वाशिंगटन,2 अगस्त (युआईटीवी)- मॉस्को में वनुकोवो हवाई अड्डे पर गुरुवार रात को राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने विदेशों में बंदी रहे रूसी नागरिकों से मुलाकात की। कैदियों की अदला-बदली के बाद ये लोग स्वदेश लौटे हैं।
रूस और अमेरिका के बीच 26 कैदियों की अदला-बदली हुई है। कैदियों की यह अदला-बदली तुर्की के अंकारा एयरपोर्ट में हुई। रूस और अमेरिका के बीच सोवियत संघ के विघटन के बाद यह इतिहास में सबसे बड़ी अदला-बदली है।
उन्हें राष्ट्रपति पुतिन ने शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि सरकारी पुरस्कारों के लिए उनके नामों को नामित किया जाएगा।
हवाई अड्डे पर उन सब से बात करते हुए राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा कि,आप सभी को मैं सबसे पहले अपने देश वापसी पर बधाई देना चाहता हूँ। मैं अब सीधे तौर पर सैन्य सेवा में शामिल लोगों से बात करना चाहता हूँ।
मैं आप सभी को आपके शपथ,अपने कर्तव्य और आपकी मातृभूमि के प्रति निष्ठा के लिए आपको धन्यवाद देना चाहता हूँ,जिसने आपको एक मिनट के लिए भी नहीं भुलाया।
रक्षा मंत्री आंद्रेई बेलौसोव,संघीय सुरक्षा सेवा के निदेशक अलेक्जेंडर बोर्तनिकोव तथा विदेशी खुफिया सेवा के निदेशक सर्गेई नारिश्किन भी इस बैठक में शामिल हुए।
अमेरिका,रूस,जर्मनी,पोलैंड,नॉर्वे,बेलारूस तथा स्लोवेनिया भी तुर्की की मध्यस्थता से हुए कैदी के अदला-बदली समझौते में शामिल हुए थे।
अदला-बदली में रिहा हुए कैदियों में रूसी कैदी वादिम क्रासिकोव को सबसे प्रमुख बताया माना जा रहा है। बर्लिन में साल 2019 में पूर्व चेचन अलगाववादी नेता ज़ेलिमखान खांगोशविली की हत्या के लिए रूसी कैदी वादिम क्रासिकोव को जर्मनी में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी।
जर्मनी की सरकार वादिम क्रासिकोव को रिहा करने के लिए तैयार नहीं थी। खबरों के अनुसार,अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इस मामले में सीधे दखल दिया और जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज को फोन कर बात किया ।
