भारत ने पहली बार आयरलैंड के खिलाफ गंवाई टी20 सीरीज (तस्वीर क्रेडिट@rashtra_press)

आयरलैंड ने रचा इतिहास,1 रन से भारत को हराकर पहली बार टी20 सीरीज में किया क्लीन स्वीप

बेलफास्ट,29 जून (युआईटीवी)- भारतीय क्रिकेट टीम को आयरलैंड दौरे पर एक ऐसी हार का सामना करना पड़ा,जिसने क्रिकेट जगत को चौंका दिया। रविवार को सिविल सर्विस क्रिकेट क्लब में खेले गए दूसरे टी20 मुकाबले में भारत को मेजबान आयरलैंड ने मात्र 1 रन से हरा दिया। इस जीत के साथ आयरलैंड ने दो मैचों की टी20 सीरीज 2-0 से अपने नाम कर ली और इतिहास रच दिया। यह पहला अवसर है,जब आयरलैंड ने भारत के खिलाफ कोई द्विपक्षीय टी20 सीरीज जीती हो। इससे पहले पहले मुकाबले में भी भारतीय टीम को 34 रन से हार का सामना करना पड़ा था। ऐसे में दूसरे मैच की हार ने भारत के लिए यह दौरा पूरी तरह निराशाजनक बना दिया।

मुकाबले में आयरलैंड ने टॉस गंवाने के बावजूद शानदार प्रदर्शन किया। पहले बल्लेबाजी करते हुए मेजबान टीम ने निर्धारित 20 ओवरों में 8 विकेट के नुकसान पर 154 रन बनाए। हालाँकि,उसकी शुरुआत कुछ खास नहीं रही थी। टीम ने 17 रन के स्कोर पर अपना पहला विकेट गंवा दिया,जब टिम टेक्टर केवल 5 रन बनाकर आउट हो गए। इसके बाद रॉस अडायर भी ज्यादा देर टिक नहीं सके और 16 रन बनाकर पवेलियन लौट गए।

भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआती ओवरों में अच्छा दबाव बनाया और आयरलैंड को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। कप्तान लोर्कन टकर भी 15 रन बनाकर आउट हो गए और एक समय ऐसा लग रहा था कि मेजबान टीम बड़ा स्कोर नहीं बना पाएगी। 48 रन तक तीन विकेट गिर जाने के बाद आयरलैंड मुश्किल स्थिति में दिखाई दे रहा था।

ऐसे समय में हैरी टेक्टर और बेंजामिन कैलिट्ज ने टीम की पारी को सँभाला। दोनों बल्लेबाजों ने चौथे विकेट के लिए 65 रनों की महत्वपूर्ण साझेदारी करते हुए भारतीय गेंदबाजों की लय बिगाड़ दी। बेंजामिन कैलिट्ज ने केवल 23 गेंदों में 37 रन बनाए। उनकी पारी में पाँच शानदार चौके शामिल रहे। दूसरी ओर हैरी टेक्टर ने जिम्मेदारी के साथ बल्लेबाजी करते हुए 47 गेंदों में 53 रन बनाए। उन्होंने अपनी पारी के दौरान छह चौके लगाए और टीम को सम्मानजनक स्कोर तक पहुँचाने में अहम भूमिका निभाई।

मध्य ओवरों में मिली इस साझेदारी ने आयरलैंड को मजबूत आधार प्रदान किया। बाद के ओवरों में जॉर्ज डॉकरेल ने 19 रन जोड़कर टीम को 150 के पार पहुँचाने में योगदान दिया। भारतीय गेंदबाजों की बात करें,तो युवा तेज गेंदबाज प्रिंस यादव सबसे सफल रहे। उन्होंने शानदार गेंदबाजी करते हुए 22 रन देकर तीन विकेट हासिल किए। अर्शदीप सिंह और शिवम दुबे ने दो-दो विकेट अपने नाम किए,जबकि हर्षित राणा को एक सफलता मिली।

155 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम को पहले ही ओवर में दो बड़े झटके लग गए। अनुभवी विकेटकीपर बल्लेबाज संजू सैमसन और विस्फोटक सलामी बल्लेबाज अभिषेक शर्मा बिना खाता खोले पवेलियन लौट गए। दोनों बल्लेबाजों के जल्दी आउट होने से भारतीय टीम दबाव में आ गई।

