मुंबई,19 अगस्त (युआईटीवी)- अभिनेत्री ईशा कोप्पिकर ने सोशल मीडिया पर उन्हें दिए जा रहे ‘अंधभक्त’ के टैग पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। अभिनेत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर अपने देश से प्यार करना,भारत पर विश्वास करना और उसकी तरक्की की इच्छा रखना ‘अंधभक्ति’ कहलाता है,तो वह इस पहचान को गर्व के साथ स्वीकार करने के लिए तैयार हैं। हालाँकि,उन्होंने यह भी साफ किया कि उनकी प्रतिबद्धता किसी राजनीतिक दल के प्रति नहीं,बल्कि देश और भारत के प्रति है। ईशा ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक वीडियो साझा करते हुए देशभक्ति,राष्ट्रवाद और नागरिकों की जिम्मेदारी को लेकर विस्तार से अपनी राय रखी।
अपने वीडियो में ईशा ने कहा कि अगर देश से प्रेम करना और भारत की प्रगति में विश्वास रखना भक्ति है,तो उन्हें भक्त या अंधभक्त कहे जाने से कोई आपत्ति नहीं है। उन्होंने कहा कि उनकी भक्ति किसी राजनीतिक पार्टी के लिए नहीं है,बल्कि अपने देश के लिए है। अभिनेत्री ने ‘राष्ट्र सबसे पहले’ की भावना पर जोर देते हुए कहा कि भारत के प्रति उनकी निष्ठा किसी राजनीतिक विचारधारा से नहीं जुड़ी है।
ईशा ने अपने संदेश में देशभक्ति को केवल भावनात्मक जुड़ाव तक सीमित रखने के बजाय उसे व्यवहार और जिम्मेदारी से जोड़ने की बात कही। उन्होंने कहा कि जिस जगह कोई व्यक्ति रहता है,उसे उस जगह का सम्मान करना चाहिए और उसे बेहतर बनाने में अपना योगदान भी देना चाहिए। उनके मुताबिक,केवल यह कहना कि कोई व्यक्ति अपने देश से प्यार करता है,अपने आप में देशभक्ति नहीं है। वास्तविक देशभक्ति तब दिखाई देती है,जब कोई व्यक्ति अपने काम और व्यवहार के माध्यम से देश को बेहतर बनाने की कोशिश करता है।
अभिनेत्री ने अपनी बात समझाने के लिए माता-पिता और बच्चों का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि समाज में दो तरह की सोच वाले बच्चे देखे जा सकते हैं। एक बच्चा ऐसा होता है जो अपनी पूरी जिंदगी इस बात का हिसाब लगाने में लगा रहता है कि उसके माता-पिता ने उसे क्या दिया और क्या नहीं दिया। दूसरी ओर,एक बच्चा ऐसा होता है,जो माता-पिता से मिली चीजों को केवल अपने तक सीमित नहीं रखता,बल्कि उनका उपयोग अपने माता-पिता की जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए भी करता है।
ईशा के अनुसार,इन दोनों सोच के बीच सबसे बड़ा अंतर परिस्थितियों का नहीं,बल्कि नजरिए का है। उन्होंने इसी उदाहरण को देश के संदर्भ में रखते हुए कहा कि नागरिकों को भी अपनी सोच में बदलाव लाने की जरूरत है। उनके मुताबिक,लोगों को हर समय यह सवाल नहीं करना चाहिए कि देश ने उन्हें क्या दिया,बल्कि यह भी सोचना चाहिए कि वे अपने देश के लिए क्या कर सकते हैं।
अभिनेत्री ने कहा कि हर व्यक्ति को अपने काम,सोच और व्यवहार के जरिए यह विचार करना चाहिए कि भारत को बेहतर बनाने में उसका क्या योगदान हो सकता है। उन्होंने नागरिकों से देश के विकास में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। ईशा का कहना था कि देश में बदलाव केवल सरकार या किसी एक संस्था की जिम्मेदारी नहीं है,बल्कि आम नागरिकों की सोच और प्रयास भी इसमें महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
ईशा ने अपने संदेश में कहा कि भारत बदल रहा है और अब समय आ गया है कि लोगों की सोच भी बदले। उन्होंने लोगों से नए भारत के निर्माण का हिस्सा बनने की अपील की। अभिनेत्री ने यह भी कहा कि उन्हें भक्त,अंधभक्त या राष्ट्रवादी किसी भी नाम से पुकारा जाए, वह अपने विचारों को लेकर पीछे नहीं हटेंगी। उनके मुताबिक,देश के प्रति प्रेम और भारत के भविष्य में विश्वास को वह गर्व की बात मानती हैं।
