प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा (तस्वीर क्रेडिट@GopiSpeaks)

जोहान्सबर्ग जी-20 शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी की गूँज,दक्षिण अफ्रीका ने की नेतृत्व और समर्थन की खुलकर सराहना

जोहान्सबर्ग,25 नवंबर (युआईटीवी)- जोहान्सबर्ग में हाल ही में सम्पन्न हुए जी-20 शिखर सम्मेलन ने जहाँ वैश्विक कूटनीति के नए समीकरणों को गति दी,वहीं समिट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी और सक्रिय भूमिका ने दक्षिण अफ्रीका के लोगों के बीच गहरी छाप छोड़ी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर दक्षिण अफ्रीका के हजारों नागरिकों ने पीएम मोदी की खुलकर सराहना की और उन्हें “समिट का एमवीपी” तक बताया। उनकी इस लोकप्रियता का कारण था,दक्षिण अफ्रीका की जी-20 अध्यक्षता के दौरान भारत द्वारा दिया गया निरंतर और ठोस समर्थन,साथ ही मोदी का सुलभ,सक्रिय और पारदर्शी संवाद।

दक्षिण अफ्रीका के लोगों ने न केवल भारत द्वारा जी-20 में निभाई गई भूमिका की प्रशंसा की,बल्कि व्यक्तिगत रूप से पीएम मोदी की रणनीति,नेतृत्व और व्यवहारिक कूटनीति को भी सराहा। 2014 में कार्यभार संभालने के बाद यह प्रधानमंत्री मोदी का 12वाँ जी-20 समिट था और इस अनुभव का प्रभाव उनके कामकाज और वैश्विक उपस्थिति में स्पष्ट दिखा।

एक यूजर उलरिच जैन्से वैन वुरेन ने लिखा, “मुझे कहना होगा कि मैं बहुत प्रभावित हूँ कि जी-20 के दौरान भारत दक्षिण अफ्रीका और महाद्वीप के लिए कितना सपोर्टिव और अच्छा रहा है। भारत के लिए बहुत प्यार!” यह टिप्पणी उन सैकड़ों पोस्ट में शामिल थी,जिनमें अफ्रीकी नागरिकों ने भारत की भूमिका और उसके नेतृत्व को विशेष महत्व दिया।

दूसरे यूजर मखोसाजाना जवाने-सिगुका ने लिखा, “मुझे मोदी से बहुत प्यार हो गया है। वह हमें गंभीरता से लेते हैं।” यह वाक्य सिर्फ एक सोशल मीडिया प्रतिक्रिया नहीं बल्कि उन जनता की भावना का प्रतिबिंब था,जो इस बात को महसूस कर रही थी कि भारत ने अफ्रीकी देशों को बराबर का साझेदार माना और उनके मुद्दों को गंभीरता से सुना।

जी-20 समिट के दौरान दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामफोसा ने भी पीएम मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया। दोनों नेताओं के बीच संवाद ने यह संदेश दिया कि भारत और दक्षिण अफ्रीका न केवल ऐतिहासिक रूप से जुड़े हैं,बल्कि वर्तमान भू-राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में भी एक मजबूत साझेदारी साझा करते हैं।

एक अन्य यूजर मोलाटेलो राचेकू ने पीएम मोदी को “जी20 दक्षिण अफ्रीका समिट के आधिकारिक इन्फ्लुएंसर” तक कह दिया। उनके मुताबिक, “वह यहाँ रहने के दौरान लगातार अपडेट देते रहे और टाइमलाइन पर सही कंटेंट डालते रहे। वह एक मिशन पर हैं और समझौते भी कर रहे हैं।” इस पोस्ट से साफ था कि मोदी की डिजिटल डिप्लोमैसी ने दक्षिण अफ्रीका के युवा नागरिकों के बीच काफी सकारात्मक प्रभाव छोड़ा।

टोकलोहो मोलेत्साने नाम के यूजर ने पीएम मोदी और उनकी सोशल मीडिया टीम का धन्यवाद करते हुए लिखा, “मालूमे मोदी,हम आपको धन्यवाद देना चाहते हैं कि आपने हमें जी-20 दक्षिण अफ्रीका के बारे में इतने पारदर्शी तरीके से जानकारी दी। आपने पूरी आबादी के लिए काम किया,दक्षिण अफ्रीका को सपोर्ट करने के लिए धन्यवाद।”

यहाँ “मालूमे”—जो लेसोथो और दक्षिण अफ्रीका में “अंकल” जैसे सम्मानजनक संबोधन के रूप में इस्तेमाल होता है,पीएम मोदी के लिए अपनत्व और सम्मान की भावना का प्रतीक बन गया।

समिट में पीएम मोदी ने कई प्रमुख वैश्विक नेताओं से मुलाकात की,जिनमें फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों,ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज, जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज, डब्ल्यूटीओ की डायरेक्टर-जनरल न्गोजी ओकोंजो-इवेला,इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबी अहमद अली, आईएमएफ की मैनेजिंग डायरेक्टर क्रिस्टालिना जॉर्जीवा और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी जैसी महत्वपूर्ण हस्तियाँ शामिल थीं। इन मुलाकातों में बहुपक्षीय और द्विपक्षीय मुद्दों पर चर्चा हुई,जिससे भारत की कूटनीति की सक्रिय भूमिका स्पष्ट हुई।

कई दक्षिण अफ्रीकी नागरिकों ने पीएम मोदी के पोस्ट पर सीधे प्रतिक्रियाएँ दीं,जहाँ उन्होंने भारत और दक्षिण अफ्रीका के रिश्तों की गहराई को उजागर किया। टिम मोडिस नाम के एक यूजर ने लिखा, “दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र जी-20 में शामिल होकर 1.4 बिलियन से अधिक लोगों के हितों का प्रतिनिधित्व करता है। दक्षिण अफ्रीका भारत का और दुनिया के बाकी देशों के साथ उसके अच्छे जुड़ाव का स्वागत करता है।” यह संदेश दोनों देशों के बीच सम्मानजनक और बराबरी पर आधारित रिश्ते की झलक देता है।

एक और यूजर ने दिल छू लेने वाली टिप्पणी करते हुए लिखा, “जब आप यहाँ होते हैं,तो आप घर पर होते हैं। भारत के बाहर सबसे बड़ी भारतीय आबादी दक्षिण अफ्रीका में है। दक्षिण अफ्रीका के लिए आपका सपोर्ट इंडिया के लिए सपोर्ट है।” इस टिप्पणी ने दोनों देशों के सांस्कृतिक और ऐतिहासिक संबंधों की मजबूती को दर्शाया।

जी-20 शिखर सम्मेलन में दक्षिण अफ्रीका की मेजबानी और भारत की सक्रिय भागीदारी ने न केवल दोनों देशों के कूटनीतिक संबंधों को नई ऊँचाई दी,बल्कि सोशल मीडिया पर आम जनता की सराहना से यह भी साबित हुआ कि वैश्विक मंच पर भारत की भूमिका लगातार मजबूत हो रही है। पीएम मोदी की छवि एक ऐसे लीडर की तरह उभरी,जो संवाद,सहयोग और पारदर्शिता के साथ अंतर्राष्ट्रीय संबंधों को नई दिशा देते हैं।

अफ्रीका के नागरिकों द्वारा दी गई डिजिटल सराहना इस बात का प्रमाण है कि भारत का वैश्विक प्रभाव न केवल कूटनीतिक गलियारों तक सीमित है,बल्कि यह दुनिया के आम लोगों के दिलों में भी जगह बना रहा है।