीतिक संबंधों से जुड़ी हुई है। अप्रैल में पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया था। इसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट संबंधों को लेकर भी कई स्तरों पर मतभेद सामने आए। ऐसे माहौल में मोहसिन नकवी की भूमिका को लेकर भारत में सवाल उठते रहे हैं। यही वजह है कि भारतीय टीम ने लगातार दो एशिया कप जीतने के बावजूद एसीसी अध्यक्ष के हाथों ट्रॉफी लेने से परहेज किया।

भारतीय क्रिकेट बोर्ड के सचिव देवजीत सैकिया ने भी इस मामले में स्पष्ट किया कि बोर्ड की तरफ से विवाद को सुलझाने की कोशिश की गई थी,लेकिन वह प्रयास सफल नहीं हो सका। उनका कहना था कि अप्रैल में पहलगाम की घटना के बाद दोनों देशों के संबंध और अधिक खराब हुए हैं। ऐसे माहौल में भारतीय टीम ऐसे व्यक्ति से ट्रॉफी स्वीकार नहीं कर सकती,जिसे भारत के खिलाफ काम करने वाला माना जाता है।

इस घटनाक्रम ने एशिया कप के आयोजन और एसीसी की भूमिका को लेकर भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। खेल के मैदान पर भारत और पाकिस्तान की टीमें आमने-सामने होती हैं,लेकिन दोनों देशों के बीच राजनीतिक तनाव का असर क्रिकेट से जुड़े आयोजनों पर भी दिखाई देता है। ट्रॉफी वितरण जैसे औपचारिक कार्यक्रम भी अब इस विवाद से अछूते नहीं रहे हैं। हालाँकि,भारतीय टीम ने मैदान पर अपने प्रदर्शन के जरिए खिताब हासिल किया और ट्रॉफी समारोह में भाग लेने से अलग रहने का फैसला किया।

फिलहाल इस विवाद का सबसे स्पष्ट संभावित समाधान एसीसी नेतृत्व में बदलाव के साथ ही नजर आता है। अगर मोहसिन नकवी का कार्यकाल 3 अप्रैल 2027 को समाप्त होता है और उन्हें दोबारा अध्यक्ष नहीं चुना जाता,तो जून 2027 में होने वाले अगले पुरुष एशिया कप तक संगठन की कमान किसी नए अध्यक्ष के हाथों में होगी। ऐसी स्थिति में भारतीय टीम और एसीसी के बीच ट्रॉफी को लेकर मौजूदा टकराव खत्म होने की उम्मीद की जा सकती है। हालाँकि,अंतिम स्थिति एसीसी के अगले अध्यक्ष के चुनाव और दोनों देशों के बीच उस समय के संबंधों पर निर्भर करेगी।

फिलहाल इतना तय है कि महिला एशिया कप 2026 के बाद ट्रॉफी विवाद ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि खेल और राजनीतिक तनाव के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए। भारतीय टीम लगातार दो एशिया कप जीत चुकी है,लेकिन दोनों मौकों पर खिताबी ट्रॉफी से जुड़ा समारोह विवाद का विषय बना। अब नजर 2027 में होने वाले एसीसी नेतृत्व परिवर्तन पर है,जो इस पूरे विवाद को खत्म करने की दिशा में अहम मोड़ साबित हो सकता है।