अपने वीडियो के अंत में ईशा ने भारत के प्रति अपने प्रेम को दोहराते हुए ‘जय हिंद’ कहा। अभिनेत्री ने वीडियो के साथ साझा किए गए कैप्शन में भी अपने विचारों को स्पष्ट किया। उन्होंने लिखा कि अगर भारत से प्यार करना ‘अंधभक्ति’ कहलाता है,तो वह इस पहचान को गर्व से स्वीकार करती हैं। हालाँकि,उन्होंने यह भी कहा कि इसका मतलब यह नहीं है कि वह हर चीज का समर्थन करती हैं।
ईशा ने अपने कैप्शन में स्पष्ट किया कि जो चीज उन्हें गलत लगती है,उस पर वह सवाल उठाती हैं और जो सही लगता है,उसकी तारीफ भी करती हैं। इस तरह उन्होंने अपने विचारों को किसी एक राजनीतिक पक्ष के समर्थन के बजाय देशहित से जोड़ने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि उनके लिए देश सबसे ऊपर रहेगा।
अभिनेत्री की यह टिप्पणी ऐसे समय में सामने आई है,जब सोशल मीडिया पर कलाकारों और सार्वजनिक हस्तियों के राजनीतिक और सामाजिक विचारों को लेकर लगातार बहस होती रहती है। किसी मुद्दे पर सरकार या किसी राजनीतिक दल के समर्थन में बोलने वाले कलाकारों को अक्सर अलग-अलग राजनीतिक लेबल दिए जाते हैं। इसी तरह सरकार या किसी नीति की आलोचना करने वाले कलाकारों को भी अलग-अलग विचारधाराओं से जोड़कर देखा जाता है। ईशा ने अपने वीडियो के माध्यम से इसी तरह के लेबल को लेकर अपना पक्ष सामने रखा है।
उन्होंने अपने संदेश में यह अंतर भी बताने की कोशिश की कि देश से प्रेम और किसी राजनीतिक दल का समर्थन एक ही बात नहीं है। उनका कहना है कि भारत के प्रति उनकी प्रतिबद्धता किसी पार्टी की राजनीति पर निर्भर नहीं है। उनके लिए देश सर्वोपरि है और वह देश की प्रगति में विश्वास रखती हैं।
ईशा की इस पोस्ट ने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। उनके समर्थकों के साथ-साथ उनके विचारों से असहमत लोगों के बीच भी इस बयान को लेकर चर्चा होने की संभावना है। हालाँकि,अभिनेत्री ने अपने संदेश में किसी विशेष राजनीतिक दल या नेता का नाम नहीं लिया। उन्होंने अपने पूरे वक्तव्य का केंद्र देशभक्ति,नागरिक जिम्मेदारी और भारत के प्रति विश्वास को बनाया।
ईशा कोप्पिकर लंबे समय से हिंदी और दक्षिण भारतीय फिल्मों में सक्रिय रही हैं। अभिनय के अलावा वह सोशल मीडिया के माध्यम से समय-समय पर सामाजिक और व्यक्तिगत मुद्दों पर अपनी राय भी साझा करती रही हैं। इस बार उनका संदेश पूरी तरह देशभक्ति और राष्ट्र के प्रति नागरिकों की जिम्मेदारी पर केंद्रित रहा।
उनकी ताजा पोस्ट का मूल संदेश यही है कि देश के प्रति प्रेम केवल शब्दों तक सीमित नहीं होना चाहिए। नागरिकों को अपने कार्यक्षेत्र में ईमानदारी से काम करते हुए समाज और देश को बेहतर बनाने की कोशिश करनी चाहिए। ईशा ने इसी सोच को आगे बढ़ाते हुए कहा कि लोगों को यह सोचने की जरूरत है कि देश ने उन्हें क्या दिया,इसके साथ-साथ यह भी विचार करें कि वे देश के लिए क्या कर सकते हैं।
अपने वीडियो और कैप्शन के जरिए ईशा ने साफ कर दिया कि ‘भक्त’, ‘अंधभक्त’ या ‘राष्ट्रवादी’ जैसे किसी भी लेबल से वह अपने देश के प्रति विचारों को बदलने वाली नहीं हैं। उन्होंने भारत के प्रति अपना विश्वास दोहराते हुए कहा कि वह अपने देश से प्यार करती हैं और भारत की प्रगति चाहती हैं। अंत में उन्होंने अपने संदेश को ‘जय हिंद’ के साथ समाप्त किया।
