मुंबई,18 जुलाई (युआईटीवी)- देश की सबसे बड़ी निजी क्षेत्र की कंपनियों में शामिल रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजों में मजबूत कारोबारी प्रदर्शन दर्ज किया है। कंपनी ने शुक्रवार को जारी अपने वित्तीय परिणामों में बताया कि उसका समेकित राजस्व सालाना आधार पर 25 प्रतिशत बढ़कर 3.11 लाख करोड़ रुपये पहुँच गया है। यह वृद्धि मुख्य रूप से ऑयल-टू-केमिकल्स कारोबार,रिलायंस रिटेल और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में दोहरे अंकों की मजबूत प्रगति के कारण संभव हुई। हालाँकिकंपनी का समेकित शुद्ध लाभ पिछले वर्ष की समान तिमाही की तुलना में 22 प्रतिशत घटकर 20,946 करोड़ रुपये रहा। कंपनी ने स्पष्ट किया कि लाभ में आई यह गिरावट परिचालन प्रदर्शन की कमजोरी के कारण नहीं,बल्कि पिछले वर्ष मिले एकमुश्त लाभ के इस बार उपलब्ध नहीं होने की वजह से दर्ज की गई।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के अनुसार,पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में कंपनी को एशियन पेंट्स में अपनी हिस्सेदारी बेचने से एक बड़ा एकमुश्त लाभ प्राप्त हुआ था। उसी कारण उस अवधि में कंपनी का शुद्ध लाभ बढ़कर 26,994 करोड़ रुपये पहुँच गया था। चूंकि इस बार ऐसा कोई असाधारण लाभ नहीं मिला,इसलिए शुद्ध लाभ में सालाना आधार पर गिरावट दिखाई दी। कंपनी का कहना है कि यदि उस एकमुश्त लाभ को अलग रखा जाए तो मौजूदा तिमाही का परिचालन प्रदर्शन काफी मजबूत रहा है।
कंपनी द्वारा जारी बयान के अनुसार,तिमाही के दौरान उसका ईबीआईटीडीए यानी ब्याज, कर,मूल्यह्रास और परिशोधन से पहले की आय सालाना आधार पर 10 प्रतिशत बढ़कर 54,067 करोड़ रुपये हो गई। विश्लेषकों का मानना है कि यह प्रदर्शन बाजार की अपेक्षाओं से बेहतर रहा है। इसका सबसे बड़ा कारण ऑयल-टू-केमिकल्स कारोबार में सुधार,रिलायंस रिटेल की निरंतर वृद्धि और डिजिटल सेवाओं के क्षेत्र में मजबूत विस्तार रहा।
रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने तिमाही परिणामों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कंपनी ने नए वित्त वर्ष की शुरुआत बेहद मजबूत तरीके से की है। उन्होंने कहा कि रिलायंस के सभी प्रमुख कारोबारों ने शानदार परिचालन प्रदर्शन किया है और कंपनी का विविधीकृत कारोबारी मॉडल एक बार फिर अपनी मजबूती साबित करने में सफल रहा है। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर जारी भू-राजनीतिक तनाव और कमोडिटी बाजार में लगातार उतार-चढ़ाव जैसी चुनौतियों के बावजूद कंपनी ने स्थिर प्रदर्शन बनाए रखा और सभी प्रमुख क्षेत्रों में सकारात्मक वृद्धि दर्ज की।
मुकेश अंबानी ने विशेष रूप से डिजिटल सेवाओं के कारोबार की सराहना करते हुए कहा कि जियो ने इस तिमाही में भी अपनी मजबूत विकास गति को कायम रखा। उन्होंने बताया कि मोबाइल सेवाओं,होम ब्रॉडबैंड और एंटरप्राइज सेवाओं में बेहतर प्रदर्शन के कारण जियो की आय में सालाना आधार पर 15 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। कंपनी का मानना है कि बढ़ती डिजिटल माँग और ग्राहकों की संख्या में लगातार वृद्धि से आने वाले समय में भी यह कारोबार मजबूत बना रहेगा।
तिमाही के दौरान जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड ने भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड के पास अपना ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस दाखिल किया। इसे कंपनी की संभावित प्रारंभिक सार्वजनिक पेशकश यानी आईपीओ की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ आता है,तो यह भारतीय पूँजी बाजार की सबसे बड़ी सार्वजनिक पेशकशों में शामिल हो सकता है। हालाँकि,कंपनी की ओर से फिलहाल आईपीओ की समय-सीमा को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।
