प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (तस्वीर क्रेडिट@BJP4India)

नए साल 2026 की शुभकामनाओं के साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संदेश—शांति,समृद्धि और नए संकल्पों का वर्ष बने 2026

नई दिल्ली,1 जनवरी (युआईटीवी)- नए साल 2026 का आगाज़ पूरे देश में उत्साह, उम्मीदों और शुभकामनाओं के माहौल के साथ हुआ। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को हार्दिक बधाई देते हुए आने वाले वर्ष को शांति,समृद्धि और सकारात्मक बदलावों से भरा होने की कामना की। प्रधानमंत्री ने गुरुवार सुबह सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपने संदेश में लिखा कि वह चाहते हैं यह वर्ष हर भारतीय के जीवन में अच्छा स्वास्थ्य,सफलता और संतोष लेकर आए। साथ ही उन्होंने समाज में शांति,भाईचारे और खुशी के प्रसार के लिए प्रार्थना की।

अपने संदेश में प्रधानमंत्री मोदी ने लोगों को प्रेरित करते हुए कहा कि नए साल का आगमन केवल कैलेंडर बदलने का क्षण नहीं,बल्कि आत्ममंथन,नई शुरुआत और सपनों को साकार करने का अवसर भी है। उन्होंने लिखा कि 2026 हर भारतीय के लिए नई उम्मीदें जगाए और हमें ऐसे लक्ष्य तय करने के लिए प्रेरित करे,जो राष्ट्र निर्माण की दिशा में सार्थक योगदान दें। उनकी पोस्ट पर देशभर के नागरिकों और नेताओं ने शुभकामनाओं के साथ-साथ भविष्य के लिए अपनी अपेक्षाएँ भी साझा कीं।

प्रधानमंत्री ने एक अन्य पोस्ट में संस्कृत सुभाषित उद्धृत करते हुए सांस्कृतिक परंपरा और आध्यात्मिक मूल्यों का भी स्मरण कराया। उन्होंने लिखा, “2026 की आप सभी को बहुत-बहुत शुभकामनाएँ। कामना है कि यह वर्ष नई आशाएँ,नए संकल्प और आत्मविश्वास लेकर आए।” इसके बाद उन्होंने श्लोक साझा किया—“ज्ञानं विरक्तिरैश्वर्यं शौर्यं तेजो बलं स्मृतिः। स्वातन्त्र्यं कौशलं कान्तिर्धैर्यं मार्दवमेव च॥” और संदेश दिया कि जीवन में ज्ञान,साहस,धैर्य और करुणा जैसे गुण ही वास्तविक समृद्धि का आधार हैं। पीएम मोदी के इस आध्यात्मिक और सकारात्मक संदेश को सोशल मीडिया पर व्यापक प्रतिक्रिया मिली और लोगों ने इसे प्रेरक बताते हुए साझा किया।

नए साल के मौके पर राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने भी नागरिकों के नाम एक संदेश जारी किया। उन्होंने लिखा, “आप सभी को नए साल की हार्दिक बधाई और शुभकामनाएँ। यह शुभ अवसर हर नागरिक के जीवन में नई उम्मीद,सकारात्मक ऊर्जा और निरंतर प्रगति लेकर आए।” मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि दिल्ली सरकार जनसेवा और कल्याणकारी योजनाओं को इस वर्ष और अधिक मजबूती व तेजी के साथ लागू करेगी। उनका कहना था कि राजधानी की असली ताकत उसके नागरिकों का विश्वास और सक्रिय भागीदारी है,जो सुशासन और विकास की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रही है।

रेखा गुप्ता ने आगे लिखा कि नया साल न केवल उत्सव का अवसर है,बल्कि साझा जिम्मेदारियों की याद दिलाने वाला समय भी है। उन्होंने कहा कि एक मजबूत, समावेशी और समृद्ध दिल्ली बनाने के लिए सरकार और जनता दोनों को मिलकर काम करना होगा। शिक्षा,स्वास्थ्य,स्वच्छता,बुनियादी ढाँचा और रोजगार जैसे क्षेत्रों में बेहतर परिणाम तभी संभव हैं,जब सभी नागरिक अपने स्तर पर जिम्मेदारी निभाएँ और सहयोग का भाव बनाए रखें। उन्होंने विश्वास जताया कि 2026 दिल्ली के लिए उपलब्धियों और सकारात्मक बदलावों का वर्ष साबित होगा।

नए साल के अवसर पर नेताओं के इन संदेशों ने देश में आशा और उत्साह का एक साझा वातावरण बनाया। यह समय जब दुनिया भर में सामाजिक,आर्थिक और पर्यावरणीय चुनौतियाँ सामने हैं,ऐसे में शांति और समृद्धि की कामना विशेष महत्व रखती है। प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री गुप्ता दोनों ने अपने संदेशों में यही संकेत दिया कि चुनौतियों से घबराने के बजाय हमें एकजुट होकर उनका सामना करना होगा और विकास की रफ्तार बनाए रखनी होगी।

देशभर में लोगों ने नए साल का स्वागत विभिन्न आयोजनों,प्रार्थनाओं और सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ किया। कई स्थानों पर लोगों ने परिवार और दोस्तों के साथ मिलकर 2025 को विदाई दी और 2026 का स्वागत नए सपनों और संकल्पों के साथ किया। धार्मिक स्थलों पर विशेष प्रार्थनाएँ हुईं,जिनमें देश की खुशहाली और नागरिकों के कल्याण के लिए दुआएँ की गईं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि प्रधानमंत्री द्वारा नए साल के पहले ही दिन शांति,स्थिरता और समृद्धि की बात करना एक व्यापक संदेश है,जो घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय दोनों मोर्चों पर भारत की प्राथमिकताओं को दर्शाता है। वहीं,दिल्ली मुख्यमंत्री का संदेश राजधानी में जनकल्याण और सुशासन के एजेंडे को आगे बढ़ाने की प्रतिबद्धता की ओर इशारा करता है।

नए साल का पहला दिन उम्मीदों का संदेश देता है—चाहे वह व्यक्तिगत जीवन में नए लक्ष्य हों या फिर राष्ट्र के विकास का बड़ा रोडमैप। प्रधानमंत्री मोदी का सकारात्मक और प्रेरक संदेश तथा मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता का प्रगति और भागीदारी पर जोर—दोनों मिलकर यही बताते हैं कि 2026 को अवसरों,उपलब्धियों और बेहतर भविष्य के वर्ष के रूप में देखा जा रहा है। अब देशवासियों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि यह नया साल किस तरह से उनके जीवन में वास्तविक परिवर्तन और नई संभावनाएँ लेकर आता है।