वीडी सतीशन ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली (तस्वीर क्रेडिट@rajendraarlekar)

केरल में 10 साल बाद सत्ता में लौटी कांग्रेस,वीडी सतीशन ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली

नई दिल्ली,18 मई (युआईटीवी)- केरल की राजनीति में एक बड़े बदलाव के साथ कांग्रेस नेतृत्व वाले यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट ने राज्य में नई सरकार का गठन कर लिया है। विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के करीब दो सप्ताह बाद रविवार को तिरुवनंतपुरम के सेंट्रल स्टेडियम में आयोजित भव्य समारोह में वीडी सतीशन ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। राज्यपाल विश्वनाथ आर्लेकर ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। उनके साथ 20 अन्य विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ लेकर नई सरकार का हिस्सा बनने की औपचारिक शुरुआत की।

इस शपथ ग्रहण समारोह के साथ ही केरल में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा यानी एलडीएफ के दस साल लंबे शासन का औपचारिक अंत हो गया। पिनाराई विजयन के नेतृत्व में सीपीआई(एम) की सरकार पिछले एक दशक से सत्ता में थी,लेकिन इस बार जनता ने बदलाव के पक्ष में मतदान करते हुए कांग्रेस नीत यूडीएफ को भारी बहुमत दिया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह जीत केवल सत्ता परिवर्तन नहीं बल्कि राज्य की राजनीतिक दिशा में एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है।

शपथ ग्रहण समारोह में कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व की मौजूदगी ने इस अवसर को और खास बना दिया। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे,लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और वायनाड से सांसद प्रियंका गांधी भी इस कार्यक्रम में शामिल हुए। समारोह के दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता और यूडीएफ समर्थक मौजूद रहे,जिन्होंने नई सरकार के गठन का उत्साह के साथ स्वागत किया।

वीडी सतीशन के नेतृत्व में बनी नई सरकार में कांग्रेस के साथ उसके सहयोगी दलों को भी प्रतिनिधित्व दिया गया है। इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग यानी आईयूएमएल के पाँच विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली। केरल की राजनीति में मुस्लिम लीग लंबे समय से कांग्रेस की महत्वपूर्ण सहयोगी रही है और इस चुनाव में भी पार्टी ने यूडीएफ की जीत में अहम भूमिका निभाई। विधानसभा में आईयूएमएल के 22 विधायक हैं,जिसके चलते सरकार गठन में उसे प्रमुख स्थान मिला।

नई कैबिनेट में कई अनुभवी और वरिष्ठ नेताओं को शामिल किया गया है। इनमें पीके कुन्हालीकुट्टी,रमेश चेन्निथला, के मुरलीधरन और एपी अनिल कुमार जैसे नाम प्रमुख हैं। इसके अलावा युवा और क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए कई नए चेहरों को भी मंत्रिमंडल में जगह दी गई है। राजनीतिक जानकारों का कहना है कि कांग्रेस ने इस बार अनुभव और नई पीढ़ी के बीच संतुलन बनाने की कोशिश की है,ताकि सरकार लंबे समय तक स्थिर और प्रभावी तरीके से काम कर सके।

मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद वीडी सतीशन ने राज्य के लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह जनादेश जनता की उम्मीदों और बदलाव की इच्छा का परिणाम है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि उनकी सरकार पारदर्शिता,विकास और सामाजिक न्याय को प्राथमिकता देगी। सतीशन ने यह भी कहा कि केरल को आर्थिक और प्रशासनिक रूप से मजबूत बनाने के लिए सभी सहयोगी दलों के साथ मिलकर काम किया जाएगा।

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इस मौके को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि केरल की जनता ने दस साल के शासन के बाद बदलाव का फैसला किया है। उन्होंने कहा कि यूडीएफ की वापसी केवल राजनीतिक जीत नहीं,बल्कि जनता के विश्वास की जीत है। खरगे ने कहा कि अब यह नई सरकार की जिम्मेदारी है कि वह लोगों की उम्मीदों पर खरी उतरे और राज्य को बेहतर प्रशासन दे।

राहुल गांधी ने भी नई सरकार को बधाई देते हुए कहा कि केरल के लोगों ने लोकतांत्रिक मूल्यों और विकास की राजनीति को चुना है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और यूडीएफ राज्य के हर वर्ग के लिए काम करेंगे और जनता से किए गए वादों को पूरा करने की कोशिश करेंगे। प्रियंका गांधी ने भी इस जीत को कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मेहनत और जनता के भरोसे का परिणाम बताया।

हालिया विधानसभा चुनाव में यूडीएफ ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 140 सदस्यीय विधानसभा में 102 सीटें हासिल कीं। इनमें अकेले कांग्रेस ने 63 सीटें जीतकर राज्य में अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया। यह नतीजा इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि पिछले दो चुनावों में कांग्रेस सत्ता से बाहर रही थी और एलडीएफ लगातार मजबूत स्थिति में बनी हुई थी।

विश्लेषकों के अनुसार,इस चुनाव में महँगाई,बेरोजगारी,प्रशासनिक मुद्दे और सरकार विरोधी माहौल ने यूडीएफ को फायदा पहुँचाया। इसके अलावा कांग्रेस ने इस बार जमीनी स्तर पर बेहतर संगठन और प्रभावी प्रचार अभियान चलाया। वीडी सतीशन की छवि भी पार्टी के लिए सकारात्मक साबित हुई। उन्हें एक आक्रामक लेकिन संतुलित नेता के रूप में देखा जाता है, जिन्होंने विपक्ष में रहते हुए सरकार को कई मुद्दों पर घेरा था।

नई सरकार के सामने अब कई बड़ी चुनौतियाँ भी होंगी। राज्य की आर्थिक स्थिति, बढ़ता कर्ज,बेरोजगारी और बुनियादी ढाँचे के विकास जैसे मुद्दे सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल होंगे। इसके अलावा स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में केरल की मजबूत छवि को बनाए रखना भी सरकार के लिए महत्वपूर्ण होगा।

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि केरल में कांग्रेस की यह वापसी राष्ट्रीय राजनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। दक्षिण भारत में कांग्रेस को लंबे समय बाद इतनी बड़ी सफलता मिली है,जिससे पार्टी के आत्मविश्वास को मजबूती मिलेगी। आने वाले समय में यह जीत कांग्रेस के लिए दूसरे राज्यों में भी राजनीतिक संदेश के रूप में काम कर सकती है।

शपथ ग्रहण समारोह के दौरान पूरे तिरुवनंतपुरम में उत्साह का माहौल देखने को मिला। कांग्रेस और यूडीएफ समर्थकों ने जश्न मनाया और इसे “नई शुरुआत” करार दिया। राज्य की जनता अब नई सरकार से विकास, स्थिरता और बेहतर प्रशासन की उम्मीद कर रही है।

वीडी सतीशन के नेतृत्व में बनी यह नई सरकार आने वाले वर्षों में केरल की राजनीति और प्रशासन की दिशा तय करेगी। दस साल बाद सत्ता में लौटी कांग्रेस के सामने अब खुद को साबित करने की चुनौती होगी,जबकि विपक्ष में बैठी एलडीएफ भी सरकार के हर कदम पर नजर बनाए रखेगी। ऐसे में केरल की राजनीति आने वाले समय में और अधिक दिलचस्प होने की संभावना है।