नई दिल्ली,16 सितंबर (युआईटीवी)- कांग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी हिमाचल प्रदेश के 2 दो दिवसीय दौरे से लौट आई हियँ। हिमाचल प्रदेश में बारिश और बाढ़ से जो भी नुकसान हुआ वह सब देखते हुए प्रियंका गाँधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से हिमाचल में आई तबाही को प्राकृतिक आपदा घोषित करने का आग्रह किया है। हिमाचल में बारिश,बाढ़ और भूस्खलन ने तबाही मचा दिया,जिससे वहाँ के हालात बहुत खराब हो गए हैं।
12 और 13 सितंबर के दो दिवसीय हिमाचल के दौरे के दौरान प्रियंका गाँधी कुल्लू ,मनाली, शिमला,सोलन और अन्य कई जिलों का निरीक्षण किया। वहाँ के लोगों से उन्होंने उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली। साथ ही जो भी राहत अभियान राज्य सरकार द्वारा चलाए जा रहे हैं,उसका भी अवलोकन किया।
हिमाचल से लौटने के पश्चात वहाँ की त्रासदी के बारे में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अवगत कराते हुए उन्होंने पत्र में लिखकर कहा कि, ” हिमाचल में आई बाढ़ और भूस्खलन ने लोगों के कई चीजें नष्ट कर दी हैं। वहाँ मची तबाही के मंजर को देख कर बहुत दुख हुआ।”
प्रियंका गाँधी ने पत्र के माध्यम से कहा कि हिमाचल देवभूमि होने के साथ-साथ सच्चे सरल और मेहनती लोगों का प्रदेश है। हिमाचल के किसान,महिलाएँ,कर्मचारी,युवा और कारोबारी बहुत ही परिश्रमी और स्वाभिमानी हैं।आज की तारीख में वे लोग अभूतपूर्व संकट का सामना कर रहे हैं। पिछले कई महीनों से हिमाचल प्रदेश बाढ़ और भूस्खलन की चपेट में रहा है। जिसके कारण आपदा में 400 से ज्यादा जाने जा चुके हैं। इस तबाही में 428 लोगों ने जान गँवा दी है। कुछ लोग तो ऐसे भी हैं,जिनके परिवार के सभी सदस्य इस त्रासदी में मर चुके हैं। भूस्खलन की घटना शिमला के एक शिव मंदिर में घटित हुई थी।जहाँ सावन के आखिरी सोमवार के अवसर पर लोग पूजा करने आए थे। उसमें बच्चे भी शामिल थे। बच्चे भी मृतकों की सूची में शामिल हैं। साथ ही प्रियंका गाँधी ने कहा इस आपदा के मुद्दे को वे संसद में उठाएँगी।
प्रियंका गाँधी ने शिमला,कुल्लू,मनाली और मंडी के लोगों से हुई बातचीत के आधार पर बताया कि,इस तबाही में पशु-पक्षी भी बहुत अधिक संख्या में मारे गए हैं,जिनकी संख्या 16,000 तक होंगी। उसमें 6,000 से अधिक दुधारू पशु होंगे,तो 10,000 के आसपास पोल्ट्री फार्म की पक्षियाँ भी शामिल होंगी।
आगे उन्होंने पत्र के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ध्यान हिमाचल प्रदेश की ओर खींचते हुए बताया है कि हिमाचल प्रदेश में आई बाढ़ ने तबाही मचा दी है। जिससे वहाँ सब कुछ तहस-नहस हो गया है। हिमाचल राज्य में कुछ लोगों के घर पूरी तरह से ध्वस्त हो गए हैं,तो कुछ लोगों के आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गए हैं। अगर घरों के नुकसान के आँकड़ों की बात की जाए,तो 13 हजार से अधिक घर ऐसे होंगे जो पूरी तरह से या आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके साथ ही शिमला-परवाणु जोड़ने वाला राष्ट्रीय राजमार्ग,कुल्लू -मनाली-लेह राष्ट्रीय राजमार्ग भी क्षतिग्रस्त हो गया है। इसके अलावा राज्य की कई सड़कें भी ऐसी हैं ,जो टूट गए हैं। इससे हजारों करोड़ के नुकसान की मार हिमाचल प्रदेश राज्य झेल रहा है।
प्रियंका गाँधी आगे बताती है कि इस त्रासदी से हुए विनाश से निपटने के लिए राज्य सरकार सुचारू रूप से काम कर रही है।अपना पूरा सामर्थ्य लगा रही है। वहाँ के लोग भी इसमें राज्य सरकार का पूरा सहयोग कर रहे हैं।लोग राहत कार्यों में मदद करने के लिए स्वयं पैसे इकट्ठे कर रहे हैं। तो बहुत से लोग ऐसे भी हैं,जो श्रमदान कर रहे हैं।
कांग्रेस महासचिव ने कहा कि इस आपदा से जूझ रहे लोगों को केंद्र से बहुत उम्मीदें थी। लेकिन केंद्र सरकार ने सेबों के आयात शुल्क कम कर दिया,जिसने वहाँ के सेब उत्पादकों के लिए एक और समस्या बढ़ा दी है।
प्रियंका गांधी ने इस आपदा को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने की माँग करते हुए प्रधानमंत्री मोदी से कहा कि यह आपदा 2013 में घटित हुई केदारनाथ त्रासदी की भाँति ही विनाशकारी और प्रलयकारी था। अतः आपसे निवेदन है कि इस आपदा को भी राष्ट्रीय आपदा घोषित कर दें। जिससे हिमाचल राज्य के लोग राहत की सांस ले सके और राज्य का फिर से विकास कर सके। उन्होंने कहा कि हिमाचल के साथ आज पूरा देश है ,आपसे भी पूरी उम्मीद है कि हिमाचल के लोगों की मदद के लिए आप उचित कदम उठाएँगे ।
लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से अभी तक किसी भी प्रकार की राहत की घोषणा नहीं की गई है और ना ही उन्होंने किसी प्रकार की कोई प्रतिक्रिया दी है।