रिलायंस रिटेल ने भी पहली तिमाही में मजबूत प्रदर्शन किया। कंपनी के अनुसार,सभी उपभोक्ता श्रेणियों और विभिन्न बिक्री चैनलों में स्थिर मांग के कारण कारोबार में अच्छी वृद्धि देखने को मिली। संगठित खुदरा बाजार में कंपनी ने अपनी मजबूत उपस्थिति बनाए रखी और ग्राहकों की बढ़ती संख्या का लाभ उठाया। कंपनी का कहना है कि ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों में बिक्री बढ़ने से कुल कारोबार को मजबूती मिली।
मुकेश अंबानी ने बताया कि कंपनी का एफएमसीजी कारोबार भी तेजी से विस्तार कर रहा है। रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लिमिटेड के विभिन्न ब्रांड देशभर के उपभोक्ताओं के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस कारोबार का राजस्व पिछले वर्ष की तुलना में दोगुने से भी अधिक हो गया है। कंपनी का लक्ष्य आने वाले वर्षों में उपभोक्ता उत्पादों के क्षेत्र में अपनी हिस्सेदारी और मजबूत करना है। इसके लिए नए उत्पादों की शुरुआत और वितरण नेटवर्क के विस्तार पर लगातार काम किया जा रहा है।
ऑयल-टू-केमिकल्स कारोबार ने भी इस तिमाही में कंपनी की वृद्धि में महत्वपूर्ण योगदान दिया। मुकेश अंबानी ने कहा कि इस क्षेत्र को मिडिल डिस्टिलेट्स में रिकॉर्ड स्तर के मार्जिन और डाउनस्ट्रीम पेट्रोकेमिकल्स के बेहतर प्रदर्शन का लाभ मिला। वैश्विक ऊर्जा बाजार में आपूर्ति श्रृंखला से जुड़ी चुनौतियों के बावजूद कंपनी ने अपने परिचालन को प्रभावी ढंग से संचालित किया और घरेलू बाजार में ईंधन तथा अन्य आवश्यक उत्पादों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की।
उन्होंने कहा कि कंपनी की परिचालन दक्षता और मजबूत आपूर्ति श्रृंखला प्रबंधन के कारण वैश्विक परिस्थितियों का असर कारोबार पर सीमित रहा। रिलायंस ने लगातार बदलते बाजार माहौल के अनुसार अपने संचालन में लचीलापन दिखाया और उत्पादन से लेकर वितरण तक सभी स्तरों पर बेहतर समन्वय बनाए रखा। यही कारण रहा कि कंपनी ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद मजबूत वित्तीय परिणाम दर्ज किए।
विशेषज्ञों का मानना है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज का विविधीकृत कारोबारी मॉडल उसकी सबसे बड़ी ताकत बना हुआ है। ऊर्जा,पेट्रोकेमिकल्स,दूरसंचार,डिजिटल सेवाओं, खुदरा कारोबार और उपभोक्ता उत्पादों जैसे कई क्षेत्रों में मौजूदगी होने के कारण कंपनी किसी एक क्षेत्र में आने वाली चुनौतियों की भरपाई दूसरे क्षेत्रों की वृद्धि से करने में सक्षम रहती है। यही कारण है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितताओं के बीच भी कंपनी लगातार स्थिर प्रदर्शन कर रही है।
कंपनी के तिमाही परिणाम यह भी संकेत देते हैं कि डिजिटल और खुदरा कारोबार अब रिलायंस की भविष्य की विकास रणनीति के प्रमुख स्तंभ बन चुके हैं। जियो की बढ़ती ग्राहक संख्या,डिजिटल सेवाओं का विस्तार,खुदरा कारोबार में मजबूत माँग और उपभोक्ता उत्पादों के क्षेत्र में तेजी से बढ़ती हिस्सेदारी कंपनी को नए विकास अवसर प्रदान कर रही है। वहीं पारंपरिक ऑयल-टू-केमिकल्स कारोबार भी बेहतर मार्जिन और परिचालन दक्षता के दम पर मजबूत बना हुआ है।
वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के नतीजे यह दर्शाते हैं कि रिलायंस इंडस्ट्रीज ने चुनौतीपूर्ण वैश्विक आर्थिक माहौल के बावजूद अपने कारोबार को मजबूती के साथ आगे बढ़ाया है। राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि, परिचालन स्तर पर बेहतर प्रदर्शन और विभिन्न कारोबारों में संतुलित विकास यह संकेत देते हैं कि कंपनी आने वाली तिमाहियों में भी अपनी विकास यात्रा जारी रखने की स्थिति में है। हालाँकि,शुद्ध लाभ में दर्ज गिरावट पहली नजर में महत्वपूर्ण दिखाई देती है,लेकिन कंपनी ने स्पष्ट किया है कि इसका प्रमुख कारण पिछले वर्ष मिला एकमुश्त लाभ था,न कि कारोबार में किसी प्रकार की कमजोरी। ऐसे में निवेशकों और बाजार विश्लेषकों की नजर अब आने वाली तिमाहियों में कंपनी के प्रदर्शन और जियो प्लेटफॉर्म्स के संभावित आईपीओ से जुड़े अगले कदमों पर बनी रहेगी।
