मारुति सुजुकी

मारुति सुजुकी का मुनाफा घटा,लेकिन आय और उत्पादन में मजबूत बढ़त,वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही में मुनाफा 6.4 प्रतिशत गिरा

मुंबई,29 अप्रैल (युआईटीवी)- देश की प्रमुख ऑटोमोबाइल कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही के अपने नतीजे जारी करते हुए बताया कि कंपनी का शुद्ध मुनाफा घटकर 3,659 करोड़ रुपए रह गया है। यह आँकड़ा पिछले वर्ष की समान अवधि में दर्ज 3,911 करोड़ रुपए के मुकाबले करीब 6.4 प्रतिशत कम है। मुनाफे में आई इस गिरावट ने बाजार और निवेशकों का ध्यान खींचा है,हालाँकि,कंपनी की आय और उत्पादन के आँकड़े मजबूत वृद्धि का संकेत देते हैं।

कंपनी द्वारा एक्सचेंज को दी गई जानकारी के अनुसार,वित्त वर्ष 2026 की चौथी तिमाही में उसकी कुल आय सालाना आधार पर 28 प्रतिशत बढ़कर 52,462.5 करोड़ रुपए हो गई। पिछले वर्ष इसी अवधि में कंपनी की आय 40,920 करोड़ रुपए थी। तिमाही आधार पर भी कंपनी की आय में लगभग 5 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है,जो दिसंबर तिमाही के 49,904 करोड़ रुपए से बढ़कर वर्तमान स्तर तक पहुँची है। यह वृद्धि दर्शाती है कि कंपनी की बिक्री और बाजार में माँग मजबूत बनी हुई है।

पूरे वित्त वर्ष 2026 की बात करें तो कंपनी का कंसोलिडेटेड कर के बाद मुनाफा 14,619 करोड़ रुपए रहा,जो पिछले वित्त वर्ष के 14,500.2 करोड़ रुपए की तुलना में मामूली 0.8 प्रतिशत अधिक है। हालाँकि,यह बढ़ोतरी बहुत बड़ी नहीं है,लेकिन स्थिरता का संकेत देती है। वहीं कंपनी की कुल आय में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी की आय 20 प्रतिशत बढ़कर 1,83,316 करोड़ रुपए तक पहुँच गई,जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह 1,52,913 करोड़ रुपए थी।

कंपनी की वित्तीय स्थिति भी इस दौरान मजबूत हुई है। 31 मार्च 2026 तक कंपनी की कुल संपत्ति बढ़कर 1,48,881 करोड़ रुपए हो गई,जो एक वर्ष पहले 1,31,016 करोड़ रुपए थी। इसके अलावा कंपनी की गैर-चालू संपत्ति भी 1,09,923.6 करोड़ रुपए दर्ज की गई,जो इसके दीर्घकालिक निवेश और विस्तार योजनाओं को दर्शाती है। ये आँकड़े बताते हैं कि कंपनी अपने बुनियादी ढाँचे और भविष्य की योजनाओं में लगातार निवेश कर रही है।

मारुति सुजुकी ने अपने शेयरधारकों को भी राहत देने की कोशिश की है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2026 के लिए 140 रुपए प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड घोषित किया है,जो पिछले वर्ष के 135 रुपए प्रति शेयर से अधिक है। यह कदम निवेशकों के भरोसे को बनाए रखने और उन्हें बेहतर रिटर्न देने की दिशा में सकारात्मक माना जा रहा है।

उत्पादन के मोर्चे पर भी कंपनी ने उल्लेखनीय प्रदर्शन किया है। वित्त वर्ष 2026 में कंपनी ने 23.4 लाख यूनिट का वार्षिक उत्पादन दर्ज किया,जो उसके मजबूत विनिर्माण क्षमता और बाजार में बढ़ती माँग का संकेत है। भारत में यात्री वाहनों की बढ़ती माँग और कंपनी के व्यापक डीलर नेटवर्क ने इस वृद्धि में अहम भूमिका निभाई है।

हालाँकि,मुनाफे में गिरावट का असर शेयर बाजार पर भी देखने को मिला। नतीजों की घोषणा के बाद मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के शेयर में कमजोरी दर्ज की गई। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर कंपनी का शेयर 2.51 प्रतिशत गिरकर 12,890 रुपए पर बंद हुआ। निवेशकों ने मुनाफे में आई कमी को लेकर सतर्क रुख अपनाया,जिससे शेयर पर दबाव बना रहा।

विश्लेषकों का मानना है कि कंपनी की आय में वृद्धि के बावजूद मुनाफे में कमी के पीछे कई कारण हो सकते हैं। इसमें कच्चे माल की बढ़ती लागत,परिचालन खर्च में वृद्धि और प्रतिस्पर्धा का बढ़ता दबाव शामिल हो सकता है। इसके अलावा,इलेक्ट्रिक वाहनों और नई तकनीकों में निवेश भी कंपनी के मार्जिन को प्रभावित कर सकता है।

फिर भी,कंपनी के कुल प्रदर्शन को संतुलित नजरिए से देखा जा रहा है। आय,उत्पादन और संपत्ति में वृद्धि यह दर्शाती है कि कंपनी दीर्घकालिक विकास की दिशा में आगे बढ़ रही है। वहीं,डिविडेंड में वृद्धि और मजबूत बिक्री के आँकड़े निवेशकों के लिए सकारात्मक संकेत हैं।

मारुति सुजुकी का यह वित्तीय परिणाम मिश्रित रहा है। एक ओर मुनाफे में गिरावट चिंता का विषय है,तो दूसरी ओर आय और उत्पादन में बढ़त कंपनी की मजबूती को दर्शाती है। आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कंपनी लागत नियंत्रण और नए बाजार अवसरों के जरिए अपने मुनाफे को कैसे बेहतर बनाती है।