नई दिल्ली/मेरठ,10 जनवरी (युआईटीवी)- उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में एक दलित महिला की निर्मम हत्या और उसकी बेटी के अपहरण की घटना ने पूरे राज्य की कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस दिल दहला देने वाली घटना के बाद विपक्षी दलों ने योगी आदित्यनाथ सरकार पर तीखा हमला बोला है और प्रदेश को अराजकता की ओर धकेले जाने का आरोप लगाया है। मामला सामने आने के बाद न सिर्फ इलाके में आक्रोश फैल गया है,बल्कि राजनीतिक बयानबाजी भी तेज हो गई है।
घटना मेरठ जिले के कपसाड़ गाँव की बताई जा रही है,जहाँ एक दलित महिला अपनी 20 वर्षीय बेटी के साथ खेत जाने के लिए घर से निकली थी। आरोप है कि रास्ते में गाँव के ही कुछ दबंग युवकों ने लड़की को जबरन अगवा करने की कोशिश की। जब माँ ने इसका विरोध किया और अपनी बेटी को बचाने की कोशिश की,तो आरोपियों ने उस पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल महिला को अस्पताल ले जाया गया,जहाँ इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं, आरोपी बेटी को अगवा कर फरार हो गए। घटना को लगभग 48 घंटे बीत जाने के बाद भी न तो लड़की का कोई सुराग लग सका है और न ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जा सका है।
इस मामले को लेकर कांग्रेस नेता उदित राज ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर उत्तर प्रदेश सरकार को कठघरे में खड़ा किया है। उन्होंने अपने पोस्ट में लिखा कि मेरठ के कपसाड़ गाँव में एक दलित महिला अपनी बेटी के साथ खेत जा रही थी,तभी गुंडों ने बेटी का अपहरण करने की कोशिश की। माँ ने विरोध किया तो उसकी हत्या कर दी गई और बेटी को उठा ले जाया गया। उदित राज ने सवाल उठाया कि घटना के 48 घंटे बाद भी प्रशासन खाली हाथ क्यों है। उन्होंने प्रदेश में दलितों के खिलाफ बढ़ती हिंसा पर चिंता जताते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में दलित उत्पीड़न की घटनाएँ लगातार बढ़ रही हैं।
कांग्रेस नेता ने सरकार की ‘बुलडोजर कार्रवाई’ पर भी सवाल उठाते हुए तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि क्या इस मामले में आरोपियों और उनके रिश्तेदारों के घरों पर बुलडोजर चला? उन्होंने यह भी कहा कि हिंदू राष्ट्र अभी बना भी नहीं है,लेकिन उसके पहले ही ऐसी घटनाएँ उसकी झलक दिखा रही हैं। उदित राज के इस बयान के बाद सियासी माहौल और गर्म हो गया है।
समाजवादी पार्टी ने भी इस घटना को लेकर सरकार पर जोरदार हमला बोला है। सपा नेता योगेश वर्मा ने कहा कि यह घटना बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली है। उनके मुताबिक,इस वारदात ने जिले के पूरे दलित समुदाय को हिला कर रख दिया है। उन्होंने कहा कि ऐसे क्रूर और अमानवीय अपराधों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए और सरकार को जिम्मेदार लोगों को कड़ी सजा दिलानी चाहिए। योगेश वर्मा ने आरोप लगाया कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है और अपराधियों के हौसले बुलंद हैं।
सपा नेता ने यह भी कहा कि इस तरह की अराजकता को हर हाल में रोका जाना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि अब तक प्रशासन बुलडोजर लेकर आरोपियों के घरों तक क्यों नहीं पहुँचा। उनका कहना था कि अगर सरकार वास्तव में अपराध के खिलाफ सख्त है,तो इस मामले में तुरंत और कठोर कार्रवाई दिखनी चाहिए थी।
वहीं,पुलिस की ओर से बताया गया है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जाँच तेज कर दी गई है। मेरठ पुलिस के अनुसार,कपसाड़ गाँव में अपराधियों ने 20 साल की युवती का अपहरण किया था। इस दौरान उसकी 50 वर्षीय माँ ने बहादुरी दिखाते हुए बेटी को बचाने की कोशिश की,लेकिन आरोपियों ने उस पर धारदार हथियार से हमला कर दिया। घायल अवस्था में महिला को अस्पताल ले जाया गया,जहाँ उसकी मौत हो गई।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों की पहचान पारस सोम और सुनील कुमार के रूप में हुई है,जो उसी गाँव के रहने वाले बताए जा रहे हैं। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की गिरफ्तारी और अगवा की गई लड़की की बरामदगी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। आसपास के इलाकों में तलाशी अभियान चलाया जा रहा है और संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।
इस घटना के बाद कपसाड़ गाँव और आसपास के क्षेत्रों में भारी तनाव का माहौल है। दलित समुदाय में गुस्सा और डर दोनों साफ तौर पर देखे जा सकते हैं। लोग आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने की माँग कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर समय रहते सख्त कदम नहीं उठाए गए,तो हालात और बिगड़ सकते हैं।
मेरठ की यह घटना एक बार फिर उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर बहस छेड़ चुकी है। विपक्ष इसे सरकार की विफलता बता रहा है,जबकि प्रशासन अपराधियों को पकड़ने का दावा कर रहा है। अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि पुलिस कब तक आरोपियों को गिरफ्तार कर पाती है और अगवा की गई बेटी को सुरक्षित वापस लाया जा सकता है या नहीं। यह मामला न सिर्फ एक परिवार की त्रासदी है,बल्कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था की सच्चाई को भी उजागर करता है।
