हरारे,16 सितंबर (युआईटीवी)- ऑस्ट्रेलिया ने हरारे स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए तीन मैचों की वनडे सीरीज के पहले मुकाबले में जिम्बाब्वे को 59 रन से शिकस्त देकर सीरीज में 1-0 की बढ़त हासिल कर ली है। टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी ऑस्ट्रेलियाई टीम ने निर्धारित 50 ओवर में आठ विकेट गंवाकर 294 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया। इसके जवाब में जिम्बाब्वे की पूरी टीम 45.1 ओवर में 235 रन पर सिमट गई। ऑस्ट्रेलिया की जीत में मैट रेनेशॉ के शानदार शतक और नाथन एलिस की प्रभावी गेंदबाजी की अहम भूमिका रही। दोनों टीमों के बीच सीरीज का दूसरा वनडे 18 सितंबर और तीसरा मुकाबला 20 सितंबर को खेला जाएगा।
ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत हालाँकि,उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। पारी के महज 10 रन के स्कोर पर टीम ने ट्रेविस हेड का विकेट गंवा दिया। हेड केवल चार रन बनाकर पवेलियन लौटे। इसके बाद कप्तान मिचेल मार्श ने कूपर कोनोली के साथ पारी को सँभालने की कोशिश की। दोनों बल्लेबाजों ने दूसरे विकेट के लिए 50 रन की साझेदारी की और टीम को शुरुआती झटके से उबारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
मिचेल मार्श ने आक्रामक अंदाज में बल्लेबाजी करते हुए 28 गेंदों में छह चौकों और एक छक्के की मदद से 36 रन बनाए। उनकी पारी ने ऑस्ट्रेलिया के स्कोर को तेजी से आगे बढ़ाया, लेकिन वह ज्यादा देर तक क्रीज पर नहीं टिक सके। उनके आउट होने के बाद जोश इंगलिस बल्लेबाजी के लिए आए,मगर वह भी टीम के स्कोर में केवल चार रन जोड़ सके। इस दौरान ऑस्ट्रेलिया ने लगातार विकेट गंवाए और एक समय ऐसा लगा कि टीम बड़ा स्कोर बनाने में संघर्ष कर सकती है।
हालांकि कूपर कोनोली ने धैर्य के साथ बल्लेबाजी करते हुए अर्धशतक पूरा किया। उन्होंने 51 रन की पारी खेलकर टीम को सँभालने का प्रयास किया। ऑस्ट्रेलिया का चौथा विकेट 107 रन के स्कोर पर गिरा,जिसके बाद मैट रेनेशॉ ने पारी की जिम्मेदारी अपने कंधों पर ले ली। उन्होंने एलेक्स कैरी के साथ पाँचवें विकेट के लिए 72 रन की महत्वपूर्ण साझेदारी की। इस साझेदारी ने ऑस्ट्रेलियाई पारी को दोबारा मजबूती दी और टीम को बड़े स्कोर की दिशा में आगे बढ़ाया।
एलेक्स कैरी ने 27 रन बनाए,लेकिन उनके आउट होने के बाद भी रेनेशॉ ने आक्रामक बल्लेबाजी जारी रखी। उन्होंने ओलिवर पीक के साथ छठे विकेट के लिए 75 रन जोड़कर ऑस्ट्रेलिया के स्कोर को 250 रन के पार पहुँचाने में अहम योगदान दिया। रेनेशॉ ने 94 गेंदों का सामना करते हुए तीन छक्कों और सात चौकों की मदद से 109 रन की शानदार पारी खेली। यह उनके वनडे करियर का पहला शतक रहा। उनकी इस पारी ने ऑस्ट्रेलिया को उस समय मजबूती दी,जब टीम लगातार विकेट खो रही थी। ओलिवर पीक ने भी 30 रन बनाकर उनका अच्छा साथ दिया।
