रिद्धिमान साहा (तस्वीर क्रेडिट@kumarsonurazz)

भारतीय विकेटकीपर रिद्धिमान साहा रणजी ट्रॉफी के बाद क्रिकेट से लेंगे संन्यास

नई दिल्ली,4 नवंबर (युआईटीवी)- भारतीय विकेटकीपर रिद्धिमान साहा ने 2024-25 रणजी ट्रॉफी सीजन के बाद क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा की है,जिससे उनके 17 साल के लंबे करियर का समापन होगा। फिलहाल रिद्धिमान साहा बेंगलुरु में कर्नाटक के खिलाफ बंगाल के चौथे राउंड के मैच की तैयारी कर रहे हैं। उन्होंने अपने संन्यास लेने के फैसले की जानकारी सोशल मीडिया पर साझा की।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उन्होंने पोस्ट में लिखा,”क्रिकेट में एक यादगार सफर के तय करने के बाद, यह मेरा आखिरी सीजन होगा। बंगाल के तरफ से रणजी ट्रॉफी में खेलते हुए संन्यास लेना मेरे लिए सम्मान की बात है। आइए इस सीजन को खास बनाएँ।”

साल 2022-23 में 39 वर्षीय साहा ने बंगाल टीम के साथ विवाद के कारण टीम से दूरी बना ली थी,जब बंगाल क्रिकेट संघ के सचिव देबब्रत दास ने उन पर खेलने से बचने के बहाने बनाने का आरोप लगाया। हालाँकि,साहा ने इस सीजन में टीम में वापसी की और रणजी ट्रॉफी के पहले दोनों मैच खेले।

भारत के लिए साहा ने 40 टेस्ट मैच खेले हैं। उन्होंने टेस्ट मैचों में तीन शतक और छह अर्धशतक लगाते हुए कुल 1353 रन बनाए हैं। वह लंबे समय तक टीम इंडिया का हिस्सा रहे, लेकिन ऋषभ पंत के आने से उन्हें टीम में जगह बनाना मुश्किल हो गया। साहा कई बार दूसरे विकेटकीपर के रूप में टीम में शामिल होते रहे।

ऋद्धिमान साहा को साल 2010 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए पहली बार भारतीय टीम में शामिल किया गया था। जब तक एमएस धोनी रहे, टेस्ट टीम में उनकी जगह पक्की नहीं हो पाई थी। धोनी ने साल 2014 में टेस्ट क्रिकेट संन्यास लिया,उसके बाद ऋद्धिमान को टेस्ट क्रिकेट में नियमित मौके मिले। ऋद्धिमान साहा ने साल 2021 में न्यूजीलैंड के खिलाफ अपने आखिरी मुकाबला खेला था।

दिसंबर 2021 में रिद्धिमान साहा आखिरी बार भारत के लिए खेला और उन्हें साल 2023 में सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट से रिलीज कर दिया गया। गुजरात टाइटंस ने उन्हें आईपीएल 2025 की नीलामी से पहले रिटेन नहीं किया। साहा उन चुनिंदा खिलाड़ियों में से एक हैं,जिन्होंने 2008 से हर आईपीएल सीजन में हिस्सा लिया है।

रिद्धिमान साहा सनराइजर्स हैदराबाद,चेन्नई सुपर किंग्स,कोलकाता नाइट राइडर्स और पंजाब किंग्स के लिए भी खेला है। पंजाब किंग्स जब 2014 के फाइनल में उपविजेता बनी थी, साहा ने 55 गेंदों पर नाबाद 115 रन बनाकर ऐतिहासिक शतक बनाया था।