लंदन,11 जुलाई (युआईटीवी)- लॉर्ड्स क्रिकेट मैदान पर भारत और इंग्लैंड के बीच खेले जा रहे तीसरे टेस्ट मैच के पहले दिन रोमांचक क्रिकेट देखने को मिला,जहाँ इंग्लैंड ने 4 विकेट पर 251 रन बनाकर मुकाबले को संतुलित बनाए रखा। हालाँकि,पहले दिन की सबसे बड़ी चिंता इंग्लैंड के कप्तान बेन स्टोक्स की जांघ (ग्रोइन) में आई चोट रही,जिससे वह लंगड़ाते हुए मैदान में नजर आए। बावजूद इसके स्टोक्स ने नाबाद 39 रन की जुझारू पारी खेली और दिन का खेल खत्म होने तक क्रीज पर टिके रहे।
बेन स्टोक्स मैदान पर भले ही संघर्ष करते हुए दिखाई दिए हों,लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और बल्लेबाजी जारी रखी। इंग्लैंड के उपकप्तान ओली पोप ने उनकी स्थिति को लेकर चिंता जताई और कहा कि स्टोक्स का फिट रहना टीम के लिए बेहद अहम है,खासकर जब दोनों टीमें सीरीज में 1-1 की बराबरी पर हैं।
पोप ने दिन का खेल खत्म होने के बाद पत्रकारों से कहा,“हम सभी दुआ कर रहे हैं कि स्टोक्स जल्दी ठीक हो जाएँ। अगले चार दिन बहुत अहम हैं और इसके बाद दो और बड़े टेस्ट मैच बाकी हैं। ऐसे में कप्तान का पूरी तरह फिट रहना ज़रूरी है।”
उन्होंने आगे कहा,“मेरी यह जिम्मेदारी बनती है कि मैं यह देखूँ कि वह खुद को जरूरत से ज्यादा तकलीफ न दें। टीम के फिजियो और मेडिकल स्टाफ उनके साथ मिलकर रिकवरी की योजना बना रहे हैं और मैं भी कोशिश करूँगा कि उन्हें सही निर्णय लेने में सहयोग कर सकूँ।”
इस सीरीज में स्टोक्स अब तक बल्लेबाजी में अपेक्षा के अनुरूप प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। हालाँकि,लॉर्ड्स टेस्ट की पहली पारी में उनका अब तक का सर्वश्रेष्ठ स्कोर आया है। गेंदबाजी में उन्होंने कुछ अच्छे स्पैल फेंके हैं,लेकिन अब यह चोट उनकी ऑलराउंड क्षमता पर असर डाल सकती है।
फिटनेस को लेकर पहले भी स्टोक्स परेशान रहे हैं और उनकी हर टेस्ट में भूमिका महत्वपूर्ण होती है। उनकी अनुपस्थिति से इंग्लैंड का संतुलन बिगड़ सकता है, खासकर तब जब टीम पहले ही बदलावों के दौर से गुजर रही है।
पहले दिन जो रूट इंग्लैंड के सबसे सफल बल्लेबाज़ साबित हुए। उन्होंने 99 रन की शानदार पारी खेली और दिन के अंत तक नाबाद बने रहे। रूट की यह पारी कठिन परिस्थितियों में आई जब भारत के गेंदबाज़ लगातार दबाव बना रहे थे। उन्होंने संयम और तकनीकी दक्षता का अद्भुत प्रदर्शन करते हुए इंग्लैंड को संभलने का मौका दिया।
उपकप्तान ओली पोप ने भी पहली पारी में महत्वपूर्ण 44 रन बनाए,जिसमें उन्होंने 104 गेंदों का सामना किया। उन्होंने बाद में कहा कि इंग्लैंड ने आज अपने आक्रामक खेल के स्वभाव से हटकर स्थिति के अनुसार बल्लेबाज़ी की।
“हम आम तौर पर तेज़ खेलते हैं,लेकिन आज हमने परिस्थितियों को समझकर खेलने का फैसला किया। 251 का स्कोर पहले दिन के लिए अच्छा है और हमारी कोशिश रहेगी कि इसे 400 या 500 तक ले जाएँ।”
पोप ने यह भी कहा कि पिच आसान नहीं थी और भारत की गेंदबाज़ी काफी अनुशासित और सधी हुई थी। इसके बावजूद इंग्लैंड ने संयम से खेल दिखाया,जो पहले दो टेस्ट की तुलना में एक बदलाव था।
भारत की ओर से गेंदबाजों ने सधी हुई लाइन और लेंथ रखी,लेकिन ब्रेकथ्रू अपेक्षा के अनुसार नहीं मिले। शुरुआती ओवरों में कुछ स्विंग दिखी,लेकिन जैसे-जैसे दिन आगे बढ़ा,इंग्लिश बल्लेबाज़ों ने खुद को परिस्थितियों के अनुसार ढाल लिया।
जसप्रीत बुमराह और मोहम्मद सिराज ने प्रभावी गेंदबाज़ी की,वहीं रवींद्र जडेजा ने स्पिन आक्रमण को संभाला,लेकिन रूट और स्टोक्स के संयम के आगे भारत को दिन के अंत तक कोई खास सफलता नहीं मिल सकी।
इंग्लैंड की रणनीति अब अगले दिन पारी को लंबा खींचने और स्कोर को 400 या उससे ज्यादा तक पहुँचाने की होगी। जो रूट शतक के बेहद करीब हैं और अगर स्टोक्स फिट रहते हैं, तो इंग्लैंड को मजबूत बढ़त मिल सकती है।
दूसरी ओर,भारत की नजर शुरुआती सत्र में जल्दी विकेट लेने पर रहेगी,ताकि इंग्लैंड को बड़ा स्कोर बनाने से रोका जा सके।
पहले दिन की समाप्ति पर इंग्लैंड का पलड़ा थोड़ा भारी नजर आ रहा है,खासकर जो रूट की शानदार पारी और स्टोक्स के साहस के कारण। हालाँकि,स्टोक्स की चोट टीम के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है। भारत के लिए दूसरे दिन की शुरुआत निर्णायक हो सकती है। अगर भारत पहले सत्र में इंग्लैंड को समेटने में कामयाब होता है,तो मैच का रुख बदल सकता है। वहीं इंग्लैंड इस स्कोर को बड़े टोटल में बदलना चाहेगा। मुकाबला अभी खुला है और आगे का खेल बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है।
