हार्दिक पांड्या (तस्वीर क्रेडिट@IPL2025Auction)

आईपीएल 2026 : हार्दिक पांड्या पर लगा जुर्माना,केकेआर के खिलाफ मैच में आचार संहिता उल्लंघन का मामला आया सामने

नई दिल्ली,21 मई (युआईटीवी)- इंडियन प्रीमियर लीग 2026 में मुंबई इंडियंस के कप्तान हार्दिक पांड्या के लिए कोलकाता नाइट राइडर्स के खिलाफ मुकाबला किसी भी लिहाज से अच्छा नहीं रहा। एक तरफ उनकी टीम को अहम मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा, वहीं दूसरी तरफ अब उन पर आईपीएल की आचार संहिता के उल्लंघन के चलते जुर्माना भी लगाया गया है। आईपीएल प्रशासन ने हार्दिक पांड्या की मैच फीस का 10 प्रतिशत काटने के साथ उनके खाते में एक डिमेरिट प्वाइंट भी जोड़ दिया है। यह कार्रवाई केकेआर के खिलाफ खेले गए मुकाबले के दौरान मैदान पर किए गए उनके व्यवहार को लेकर की गई।

दरअसल,मैच की दूसरी पारी के दौरान एक ऐसी घटना हुई,जिसने सभी का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। कोलकाता नाइट राइडर्स की पारी के 10वें ओवर की चौथी गेंद फेंकने के बाद हार्दिक पांड्या अपने रन-अप पर वापस लौट रहे थे। इसी दौरान उन्होंने जानबूझकर स्टंप्स की बेल्स गिरा दीं। मैच अधिकारियों ने इस हरकत को खेल भावना के खिलाफ माना और इसे आईपीएल की आचार संहिता के अनुच्छेद 2.2 का उल्लंघन बताया। यह अनुच्छेद क्रिकेट उपकरण,मैदान के सामान या अन्य फिटिंग्स के दुरुपयोग से संबंधित है।

मैच के बाद जब इस मामले की समीक्षा की गई तो हार्दिक पांड्या ने अपनी गलती स्वीकार कर ली। उन्होंने लेवल-1 के अपराध को मानते हुए मैच रेफरी द्वारा दी गई सजा को भी स्वीकार किया। आईपीएल नियमों के मुताबिक लेवल-1 के मामलों में मैच रेफरी का फैसला अंतिम माना जाता है। यही कारण रहा कि मामले को ज्यादा आगे नहीं बढ़ाया गया और तुरंत कार्रवाई करते हुए जुर्माने की घोषणा कर दी गई।

हालाँकि,यह घटना केवल अनुशासनात्मक कार्रवाई तक सीमित नहीं रही,बल्कि हार्दिक का प्रदर्शन भी सवालों के घेरे में रहा। मुंबई इंडियंस को इस मुकाबले में अपने कप्तान से बड़ी पारी और प्रभावी गेंदबाजी की उम्मीद थी,लेकिन वह दोनों ही विभागों में उम्मीदों पर खरे नहीं उतर सके। बल्लेबाजी करते हुए हार्दिक ने 27 गेंदों का सामना किया और केवल 26 रन बना सके। अपनी पारी में उन्होंने दो चौके और एक छक्का जरूर लगाया,लेकिन उनकी बल्लेबाजी में वह आक्रामकता नजर नहीं आई जिसके लिए वह पहचाने जाते हैं।

गेंदबाजी में भी हार्दिक का प्रदर्शन फीका रहा। उन्होंने सिर्फ दो ओवर फेंके और कोई विकेट हासिल नहीं कर सके। ऐसे में टीम को उनसे वह योगदान नहीं मिला जिसकी सबसे ज्यादा जरूरत थी। मुंबई इंडियंस का पूरा बल्लेबाजी क्रम इस मुकाबले में बिखरा हुआ नजर आया और यही टीम की हार की सबसे बड़ी वजह बना।

