वडोदरा,12 जनवरी (युआईटीवी)- बीसीए स्टेडियम में रविवार को खेले गए तीन मैचों की वनडे सीरीज के पहले मुकाबले में भारतीय टीम ने न्यूजीलैंड को 4 विकेट से शिकस्त देकर शानदार आगाज़ किया। इस जीत के साथ ही मेजबान भारत ने सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली। मुकाबले में दोनों टीमों के बल्लेबाजों और गेंदबाजों ने दमदार प्रदर्शन किया,लेकिन संयमित बल्लेबाजी और अहम साझेदारियों के दम पर भारत अंत में बाज़ी मारने में सफल रहा।
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी न्यूजीलैंड की टीम ने निर्धारित 50 ओवरों में 8 विकेट खोकर 300 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। कीवी टीम की शुरुआत बेहद ठोस रही। सलामी बल्लेबाज डेवोन कॉनवे और हेनरी निकोल्स ने भारतीय गेंदबाजों के खिलाफ सतर्क लेकिन प्रभावी बल्लेबाजी करते हुए पहले विकेट के लिए 21.4 ओवरों में 117 रन जोड़े। इस साझेदारी ने न्यूजीलैंड को एक मजबूत मंच प्रदान किया। कॉनवे ने 67 गेंदों का सामना करते हुए 7 चौकों की मदद से 56 रन बनाए,जबकि निकोल्स ने 69 गेंदों में 8 चौकों के साथ 62 रन की पारी खेली। हालाँकि,126 के स्कोर तक दोनों सलामी बल्लेबाजों के आउट होने के बाद न्यूजीलैंड की रन गति पर कुछ असर पड़ा।
इसके बाद मध्यक्रम में डेरिल मिशेल ने पारी को सँभालने की जिम्मेदारी उठाई। मिशेल ने हालात के मुताबिक बल्लेबाजी करते हुए छोटी-छोटी लेकिन उपयोगी साझेदारियाँ कीं और टीम को लगातार आगे बढ़ाते रहे। उन्होंने अंत के ओवरों में क्रिस्चियन क्लार्क के साथ आठवें विकेट के लिए 25 गेंदों में 42 रन जोड़कर न्यूजीलैंड को 300 के पार पहुँचाने में अहम भूमिका निभाई। मिशेल ने 71 गेंदों में 3 छक्कों और 5 चौकों की मदद से 84 रन की शानदार पारी खेली,जबकि क्लार्क ने 17 गेंदों में 3 चौकों के साथ नाबाद 24 रन बनाकर तेज फिनिश दिया।
भारतीय गेंदबाजी की बात करें तो मोहम्मद सिराज,हर्षित राणा और प्रसिद्ध कृष्णा ने 2-2 विकेट झटके और अहम मौकों पर रन गति को काबू में रखा। कुलदीप यादव को भी 1 सफलता मिली। हालाँकि,भारतीय गेंदबाजों ने बीच-बीच में दबाव बनाया,लेकिन न्यूजीलैंड के बल्लेबाजों ने अंतिम ओवरों में तेजी से रन बटोरकर स्कोर को चुनौतीपूर्ण बना दिया।
301 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत संतुलित रही। रोहित शर्मा और कप्तान शुभमन गिल ने बिना किसी जल्दबाजी के पारी को आगे बढ़ाया और पहले विकेट के लिए 8.4 ओवरों में 39 रन जोड़े। रोहित शर्मा 29 गेंदों में 2 छक्कों और 3 चौकों की मदद से 26 रन बनाकर आउट हुए,लेकिन उनकी पारी ने टीम को स्थिर शुरुआत दिलाई। इसके बाद शुभमन गिल ने विराट कोहली के साथ मिलकर पारी को सँभाला।
गिल और कोहली की जोड़ी ने दूसरे विकेट के लिए 118 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी कर भारत को मजबूत स्थिति में पहुँचा दिया। गिल ने संयम और आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी करते हुए 71 गेंदों में 5 चौकों की मदद से 56 रन बनाए। उनके आउट होने तक भारत का स्कोर 157 रन हो चुका था और लक्ष्य हासिल करने की राह काफी हद तक आसान दिखने लगी थी।
इसके बाद विराट कोहली ने अपनी अनुभवी बल्लेबाजी से पारी को आगे बढ़ाया। उन्होंने श्रेयस अय्यर के साथ तीसरे विकेट के लिए 77 रन की साझेदारी की और भारतीय स्कोर को 234 रन तक पहुँचा दिया। कोहली ने परिस्थितियों को समझते हुए स्ट्राइक रोटेट की और जरूरत पड़ने पर बाउंड्री भी लगाईं। हालाँकि,मध्यक्रम में कुछ विकेट गिरने से मैच में हल्का सा रोमांच जरूर आया,लेकिन भारत ने संयम बनाए रखा।
न्यूजीलैंड की ओर से काइल जैमीसन सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने धारदार गेंदबाजी करते हुए 4 विकेट झटके और भारतीय बल्लेबाजों को दबाव में लाने की कोशिश की। इसके अलावा आदित्य अशोक और क्रिस्चियन क्लार्क को 1-1 विकेट मिला। बावजूद इसके,भारतीय बल्लेबाजों ने अंतिम ओवरों में सूझबूझ दिखाते हुए लक्ष्य को 49वें ओवर में हासिल कर लिया और 4 विकेट से मुकाबला अपने नाम कर लिया।
इस जीत के साथ भारतीय टीम ने न सिर्फ सीरीज में बढ़त बनाई,बल्कि यह भी दिखा दिया कि बड़े लक्ष्य का पीछा करने में टीम के पास अनुभव और संतुलन दोनों मौजूद हैं। अब सीरीज के अगले मुकाबलों में न्यूजीलैंड की नजरें जोरदार वापसी पर होंगी,जबकि भारत इस लय को बरकरार रखते हुए सीरीज जीत की ओर कदम बढ़ाना चाहेगा।