शुरुआती झटकों से उबरने की जिम्मेदारी कप्तान श्रेयस अय्यर और ईशान किशन पर थी, लेकिन वे भी बड़ी पारी खेलने में नाकाम रहे। श्रेयस अय्यर केवल 10 रन बना सके,जबकि ईशान किशन ने 12 रन का योगदान दिया। 35 रन के स्कोर तक भारत के चार विकेट गिर चुके थे और टीम पूरी तरह संकट में दिखाई दे रही थी।

ऐसे मुश्किल समय में तिलक वर्मा और अक्षर पटेल ने पारी को सँभालने की कोशिश की। दोनों खिलाड़ियों ने पाँचवें विकेट के लिए 39 रनों की साझेदारी कर टीम को कुछ राहत दिलाई। अक्षर पटेल 14 रन बनाकर आउट हुए,लेकिन तिलक वर्मा ने एक छोर सँभाले रखा। उन्होंने धैर्य और समझदारी के साथ बल्लेबाजी करते हुए भारतीय पारी को आगे बढ़ाया।

इसके बाद तिलक वर्मा को शिवम दुबे का साथ मिला। दोनों बल्लेबाजों ने छठे विकेट के लिए 35 रन जोड़कर भारत को मुकाबले में बनाए रखा। शिवम दुबे ने 16 गेंदों में 20 रन की उपयोगी पारी खेली,लेकिन उनके आउट होते ही भारतीय टीम फिर दबाव में आ गई। लगातार अंतराल पर विकेट गिरने से रन गति प्रभावित हुई और लक्ष्य हासिल करना मुश्किल होता चला गया।

तिलक वर्मा ने अंत तक संघर्ष जारी रखा। उन्होंने 46 गेंदों में 55 रन की शानदार पारी खेली। उनकी पारी में तीन चौके और एक छक्का शामिल रहा। तिलक ने एक छोर से टीम को जीत दिलाने की भरपूर कोशिश की,लेकिन दूसरे छोर से उन्हें पर्याप्त सहयोग नहीं मिला। अंतिम ओवरों में हर्षित राणा ने भी 21 रन की उपयोगी पारी खेलकर उम्मीदें जगाईं,लेकिन भारत जीत की दहलीज पार नहीं कर सका।

निर्धारित 20 ओवरों में भारतीय टीम 9 विकेट खोकर 153 रन ही बना सकी और महज 1 रन से मुकाबला हार गई। यह हार भारतीय टीम के लिए बेहद निराशाजनक रही क्योंकि मैच कई मौकों पर उसके पक्ष में जाता हुआ दिखाई दे रहा था। हालाँकि,शुरुआती बल्लेबाजी क्रम की विफलता ने अंततः टीम की हार की नींव रख दी।

आयरलैंड की ओर से गेंदबाजी में जय मूंदड़ा और मैथ्यू हॉलार्ड ने शानदार प्रदर्शन किया। दोनों गेंदबाजों ने तीन-तीन विकेट हासिल कर भारतीय बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। इसके अलावा मैथ्यू हम्फ्रीज और हैरी टेक्टर ने भी एक-एक विकेट लेकर टीम की जीत में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

इस जीत के साथ आयरलैंड ने न केवल सीरीज अपने नाम की,बल्कि भारतीय क्रिकेट इतिहास में एक बड़ा उलटफेर भी दर्ज कर दिया। विश्व क्रिकेट में भारत को सबसे मजबूत टी20 टीमों में गिना जाता है,ऐसे में आयरलैंड जैसी उभरती हुई टीम का भारत को लगातार दो मैचों में हराना उसकी प्रगति और आत्मविश्वास को दर्शाता है।

दूसरी ओर भारतीय टीम को इस हार से कई सबक मिले हैं। शीर्ष क्रम की लगातार विफलता,दबाव के समय साझेदारी बनाने में असफलता और अहम मौकों पर विकेट गंवाना टीम की सबसे बड़ी कमजोरी बनकर सामने आया। अब भारतीय टीम का अगला चुनौतीपूर्ण दौरा इंग्लैंड में होगा,जहाँ उसे पाँच टी20 और तीन एकदिवसीय मैचों की सीरीज खेलनी है। टीम प्रबंधन उम्मीद करेगा कि खिलाड़ी इस निराशाजनक प्रदर्शन को पीछे छोड़कर इंग्लैंड में बेहतर प्रदर्शन करें और जीत की राह पर लौटें।