जिम्बाब्वे की ओर से न्यूमैन न्याम्हुरी सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने नौ ओवर में 62 रन देकर पांच विकेट अपने नाम किए। उनकी गेंदबाजी ने ऑस्ट्रेलिया के मध्यक्रम पर दबाव बनाए रखा और लगातार विकेट निकालकर टीम को बड़े अंतर से रोकने की कोशिश की। ब्रैड इवांस ने दो विकेट लिए,जबकि कप्तान सिकंदर रजा को एक सफलता मिली। इसके बावजूद ऑस्ट्रेलिया अंतिम ओवरों में जरूरी रन जुटाने में सफल रहा और 294 रन का चुनौतीपूर्ण लक्ष्य जिम्बाब्वे के सामने रखा।
लक्ष्य का पीछा करने उतरी जिम्बाब्वे की शुरुआत बेहद खराब रही। टीम ने केवल एक रन के स्कोर पर बेन करन का विकेट गंवा दिया। वह बिना खाता खोले आउट हुए। इसके बाद ब्रायन बेनेट ने इनोसेंट काइया के साथ पारी को सँभालने की कोशिश की। दोनों ने दूसरे विकेट के लिए 44 रन जोड़े,लेकिन साझेदारी टूटते ही जिम्बाब्वे की पारी लड़खड़ा गई। टीम ने 62 रन तक पहुँचते-पहुँचते अपने चार विकेट गंवा दिए थे।
इस मुश्किल स्थिति में क्रेग इर्विन और कप्तान सिकंदर रजा ने जिम्बाब्वे की उम्मीदें फिर से जगा दीं। दोनों बल्लेबाजों ने पाँचवें विकेट के लिए 98 रन की शानदार साझेदारी की। इर्विन ने संयम के साथ बल्लेबाजी की और 60 गेंदों में 59 रन बनाए। उनकी पारी में टीम को संकट से बाहर निकालने की क्षमता नजर आई। कप्तान सिकंदर रजा ने भी उनका अच्छा साथ दिया और 57 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली।
दोनों के बीच हुई साझेदारी ने कुछ समय के लिए मुकाबले को रोमांचक बना दिया था। जिम्बाब्वे एक समय लक्ष्य की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा था,लेकिन ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने महत्वपूर्ण साझेदारी टूटने के बाद दबाव बढ़ा दिया। इर्विन के आउट होने के बाद जिम्बाब्वे के बल्लेबाज ज्यादा देर तक ऑस्ट्रेलियाई आक्रमण का सामना नहीं कर सके। सिकंदर रजा के पवेलियन लौटते ही टीम की उम्मीदों को बड़ा झटका लगा और विकेट लगातार गिरते चले गए।
वेस्ली मधेवेरे ने 22 रन का योगदान दिया,लेकिन वह भी टीम को जीत के करीब नहीं पहुँचा सके। जिम्बाब्वे की पूरी टीम 45.1 ओवर में 235 रन पर ऑलआउट हो गई। इस तरह ऑस्ट्रेलिया ने मुकाबला 59 रन से अपने नाम कर लिया। जिम्बाब्वे के बल्लेबाजों ने बीच के ओवरों में वापसी की कोशिश जरूर की,लेकिन ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों ने महत्वपूर्ण मौकों पर विकेट निकालकर मैच पर अपनी पकड़ बनाए रखी।
ऑस्ट्रेलिया की ओर से नाथन एलिस सबसे सफल गेंदबाज रहे। उन्होंने 31 रन देकर पाँच विकेट झटके और जिम्बाब्वे की पारी को समेटने में निर्णायक भूमिका निभाई। उनके अलावा स्पेंसर जॉनसन, जैवियर बार्टलेट, मैट रेनेशॉ, एडम जांपा और कूपर कोनोली ने एक-एक विकेट हासिल किया। रेनेशॉ ने पहले बल्ले से शतक लगाने के बाद गेंद से भी योगदान दिया, जिससे उनका ऑलराउंड प्रदर्शन ऑस्ट्रेलिया के लिए खास रहा।
इस जीत के साथ ऑस्ट्रेलिया ने तीन मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। पहले मुकाबले में टीम को शुरुआती झटकों के बावजूद रेनेशॉ की शतकीय पारी ने सँभाला और बाद में एलिस की शानदार गेंदबाजी ने जिम्बाब्वे की चुनौती को समाप्त कर दिया। अब दोनों टीमों की नजरें 18 सितंबर को होने वाले दूसरे वनडे पर होंगी,जहाँ जिम्बाब्वे सीरीज में वापसी करने की कोशिश करेगा,जबकि ऑस्ट्रेलिया अपनी बढ़त को मजबूत करना चाहेगा।