पहले बल्लेबाजी करते हुए मुंबई इंडियंस की शुरुआत बेहद खराब रही। अनुभवी बल्लेबाज रोहित शर्मा सिर्फ 15 रन बनाकर आउट हो गए। वहीं रयान रिकेल्टन भी ज्यादा देर क्रीज पर नहीं टिक सके और 6 रन बनाकर कैमरून ग्रीन का शिकार बने। युवा बल्लेबाज नमन धीर बिना खाता खोले ही पवेलियन लौट गए। टीम को शुरुआती झटकों से उबरने का मौका ही नहीं मिल पाया।

मुंबई के लिए सबसे बड़ी चिंता सूर्यकुमार यादव की लगातार खराब फॉर्म भी बनी हुई है। इस मुकाबले में भी वह बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे और 15 रन बनाकर सौरभ दुबे की गेंद पर क्लीन बोल्ड हो गए। सूर्यकुमार से टीम को तेज रन गति की उम्मीद थी,लेकिन वह दबाव में सहज नजर नहीं आए।

तिलक वर्मा ने जरूर कुछ देर तक संघर्ष किया,लेकिन उनकी बल्लेबाजी भी बेहद धीमी रही। उन्होंने 32 गेंदों का सामना करने के बाद केवल 20 रन बनाए। उनकी धीमी पारी के कारण मुंबई इंडियंस अंतिम ओवरों में बड़ा स्कोर खड़ा नहीं कर सकी। हालाँकि,अंत में कॉर्बिन बॉश ने तेज बल्लेबाजी करते हुए टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुँचाने का काम किया। बॉश ने सिर्फ 18 गेंदों में नाबाद 32 रन बनाए,जिसमें कई आकर्षक शॉट शामिल रहे। उनकी इस पारी की बदौलत मुंबई इंडियंस 20 ओवर में 8 विकेट खोकर 147 रन तक पहुँचने में सफल रही।

हालाँकि,यह स्कोर ईडन गार्डन्स जैसी बल्लेबाजी के लिए अनुकूल पिच पर पर्याप्त साबित नहीं हुआ। लक्ष्य का पीछा करने उतरी कोलकाता नाइट राइडर्स ने शुरुआत में कुछ विकेट जरूर गंवाए,लेकिन टीम ने जल्द ही मैच पर पकड़ बना ली। मनीष पांडे ने बेहद समझदारी के साथ बल्लेबाजी करते हुए 33 गेंदों में 45 रन बनाए। उनकी पारी में संयम और आक्रामकता का शानदार संतुलन देखने को मिला।

दूसरी ओर रोवमैन पॉवेल ने भी विस्फोटक अंदाज में बल्लेबाजी की। उन्होंने 30 गेंदों में 40 रन बनाकर मुंबई इंडियंस के गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा। दोनों बल्लेबाजों के बीच हुई अहम साझेदारी ने मैच को पूरी तरह केकेआर की तरफ मोड़ दिया। अंतिम ओवरों में कोलकाता ने संयम बनाए रखा और 18.5 ओवर में 6 विकेट खोकर लक्ष्य हासिल कर लिया।

इस हार के साथ मुंबई इंडियंस की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। टीम पहले ही प्लेऑफ की दौड़ से बाहर हो चुकी है और अब लगातार हार ने उनके अभियान को पूरी तरह निराशाजनक बना दिया है। कप्तान हार्दिक पांड्या पर लगा जुर्माना और मैदान पर उनका व्यवहार भी अब चर्चा का विषय बन गया है। ऐसे समय में जब टीम को नेतृत्व की सबसे ज्यादा जरूरत थी,तब कप्तान का खुद दबाव में नजर आना मुंबई इंडियंस के लिए चिंता का कारण बन गया है।

दूसरी ओर कोलकाता नाइट राइडर्स ने इस जीत के साथ प्लेऑफ की उम्मीदों को जिंदा रखा है। टीम ने हर विभाग में संतुलित प्रदर्शन किया और घरेलू मैदान पर शानदार जीत दर्ज की। अब आने वाले मुकाबलों में केकेआर की नजर अपनी जीत की लय को बरकरार रखने पर होगी,जबकि मुंबई इंडियंस इस सीजन को जल्द भूलकर नई शुरुआत की तैयारी में जुटना चाहेगी।